भिवानी : ओडिसा के राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कहा है कि बेटियां जन्म नहीं लेती बल्कि अवतरित होती हैं। लक्ष्मी, सीता और गंगा का इस धरती पर अवतरण ही हुआ है। एक बेटी ही मॉं का रूप बनती है और मॉं का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बेटियों ने हर बुलंदी को छू लिया है और वर्तमान परिवेश में बने ग्लोबल आंतकवाद का समाधान नारी शक्ति ही कर सकती है।
प्रो. गणेशी लाल शुक्रवार को स्थानीय आदर्श महिला महाविद्यालय में बेटियों के सम्मान में आयोजित नाज है बेटियों पे कार्यक्रम को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। अपने साहित्यक संदेश में उन्होंने कहा कि नारी समुचे ब्रह्मांड की जननी है। जब कभी भी विश्व की यदि कोई सरकार बनेगी तो उसकी प्रमुख कोई महिला देवी ही होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सभी पवित्र धाम माँ और बेटी के चरणों में होते है। माँ के चरणों का एक पुष्प यदि हम अपनी जेब में रख कर कही चलें तो हमें अन्य किसी मंदिर या धाम में पूजा अर्चना करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज की बेटी मीरा भी है और राधा भी है।
वह किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हमें भ्रम है कि बेटियां जन्म लेती है बल्कि सत्य यह है कि बेटियां जन्म न लेकर अवतरित होती है। ये सचमुच ही देवी का रूप है। उन्होंने कहा कि यदि एक गुडिय़ा को सच्चे मन से ह्रदय के साथ लगाया जाए तो उसमें भी चैतन्य उभर आता है। यदि किसी के घर में बेटी है तो उसके माता-पिता को कभी भी अनाथालय में जाने की नौबत नहीं आएगी।
(दीपक खंडेलवाल)


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