चंडीगढ़ : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले चार साल से गाय व गीता के नाम पर राजनीति कर रही हरियाणा की खट्टर सरकार को अब इसी मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर ली है। प्रदेश की राजनीति में स्कूल अस्पताल को बड़ा मुद्दा बनाने के बाद अरविंद केजरीवाल अब गायों को लेकर खट्टर सरकार को घेरेंगे।

हरियाणा के गौशाला संचालकों और स्थानीय लोगों के साथ कई बैठकों का आयोजन करने व उन्हें दिल्ली बुलाने के बाद अरविंद केजरीवाल रविवार से हरियाणा के गौशालाओं का दौरा शुरू कर रहे हैं। इसकी शुरुआत सोनीपत लोकसभा से हो रही है। इसके बाद वह रोहतक, हिसार और अन्य लोकसभा की गौशालाओं को देखने आएंगे।

अरविंद केजरीवाल 13 जनवरी को गांव सैदपुर अठगामा गौशाला, दिल्ली-खरखोदा रोड, सोनीपत, 14 को गांव मोखरा, श्रीकृष्ण गौशाला समिति, रोहतक और 15 जनवरी को श्री गौशाला साला डेरी दात्ता हांसी, हिसार आएंगे। केजरीवाल अब गायों के मुद्दे पर हरियाणा की मनोहर सरकार को चुनौती देंगे।

भाजपा हरियाणा में लावारिस गोवंशों के लिए गौशालाएं बनाने, किसानों को नंदियों से मुक्ति दिलाने, गौशाला आयोग बनाने और गौ माता की सेवा के लिए अनेक कार्यक्रम चलाने के नाम पर सत्ता में काबिज हुई थी। लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि हरियाणा में 1 लाख 5 हजार से ज्यादा लावारिस गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। संवेदनहीनता का आलम ये है कि जींद और साहाबाद की गौशालाओं में दर्जनों गायों की मौत हो चुकी है।

हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा प्रदेश की गौशालाओं को 22 करोड़ 97 लाख 71 हजार 366 रुपये की अनुदान राशि दी गई है। पहले प्रदेश में 360 गौशालाएं थी जिनमें 2 लाख 65 हजार गौ वंश थे। गत तीन वर्षों में प्रदेश में 160 गौशालाएं खोलने का कार्य किया गया है जिससे प्रदेश की सभी गौशालाओं में अब लगभग 3 लाख 85 हजार गौ वंश का पालन पोषण हो रहा है। आंकड़ों को बारीकी से देखें तो हरियाणा की खट्टर सरकार एक गाय के लिए रोजाना 39 पैसे देती है।

वहीं, दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने यहां की गौशालाओं को प्रति गाय रोजाना 40 रुपये देती है। ह्यइसके अलावा हरियाणा के जींद, भिवानी, शाहबाद, हिसार जिलों में गायों की मौत चर्चा का विषय रही है। अरविंद केजरीवाल अब गौशालाओ का दौरा करने के प्रदेश सरकार के बारे में इस मुद्दे पर फ़ीडबैक लेंगे। इसके बाद केजरीवाल गायों की वास्तविक स्तिथि को पूरे प्रदेश में भुना सकते हैं।