चंडीगढ़ : हरियाणाा की भाजपा सरकार आने वाले लोक सभा व विधान सभा चुनावों में अपनी संभावित हार के डर से नियमों के विपरीत जाकर असंवैधानिक कार्य करने पर उतारू है। यही कारण है कि खट्टर सरकार जींद विधान सभा के जींद उपचुनाव को टालने की हरसम्भव कोशिश कर रही है। चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरा उपरोक्त विचार हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहे। उन्होने कहा कि जींद विधान सभा सीट विधायक डॉ. हरिचंद मिड्डा के देहांत से खाली हुई थी परंतु खट्टर सरकार यह उपचुनाव टालना चाहती है। नियमों के अनुसार विधान सभा या लोक सभा के किसी भी रिक्त स्थान को भरने के लिए उपचुनाव को 6 महीने से ज्यादा टाला नहीं जा सकता।
डॉ. तंवर ने कहा कि भाजपा सरकार ने यह उपचुनाव टालने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखा है और हैरानी इस बात की है कि चुनाव आयोग ने जींद उपचुनाव टालने की मंजूरी दे दी है। इससे स्पष्ट होता है कि अन्य संवैधानिक संस्थाओं की तरह चुनाव आयोग भी भाजपा की क्ठपुतली बन कर रहा गया है। हरियाणा विधान सभा का कार्यकाल एक साल का बचा है इसलिए अगर भाजपा यह उपचुनाव टालती है तो ये संविधान द्वारा दिए गए मताधिकार का हनन करना होगा।
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डॉ. तंवर ने कहा कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मुख्य चुनाव आयोग से मिल कर अपना रोष दर्ज करायेगा और जींद उपचुनाव 6 माह के अंदर-अंदर करवाये जाने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार आने वाले चुनावों में भाजपा की होने वाली दुर्गती से डरी हुई परंतु उन्हें अपनी करतूतों के परिणाम तो भुगतने ही पड़ेंगे। डॉ. तंवर ने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार छात्र संघ चुनाव अप्रत्यक्ष ढंग से करवाने की साजिश कर रही है, जबकि कांग्रेस पार्टी तथा हरियाणा के अन्य राजनीतिक दल प्रत्यक्ष चुनाव करवाये जाने के पक्ष में हैं।
(आहूजा)


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