BREAKING NEWS

बदली राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ◾पंजाब : सीएम चन्नी ने BJP और केंद्र सरकार पर लगाया आरोप, कहा-ईडी की छापेमारी मुझे फंसाने का एक षड्यंत्र ◾प्रधानमंत्री को पता था कि योगी कामचोरी वाले मुख्यमंत्री है इसलिए उन्हें पैदल चलने की सजा दी थी : अखिलेश यादव ◾PM मोदी ने 15 से 18 वर्ष आयु के 50 प्रतिशत से अधिक युवाओं को टीके की पहली खुराक लगाए जाने की सराहना की◾यूपी : जे पी नड्डा का बड़ा ऐलान, 'अपना दल' और निषाद पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी भाजपा◾हरक सिंह की वापसी पर कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, बागी को ठहराया 'लोकतंत्र का हत्यारा', पूछे ये सवाल ◾समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी पता है कि उनकी बेटियां एवं बहुएं भाजपा में सुरक्षित हैं : केन्द्रीय मंत्री ठाकुर ◾त्रिवेंद्र रावत ने चुनाव लड़ने से किया इंकार, नड्डा को लिखा पत्र, कहा- BJP की वापसी पर करना चाहता हूं फोकस ◾मुलायम परिवार में BJP की बड़ी सेंधमारी, अपर्णा यादव के बाद प्रमोद गुप्ता थामेंगे कमल, SP पर लगाए ये आरोप ◾PM मोदी, योगी और शाह समेत पार्टी के कई बड़े नेता BJP के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल, जानें पूरी लिस्ट ◾महाराष्ट्र: मुंबई में कोविड की स्थिति नियंत्रित, BMC ने हाईकोर्ट को कहा- घबराने की कोई बात नहीं◾राहुल गांधी ने साधा PM पर निशाना, बोले- LAC पर चीन द्वारा निर्मित पुल का उद्घाटन कहीं मोदी न कर दें ◾बाटला हाउस में मरे लोग आतंकी नहीं, तौकीर रजा ने किया कांग्रेस का समर्थन, राहुल-प्रियंका को बताया सेक्युलर ◾दिल्ली : त्रिलोकपुरी में संदिग्ध बैग से मिला लैपटॉप और चार्जर, कुछ देर के लिए मची अफरातफरी◾अखिलेश ने अपर्णा को BJP में शामिल होने पर दी बधाई, बोले- नेता जी ने की रोकने की बहुत कोशिश, लेकिन... ◾दिल्ली: संक्रमण दर में आई कमी, जैन बोले- पाबंदियां कम करने से पहले होगा कोरोना की स्थिति का आकलन ◾भारत में यूएई जैसे हमले की योजना बना रहा ISI, चीन से ड्रोन खरीद रहा पाकिस्तान◾मुलायम सिंह का आशीर्वाद लेकर BJP में शामिल हुई अपर्णा, बोलीं- परिवार से विमुख नहीं, मैं स्वतंत्र हूं... ◾अमित पालेकर होंगे आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में AAP का CM फेस, अरविंद केजरीवाल ने किया ऐलान ◾भारत में 15 फरवरी तक चरम पर होगा ओमीक्रॉन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया दावा- तीसरी लहर जल्द हो सकती है समाप्त◾

LAC पर तैनात किए गए 4 इजरायली हेरॉन ड्रोन, अब चीन की हर हरकत पर होगी भारतीय सेना की नजर

भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार बढ़ा रहा है, ऐसे में पड़ोसी देश चीन की हर नापाक चाल पर अब भारतीय सेना कड़ी निगरानी कर सकेगी। भारतीय सेना ने अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इजरायल से 4 हेरॉन ड्रोन मंगाए हैं उन्हें लद्दाख सेक्टर में तैनात किए गए हैं। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की विस्तारवाद कोशिशों के बाद भारत ने अप्रैल 2020 के बाद से अपने सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है। 

ये चारो नए ड्रोन वर्तमान में सबसे अधिक एडवांस हैं 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि निगरानी के लिए लद्दाख में एलएसी पर चार ड्रोन तैनात किए गए हैं। ये चारो नए ड्रोन वर्तमान में सबसे अधिक एडवांस हैं। सूत्रों ने कहा कि एडवांस ड्रोन की एंटी-जैमिंग क्षमता उनके पिछले संस्करणों की तुलना में काफी बेहतर है। 

सेना जल्द ही अमेरिका से प्रीडेटर ड्रोन हासिल करेगी 

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा रक्षा बलों को दी गई आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत ड्रोन हासिल किए गए थे। भारतीय सेना जल्द ही अमेरिका से प्रीडेटर ड्रोन हासिल करेगी, जिससे देश की मानवरहित निगरानी और हमले की क्षमता को और बढ़ावा मिलेगा।  

कांग्रेस का गोवा सरकार पर आरोप, कहा- अपने मंत्री को बचाने के लिए सबूत मिटाने की कोशिश कर रहे है CM सावंत

ड्रोन उन्नत प्रणालियों और हथियारों के पैकेज से लैस होंगे  

आपको बता दें कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका से लगभग 21,000 करोड़ रुपये के 30 प्रीडेटर ड्रोन प्राप्त करने के काफी करीब है। लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा की जा रही है। करीब 21,000 करोड़ रुपये के इस अधिग्रहण पर चर्चा के लिए हाल ही में रक्षा मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। ड्रोन उन्नत प्रणालियों और हथियारों के पैकेज से लैस होंगे और लंबी दूरी की निगरानी और सटीक हमलों को सक्षम करेंगे। 

इसके अलावा भारत की ड्रोन खरीदारी सूची में MQ-9B के SeaGuardian/SkyGuardian वेरिएंट शामिल हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में से प्रत्येक को अनुकूलित निर्देशों के साथ प्रत्येक को 10 ड्रोन मिलेंगे। 

इससे भारत को खर्च में कटौती करने में मदद मिलती है 

रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 और रक्षा खरीद नियमावली 2009 के तहत हथियार प्रणालियों को पट्टे पर देने का प्रावधान किया गया है। इससे भारत को खर्च में कटौती करने में मदद मिलती है, क्योंकि रखरखाव की जिम्मेदारी भी विक्रेता के पास होती है। 

पिछले कुछ वर्षों में, भारतीय सशस्त्र बल निगरानी आवश्यकताओं के लिए अमेरिकी प्रणालियों में विश्वास दिखा रहे हैं। भारतीय नौसेना पहले से ही नौ पी-8आई लंबी दूरी के निगरानी विमानों का उपयोग कर रही है और अगले कुछ वर्षों में नौ और मिलने की उम्मीद है। इससे भारतीय सेना सैन्य ताकत बढ़ेगी और साथ ही चीन के आत्मविश्विास में खासी कमी आएगी, जो रणनीतिक तौर पर काफी अहम होगी।