BREAKING NEWS

मुस्लिम विरोधी बयानबाजी से भाजपा को कोई फायदा नहीं होने वाला, जयंत चौधरी ने सरकार पर लगाया आरोप ◾UP विधानसभा चुनाव: BJP प्रचार अभियान में इन शहरों को दे रही तवज्जों, हिंदुत्व के एजेंडे पर दिखाई दे रहा फोकस◾दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों का कोरोना के प्रसार पर हुआ असर, अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या स्थिर : जैन ◾अनुराग ठाकुर का सपा पर तंज, बोले- समाजवाद का असली खेल या तो प्रत्याशी को जेल या फिर बेल◾क्या है BJP की सबसे बड़ी कमियां? जनता ने दिया जवाब, राहुल बोले- नफरत की राजनीति बहुत हानिकारक ◾खुद PM मोदी ने हमें दिया है ईमानदारी का सर्टिफिकेटः अरविंद केजरीवाल◾UP : कोरोना की स्थिति नियंत्रित,CM योगी ने लोगों से की अपील- भीड़ में जाने से बचें और सावधानी बरतें◾देशव्यापी टीकाकरण अभियान का एक वर्ष पूरा हुआ, पीएम मोदी समेत इन दिग्गज नेताओं ने ट्वीट कर दी बधाई ◾Lata Mangeshkar Health Update: जानें अब कैसी है भारत की कोयल की तबीयत, डॉक्टर ने दिया अपडेट ◾यूपी के चुनावी दंगल में AIMIM ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची, सभी मुस्लिम चेहरे को तरजीह, देखें लिस्ट◾गोवा में AAP को बहुमत नहीं मिला तो पार्टी गैर-भाजपा के साथ गठबंधन बनाने के बारे में सोचेगी : CM केजरीवाल◾UP चुनाव की टक्कर में OBC का चक्कर, जानें किसके सिर पर सजेगा जीत का ताज और किसे मिलेगी मात ◾योगी सरकार के पूर्व मंत्री दारासिंह चौहान ने ज्वाइन की साइकिल, कुछ दिन पहले ही छोड़ा था बीजेपी का साथ ◾टीकाकरण अभियान का एक साल पूरा, नड्डा बोले- असंभव कार्य को संभव किया और दुनिया ने देश की सराहना की ◾पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में की जा रही राजनीति सही नहीं : मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा◾राजस्थान: कोरोना की बढ़ती रफ्तार से सरकार चिंतित, मंत्री बोले- लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन ◾टिकट न मिलने से नाखुश SP कार्यकर्ता ने की आत्मदाह की कोशिश, प्रदेश मुख्यालय के बाहर मची खलबली ◾कोरोना से जंग में ब्रह्मास्त्र बनी वैक्सीन, टीकाकरण को पूरा हुआ 1 साल, करीब 156.76 करोड़ लोगों को दी खुराक ◾यूपी चुनाव: अखिलेश ने चला सामाजिक न्याय का दांव, भाजपा जनकल्याणकारी योजनाओं और हिंदुत्व के भरोसे◾CBSE की तैयारी, कोरोना लहर बीतने के बाद बोर्ड परीक्षा की बारी,शिक्षा मंत्रालय तैयारियों को लेकर सतर्क◾

दिल्ली प्रदूष्ण : केंद्र सरकार द्वारा गठित इंफोर्समेंट टास्क फोर्स के गठन को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूष्ण को लेकर केंद्र सरकार द्वारा गठित इंफोर्समेंट टास्क फोर्स के गठन को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा कि, प्रदूषण रोकने के उपायों को लागू करने के सरकार के शपथ पत्र का उन्होंने अध्ययन किया है और उम्मीद है कि उसके मुताबिक कार्रवाई में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। शीर्ष न्यायालय ने वायु प्रदूषण कम करने के उपायों को तत्काल लागू करने के लिए केंद्र की ओर से पांच सदस्यीय इंफोर्समेंट टास्क फोर्स के गठन की जानकारी के साथ ही 40 फ्लाइंग स्क्वायड शीघ्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूर करते हुए आज संबंधित सरकारों को पिछले अदालती आदेशों एवं निर्देशों को सख्ती से लागू करने करने को कहा है।

अगले शुक्रवार को होगी सुनवाई

 

न्यायालय ने कोविड-19 के मद्देनजर दिल्ली सरकार के अस्पताल भवन निर्माण से संबंधित लंबित कार्यों को पूरा करने की अनुमति दे दी। अदालती आदेश पर भवन निर्माण संबंधी कार्यों पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि, प्रदूषण कम करने के लिए पीठ द्वारा दो दिसंबर और उससे पहले दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि इस मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार को की जाएगी। केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक हलफनामा दायर कर उच्चतम न्यायालय को बताया था कि, प्रदूषण कम करने के लिए वह गंभीर है। अदालत के दो दिसंबर के निर्देशों के मद्देनजर पांच सदस्यों की एक इंफोर्समेंट टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसके अलावा प्रदूषण रोकने के तमाम ऐतिहासिक उपायों को सख्ती से लागू कराने के लिए 40 उड़न दस्ते बनाए जाएंगे, जिनमें से 17 अगले 24 घंटे में गठित कर दिए जाएंगे। उडन दस्ते अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रतिदिन वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए गठित आयोग को देंगी।

उच्चतम न्यायालय ने लगाई थी फटकार 

दिल्ली में प्रदूष्ण के बढ़ते स्तर को लेकर गुरुवार को शीर्ष अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी और उन्हें चेतावनी देते हुए कहा था कि, 24 घंटे में कोई ठोस उपाय किए जाएं अन्यथा न्यायालय इस पर आज कोई कठोर आदेश पारित करेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के चीनी और दुग्ध उद्योगों को प्रदूषण के मद्देनजर औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के आदेश से छूट की गुजारिश शीर्ष अदालत से की। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि, उत्तर प्रदेश सरका को  प्रदूषण के मामले में गठित कमीशन के पास अपनी बात रखनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने मीडिया के एक वर्ग में अदालत से जुड़ खबरों के प्रति असावधानी को गंभीर बताते हुए संबंधित पक्षों को इस पर गौर करने की नसीहत दी।

अस्पताल के निमार्ण कार्य पर हटेगी रोक 

सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीश ने दिल्ली सरकार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील डॉ अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा कोविड-19 प्रकोप के बढ़ने की आशंका के मद्देनजर दिल्ली सरकार के अस्पताल भवन के लंबित कार्यों के निर्माण की छूट देने की अर्जी स्वीकार कर ली और कहा कि प्रदूषण रोकने के सभी एहतियाती उपाय किए जाएं। गौरतलब है कि, याचिकाकर्ता 17 वर्षीय छात्र आदित्य दुबे का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने केंद्र द्वारा टास्क फोर्स और उडान दस्तें के गठन से प्रदूषण कम करने के उपायों को लागू करने पर संदेश व्यक्त करते हुए कहा कि, इससे पहले भी कुछ इसी तरीके के प्रयास किए गए थे जिसके परिणाम सकारात्मक नहीं रहे हैं।