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AAP ने राज्यसभा में उठाई दिल्ली में ओजोन स्थित कालोनियों को नियमित करने की मांग

आम आदमी पार्टी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी के तटीय हिस्से में ओ’जोन के अंतर्गत आने वाली 60 से 70 कालोनियों को नियमित करने की मांग उठाते हुए राज्यसभा में कहा कि नियमों की वजह से इन कॉलोनियों के निवासी अपना घर होने के बावजूद, उनमें किसी तरह का निर्माण कार्य नहीं कर पाते। 

उच्च सदन में आप के सदस्य संजय सिंह ने यह मुद्दा शून्यकाल के तहत उठाया। सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में यमुना के पुश्ता क्षेत्र की ‘‘नो-डवलपमेंट’’ जमीन को पुन:परिभाषित किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि पहले यमुना नदी के किनारे 300 मीटर से 500 मीटर के हिस्से को ‘‘ओ’जोन’’ कहा जाता था और यहां निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता था। लेकिन अब तीन किमी हिस्से को ओ’जोन घोषित किया जा चुका है जिसकी वजह से इस इलाके में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लग गई है। 

आप सदस्य ने कहा ‘‘इस इलाके में लोगों के अपने घर हैं लेकिन रोक के कारण वह घरों की मरम्मत ही नहीं करा सकते। अब एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती। तीन किमी हिस्से के ओ’जोन घोषित होने के कारण 60 से 70 रिहायशी कॉलोनियां प्रभावित हुई हैं।’’ सिंह ने कहा ‘‘ओ’जोन की कॉलोनियों को नियमित किया जाना चाहिए और निर्माण पर लगी रोक हटाई जानी चाहिए। गौरतलब है कि यमुना के ओ’जोन पर बने मकान, अनधिकृत कालोनियों में स्वामित्व का अधिकार देने की सरकार की योजना के तहत नहीं आएंगे। 

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सिंह ने मांग की कि यमुना पुश्ता के आसपास के रिहायशी इलाकों को ओ’जोन के दायरे से बाहर किया जाए ताकि इन कॉलोनियों का विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा ‘‘ऐसा होने पर बदरपुर, सोनिया विहार, ओखला और मुस्तफा कालोनी सहित कई इलाकों के निवासियों को राहत मिल जाएगी।’’ गौरतलब है कि ओ’जोन वाले हिस्से में बाढ़ आने की आशंका अधिक होने की वजह से दिल्ली विकास प्राधिकरण ने यहां किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा रखी है। 

पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्व दिल्ली के ओखला, करावल नगर, यमुना विहार आदि यमुना के बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील ओ’जोन में आते हैं। पिछले माह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली की 1,797 अनधिकृत कालोनियों को चिह्नित कर वहां रहने वाले लोगों को स्वामित्व का अधिकार दिए जाने की मंजूरी प्रदान कर दी। इस कदम से करीब 40 लाख लोगों को लाभ होगा। इनमें से अधिकतर लोग निम्न आय समूह में आते हैं।