चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार की विभिन्न योजनाओं को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न विभागों की ई-भूमि पोर्टल पर भूमि की आवश्यकता के लिए आई मांगों व विकास परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी की समीक्षा तथा निर्णय लेने के लिए सचिवों की समिति की प्रत्येक माह में दो बार बैठकें आयोजित किए जाएगी। इसके अलावा, इस बारे में मंत्रियों की समिति की बैठक भी प्रत्येक माह आयोजित होगी।

ई-भूमि पोर्टल पर भी विभिन्न विशेषताओं को जोड़ने के निर्देश
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ई-भूमि पोर्टल पर भी विभिन्न विशेषताओं को जोडने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए ताकि पोर्टल पर किसी भी प्रकार की कोर्ठ दिक्कत न हों। बैठक में बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं को जल्द से जल्द क्रियांन्वित करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा ई-भूमि पोर्टल पर भूमि की आवश्यकता के लिए अब तक 3847.30 एकड भूमि के लिए 166 मांग (इंडेट) की गई है।

जिसमें सबसे अधिक लोक निर्माण (बी एँड आर) विभाग की 1064.3 एकड के लिए 87 मांग, सिंचाई विभाग की 295 एकड के लिए 49 मांग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की 291 एकड के लिए 5 मांग, एचएसआईआईडीसी की 1213 एकड के लिए 5 मांग, जेल विभाग की 214 एकड के लिए 4 मांग, हरियाणा राज्य कृषि एवं विपणन बोर्ड की 240 एकड की तीन मांग, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की 11.8 एकड के लिए तीन मांग, पर्यटन विभाग की 15 एकड के लिए एक मांग, उच्चतर शिक्षा विभाग की 10 एकड के लिए एक मांग, भण्डागार निगम की 5 एकड के लिए एक मांग, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभगा की 27.8 एकड के लिए एक मांग, राजस्व एवं आपदा प्रबधन विभाग की 62.7 एकड के लिए एक मांग, नागरिक उडडयन विभाग की 280 एकड के लिए एक मांग, शहरी स्थानीय निकार्य विभाग की 100 एकड के लिए एक मांग, खेल एवं युवा मामले विभाग की 6.5 एकड के लिए एक मांग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की 10.9 एकड के लिए एक मांग तथा बिजली विभाग की 0.2 एकड़ के लिए एक मांग शामिल है।

बैठक में बताया गया कि जिन विभागों द्वारा अपनी परियोजनाओं के लिए ई-भूमि पोर्टल पर मांगें की गई थी उनमें से कई विभागों को भूमि लेने के ऑफर ई-भूमि पोर्टल पर आए हैं जिनमें लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, जेल विभाग, हरियाणा राज्य कृषि एवं विपणन बोर्ड, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, पर्यटन विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, भण्डागार निगम, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग शामिल है।

बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि ई-भूमि पोर्टल पर अब तक फतेहाबाद से तीन, जींद से दो, करनाल और कुरूक्षेत्र से एक-एक, पंचकूला से 13, रेवाडी से एक और सिरसा से सात एग्रीगेटर एम्पैनल्ड हुए हैं। इसके अलावा, बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य के विभिन्न जिलों से स्वयं भूमि बिक्री के लिए भी ऑफर दिए जा रहे हैं।

(आहूजा)