हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि उपरी यमुना बेसिन पर यमुना व उसकी सहायक नदियों पर निर्मित की जाने वाली लखवाड बहुद्देशीय बांध परियोजना, रेणुकाजी बहुद्देशीय बांध परियोजना व किशाऊ बहुद्देशीय बांध परियोजना का 47.82 प्रतिशत जल हरियाणा प्रदेश को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला क्षेत्र में यमुना नदी की सहायक गिरी नदी पर 1508 हैक्टेयर में कुल 4596.76 करोड़ रुपये लागत से 148 मीटर ऊंची रेणुकाजी बहुद्देशीय बांध परियोजना निर्मित की जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत में सिंचाई व पेयजल का घटक 4325.43 करोड़ रुपये तथा विद्युत उत्पादन का घटक 277.33 करोड़ रुपये है। परियोजना के सिंचाई व पेयजल घटक का 90 प्रतिशत (3892,83 करोड़ रुपये) खर्च केंद्र सरकार द्वारा व शेष 10 प्रतिशत (432.54 करोड़ रुपये) खर्च संबंधित बेसिन राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली द्वारा वहन किया जाएगा।

रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का निर्माण हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना की भंडारण क्षमता 0.404 एमएएफ होगी और 23 क्यूमेक जल की आपूर्ति बेसिन राज्यों को हो सकेगी। रेणुकाजी बहुद्देशीय बांध परियोजना के निर्माण के उपरांत यमुना की सहायक नदी गिरी की बहाव क्षमता में 110 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

इस परियोजना से उच्चतम बहाव के दौरान 40 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन भी होगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली द्वारा विद्युत उत्पादन का 90 प्रतिशत खर्च वहन किया जाएगा। इस बहुद्देशीय बांध परियोजना में बेसिन राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को कुल उपलब्ध जल में से क्रमश: 47.82 प्रतिशत, 33.65 प्रतिशत, 03.15 प्रतिशत, 09.34 प्रतिशत व 06.04 प्रतिशत जल उपलब्ध होगा।

बेसिन राज्यों द्वारा बांध परियोजना से उपलब्ध होने वाले जल की प्रतिशतता के अनुपात में ही खर्च वहन किया जाएगा। रेणुकाजी बहुउद्देशीय बांध परियोजना के लिए अब तक केंद्र सरकार द्वारा 446.96 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली द्वारा 214.84 करोड़ रुपये व हरियाणा द्वारा 25 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।