चंडीगढ़ : हरियाणा की शूटर मनु भाकर और प्रदेश के खेलकूद मंत्री अनिल विज के बीच टवीट को लेकर शुरू हुए विवाद पर खुद खेल मंत्री ने विराम लगा दिया है। यह विवाद एक टवीट् के साथ शुरू हुआ और टवीट् के साथ ही खत्म हो गया है। विज ने इस सिलसिले में एक ट्वीट किया और कहा कि मनु भाकर के पिता राम किशन ने एक राष्ट्रीय चैनल पर चर्चा के दौरान मनु द्वारा किया गया ट्वीट तथा उसकी भाषा पर गलती मान ली है। अब यह मामला समाप्त है।

उल्लेखनीय है कि हाल में यूथ ओलंपिक गेम्स की गोल्ट मैडलिस्ट मनु भाकर द्वारा अवार्ड मनी को लेकर एक ट्वीट से जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया था। विवाद दो करोड़ रुपए की प्राइज मनी को लेकर भाकर द्वारा किए गए सवाल से खड़ा हुआ था। इस विवाद में विपक्षी दल भी कूद गए थे और बीजेपी सरकार चारो तरफ से घिर गई थी। इसका असर यह हुआ कि सरकार तुरंत बैकफुट पर आ गई थी और खेल मंत्री विज ने तुरंत यूथ ओलंपिक गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट मनु भाकर को दो करोड़ रुपए प्रदान करने का ऐलान कर दिया था।

मनु भाकर ने हाल में एक साथ कई ट्वीट किए थे और इसमें नवीनतम अधिसूचना की कॉपी अटैच करते हुए सरकार से पूछा था कि उसे 2 करोड़ रुपए का अवार्ड मिलेगा या नहीं। मनु भाकर ने विज के साथ-साथ खेल व युवा मामलों के विभाग के प्रमुख सचिव अशोक खेमका के ट्वीट पर भी टैग करते हुए पूछा था कि, (सर,कृपया स्पष्ट करें कि क्या यह सही है या फिर महज जुमला था (सर प्लीज कनफर्म इट, इफ इट इस करेक्ट….ऑर जस्ट ए जुमला)। प्लीज… लैट मी प्ले।

विज इस ट्वीट में इस्तेमाल की गई शब्दावली को लेकर बेहद नाराज हो गए थे और उन्होंने मनु भाकर को नसीहत दी थी कि उन्हें पब्लिक डोमेन में जाने से पहले विभाग से पुष्टि कर लेनी चाहिए थी और इस तरह सरकार की निंदा करना गलत है और मनु भाकर को 2 करोड़ रुपए का ईनाम दिया जाएगा।

(राजेश जैन)