भिवानी : इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि कार्यकर्ता उन्हें जाने से भी प्यारे हैं। और कार्यकर्ताओं के लिए लडऩा जहां उन्होंने जननायक चौधरी देवीलाल के आत्मकथा में पढ़ा है वहीं उन्होंने अपने दादा चौ. औम प्रकाश चौटाला व पिता डा. अजय सिंह चौटाला से सीखा है। दिग्विजय ने कहा कि डा. अजय सिंह चौटाला ने हमेशा कार्यकर्ताओं को गले से लगाया है और उनके कामों को एक कलम से करने का काम किया है। चौटाला ने कहा कि राजनीति के अंदर जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए आप किसी को बाध्य नहीं कर सकते और ना ही किसी को जिंदाबाद बोलने के लिए खरीद सकते हैं।

जिंदाबाद के नारे केवल उन लोगों के लगते हैं जो जनता के दिलों में बसते हैं ओर जनता के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल ने एक बात बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कही थी कि यदि शासन चलाना है तो लोकराज लोकलाज से चलाना होगा। उन्होंने कहा कि इनेलो राष्ट्रीय महासचिव डा. अजय सिंह चौटाला व देश के सबसे मेहनती सांसद दुष्यंत चौटाला ने हमेशा कार्यकर्ताओं के दिलों में जगह बनाई है और जननायक देवीलाल की सीख को ह मेशा याद रखा है। दिगिवजय ने कहा कि 17 नवम्बर को जींद में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक का आयोजित होगी। जिसमें डा. अजय सिंह चौटाला प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ विचार विमर्श करके बड़ा फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि आज केवल मात्र दस से 15 लोग इनेलो को तोडऩे पर लगे हुए हैं।

यह वहीं लोग हैं जो भूपेंद्र हुड्डा और मनोहर लाल खटटर के साथ खाना खाते हैं यही नहीं कुछ लोगों तो ऐसे हैं जिन्होंने पूर्व में भी पार्टी के साथ धोखा किया था। दिगिवजय ने कहा कि जब से दुष्यंत व मैने दूनिया में कदम रखा है तब से केवल मात्र जननायक चौ. देवीलाल के जनहितैषी कार्यों और चौ. ओम प्रकाश चौटाला के दिशा निर्देश को सर्वोपरी माना है। इनेलो संगठन के लिए तो उन्होंने मात्र 12 से 14 वर्ष की उम्र में लोगों से मिलना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि 2008 में उन्होंने स्वयं व दुष्यंत चौटाला ने डा. अजय सिंह चौटाला के साथ रायमलिकपुर से चण्डीगढ़ तक साढ़े 6 सौ किलोमीटर इस पदयात्रा में भाग लिया था। उस समय ये लोग दिखाई भी नहंी देते थे यहीं नहीं 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भिवानी-महेंंद्रगढ़ की एक एक गली में जाकर कार्यकर्ताओं से मिलने का काम किया और उनके दुख तकलीफों को चौ. औम प्रकाश चौटाला व डा. अजय सिंह चौटाला तक पहुंचाने का काम किया था।

दिगिवजय ने बताया कि डा. अजय सिंह चौटाला क ी पदयात्रा के कारण पार्टी संगठन मजबूत हुआ और अगाामी लोकसभा में 32 विधायक लेकर प्रदेश की विधानसभा पहुंचा। यहीं नहीं इसके बाद तो उन्होंने व दुष्यंत ने पार्टी संगठन को समय-समय पर मजबूत किया। पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने जब-जब उनकी जिम्मेदारी लगाई उसको उन्होंने गम्भीरता से निभाते हुए पार्टी संगठन में नए कार्यकर्ताओं को शामिल करने का काम किया। दिगिवजय ने कहा कि आज कु छ लोग अखबारी ब्यान देकर व भाषण देकर पल्ला झाड़ रहे हैं लेकिन धरातल पर उन लोगों ने कभी भी पार्टी संगठन के लिए काम नहीं किया। दिग्विजय ने कहा कि डा. अजय सिंह चौटाला आगामी कुछ दिनों में हरियाणा प्रदेश के कोने कोने में जाकर न्याय की इस लड़ाई में सबको साथ लेंगे और कुछ मोकापरस्त लोगों के कारण जो लोग पार्टी को छोड़ गए थे उन्हें वो अपने साथ जोड़ने का काम करेंगे।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि 17 नवम्बर को जब जींद की धरती जननायक चौधरी देवीलाल के संघर्ष स्थल पर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित होगी तो निश्चिततौर पर बड़ा फैसला होगा। और यह फैसला निष्ठावान, जुझारू, संघर्षशील कार्यकर्ताओं के हकों का र्फैसला होगा। जिन कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी कहकर उनके साथ अन्याय करने का काम किया गया उन कार्यकर्ताओं को निश्चिततौर पर 17 नवम्बर को डा. अजय सिंह चौटाला संजीवनी देने का काम करेंगे।

(दीपक खंडेलवाल)