BREAKING NEWS

दिल्ली में कोरोना के 412 नये मामले आए सामने, मृतक संख्या 288 हुई ◾LAC पर चीन से बिगड़ते हालात को लेकर PM मोदी ने की हाईलेवल मीटिंग, NSA, CDS और तीनों सेना प्रमुख हुए शामिल◾महाराष्ट्र : उद्धव सरकार पर भड़के रेल मंत्री पीयूष गोयल, कहा- राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं◾महाराष्ट्र : फडणवीस की CM ठाकरे को नसीहत, कहा- कोरोना से निपटने में मजबूत नेतृत्व का करें प्रदर्शन ◾दिल्ली से अब तक करीब 2.41 लाख लोगों को 196 ट्रेनों से उनके गृह राज्य वापस भेजा : सिसोदिया◾स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- ढील दिए जाने के बाद 5 राज्यों में बढ़े कोरोना मामले◾राजनाथ सिंह ने CDS और तीनों सेना प्रमुखों के साथ की बैठक, सड़क का निर्माण कार्य रहेगा जारी ◾राहुल गांधी के वार पर BJP का पलटवार, नकवी ने कांग्रेस को बताया राजनीतिक पाखंड की प्रयोगशाला◾चीन और नेपाल से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता की जरूरत, केंद्र को करना चाहिए स्पष्ट : राहुल गांधी◾कोविड-19 : दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 412 लोगों में संक्रमण की पुष्टि, पॉजिटिव मामलों की संख्या हुई 14 हजार 465◾बिहार बोर्ड 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी, 96.20 प्रतिशत अंक के साथ टॉपर बने हिमांशु राज◾राहुल गांधी ने लॉकडाउन को बताया विफल, बोले-आगे की रणनीति बताएं प्रधानमंत्री ◾तबलीगी जमात मामले में दिल्ली पुलिस ने 83 विदेशी नागरिकों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट◾उद्धव ठाकरे और शरद पवार की मुलाकात पर बोले राउत-सरकार मजबूत, चिंता करने की जरूरत नहीं◾कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर, US कंपनी ने 131 लोगों पर शुरू किया ह्यूमन ट्रायल◾दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर लगा भयंकर जाम, सिर्फ पास वालों को मिल रही है जाने की इजाजत◾World Corona : दुनियाभर में महामारी का खौफ जारी, कुल संक्रमितों का आंकड़ा 55 लाख के करीब ◾पाकिस्तानी सेना ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन ◾कोविड-19 : देश में संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 45 हजार के पार, अब तक 4167 लोगों ने गंवाई जान ◾दिल्ली : तुगलकाबाद गांव की झुग्गियों में लगी भीषण आग, मौके पर पहुंची दमकल की 30 गाड़ियां ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट में निर्मोही आखाड़े ने कहा-सैकड़ों साल तक राम जन्मस्थान पर हमारा नियंत्रण था

अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले के पक्षकारों में से एक निर्मोही आखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को दलील दी कि 1934 से ही किसी मुसलमान को राम जन्मस्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं थी और उस पर सिर्फ निर्मोही आखाड़ा का नियंत्रण था। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को निर्मोही आखाड़ा का पक्ष रख रखे वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील जैन ने बताया कि वह क्षेत्र पर नियंत्रण और उसके प्रबंधन का अधिकार चाहते हैं। 

आखाड़ा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनका वाद मूलत: वस्तुओं, मालिकाना हक और प्रबंधन अधिकारों के बारे में है। वकील ने कहा, “मैं एक पंजीकृत निकाय हूं। मेरा वाद मूलत: वस्तुओं, मालिकाना हक और प्रबंधन के अधिकारों के संबंध में हैं।” साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सैकड़ों साल तक भीतरी परिसर और राम जन्मस्थान पर आखाड़ा का नियंत्रण था। 

नोएडा के रबूपुरा में दो मंजिला इमारत गिरी, दो बच्चियों की मौत

वरिष्ठ अधिवक्ता ने पीठ को बताया, “भीतरी परिसर और राम जन्मस्थान सैकड़ों साल से हमारे अधिकार क्षेत्र में था। बाहरी परिसर जिसमें सीता रसोई, चबूतरा, भंडार गृह हैं, वे हमारे नियंत्रण में थे और किसी मामले में उनपर कोई विवाद नहीं था।” सुनवाई शुरू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग या सीधे प्रसारण की मांग वाली आरएसएस के पूर्व विचारक के एन गोविंदाचार्य की अर्जी खारिज कर दी थी। 

इस पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। पीठ ने तीन सदस्यीय मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट पर दो अगस्त को संज्ञान लिया था कि करीब चार महीने तक चली मध्यस्थता की कार्यवाही में कोई अंतिम समाधान नहीं निकला। मध्यस्थता पैनल की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला कर रहे थे। 

साथ ही इसमें आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रख्यता मध्यस्थ श्रीराम पांचू ने बृहस्पतिवार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि हिंदू और मुस्लिम पक्ष इस पेचीदे विवाद का समाधान ढूंढने में सफल नहीं रहे।