BREAKING NEWS

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित, पक्ष में पड़े 311 वोट, विपक्ष में 80◾जब तक मोदी प्रधानमंत्री हैं, किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं : शाह ◾महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, चिंताजनक और शर्मनाक : नायडू ◾ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता विधेयक की प्रति फाड़ी भाजपा सदस्यों ने संसद का अपमान बताया ◾पूर्वोत्तर के अधिकतर राज्यों के दलों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया ◾अनुच्छेद 370 को रद्द किये जाने के खिलाफ याचिकाओं पर संविधान पीठ कल से करेगी सुनवाई ◾दुष्कर्म की राजधानी बना भारत, फिर भी चुप हैं मोदी : राहुल गांधी◾कांग्रेस कभी गठबंधन के भरोसे पर खरा नहीं उतरती : नरेन्द्र मोदी ◾TOP 20 NEWS 09 December : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾भीकाजी कामा प्लेस मेट्रो स्टेशन के नजदीक जेएनयू के छात्रों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज ◾नागरिकता संशोधन विधेयक भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा, जनता ने इसे मंजूर किया : अमित शाह◾कर्नाटक उपचुनाव : BJP को 12 सीटों पर जीत मिली, विधानसभा में मिला स्पष्ट बहुमत ◾कर्नाटक : सिद्धारमैया ने कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से दिया इस्तीफा◾JNU छात्रों ने राष्ट्रपति भवन तक शुरू किया मार्च, पुलिस ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील◾रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से बड़ी राहत, मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश जाने की मिली अनुमति◾बीजेपी ने छह सीटें जीतने के साथ कर्नाटक विधानसभा में बहुमत किया हासिल ◾झारखंड में बोले राहुल- सत्ता में आने पर लोगों को जल, जंगल और जमीन लौटाया जाएगा◾कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश विभाजन किया जिसके कारण नागरिकता कानून में संशोधन की जरूरत पड़ी : अमित शाह◾अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन विधेयक को बताया भारत और संविधान का अपमान◾झारखंड में बोले PM मोदी- कांग्रेस कभी भी गठबंधन के भरोसे पर खरा नहीं उतरी◾

देश

कर्नाटक के 17 विधायक अयोग्य, लेकिन लड़ सकते हैं चुनाव : SC

 suprime court12001

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 17 बागी विधायकों को अयोज्ञ ठहराये जाने के फैसले को बुधवार को जायज ठहराया, लेकिन उन्हें विधानसभा उपचुनाव लड़ने की इजाजत दे दी। न्यायमूर्ति एन वी रमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बागी विधायकों की याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा कि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के। 

महाराष्ट्र : राज्यपाल के फैसले को SC में चुनौती देने वाली याचिका का उल्लेख नहीं करेगी शिवसेना

रमेश कुमार द्वारा बागी विधायकों को अयोज्ञ ठहराने का फैसला सही था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूरे कार्यकाल के लिए अयोज्ञ ठहराने का अध्यक्ष का फैसला उचित नहीं था। न्यायालय ने बागी विधायकों को विधानसभा उपचुनाव लड़ने की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में गत 25 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।