जींद : शहर के रानी तालाब चौक पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर लगा उनका चश्मा अज्ञात कारणों के चलते रात को टूट गया। डॉ. अंबेडकर का चश्मा टूटने की भनक लगते ही दलित समाज के लोग मौके पर पहुंच गए। इस सूचना के फैलते ही प्रशासन की ओर से सीटीएम सत्यवान मान, तहसीलदार प्रवीन कुमार, डीएसपी रामभज, नगर परिषद के एमई सतीश गर्ग और बलराज सिंगला पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और तुरंत कार्रवाई करते हुए चश्मे को पुन: लगवाने की प्रक्रिया शुरू करवाई।

जमा हुए दलितों के तेवरों को देखते हुए टूटा हुआ चश्मा एक घंटे की प्रक्रिया में ही डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर जोड़ दिया गया। आरटीआई एक्टिविस्ट देशराज सरोहा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के स्टैच्यू के चश्मे को जिस भी असामाजिक तत्व ने तोड़ा है, उसके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। इसलिए पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर की प्रतिमा के चश्मे को पहले भी तोड़ा गया था।

इसलिए भविष्य में इस तरह का कोई दुस्साहस ना कर सकें, इसके लिए चौक पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएं जाएं। अनुसूचित जनजाति परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष महासिंह भूरानिया ने कहा कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर लगे चश्मे को जिसने भी खंडित किया है, उसकी जगह जेल होनी चाहिए। प्रशासन ने अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आवाज दिल्ली तक पहुंचाई जाएगी।

– संजय शर्मा