चंडीगढ़ : हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग श्रेणी तीन और चार के कर्मचारियों की भर्ती हेतू स्कूलों में परीक्षा तो आयोजित कर सकता है लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह आदेश निसा एजुकेशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा द्वारा एडवोकेट पंकज मैनी के माध्यम से दाखिल की गई याचिका का निपटारा करते हुए जारी किए हैं।

याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा कर्मचारी चयन अयोग 10 और 11 तथा 17 व 18 नवंबर को हरियाणा के विभिन्न स्कूलों में श्रेणी 3 और 4 के कर्मचारियों के चयन हेतू परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। इस परीक्षा के लिए स्कूलों की पूरी ईमारत और स्टाफ उपलब्ध करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जो सही नहीं है। याची ने कहा कि अभी 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं केलिए एनरॉलमेंट फार्म भरे जा रहे हैं और साथ ही बच्चों का सिलेबस जल्दी पूरा करवाने का दबाव है। इसी बीच हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ऐसे दिन परीक्षाएं करवा रहा है जब स्कूल की छुट्टी नहीं है।

वैसे भी सीबीएसई की गाईड लाईन के अनुसार शिक्षकों से शिक्षण के अतिरिक्त और कोई काम नहीं लिया जा सकता। ऐसे में स्कूल की ईमारत लेना गलत है। वैसे भी आयोग के पास पर्याप्त संसाधन हैं जिससे वे परीक्षा केंद्र और ड्यूटी लगाने वालों का इंतजाम कर सकें। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को स्कूलों में परीक्षा आयोजित करने की छूट तो दे दी लेकिन साथ ही यह भी आदेश दिए कि आयोग सुनिश्चित करे की परीक्षा के लिए स्कूल का शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

(आहूजा)