BREAKING NEWS

खट्टर ने स्थानीय युवाओं को नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने वाला विधेयक न लाने के संकेत दिए ◾सबरीमला में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़, 2 महिलायें वापस भेजी गयी ◾जेएनयू छात्रसंघ पदाधिकारियों का दावा, एचआरडी मंत्रालय के अधिकारी ने दिया समिति से मुलाकात का आश्वासन ◾प्रियंका गांधी ने इलेक्टोरल बांड को लेकर मोदी सरकार पर साधा निशाना, ट्वीट कर कही ये बात ◾TOP 20 NEWS 18 November : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद पवार बोले- किसी के साथ सरकार बनाने पर चर्चा नहीं◾INX मीडिया धनशोधन मामला : चिदंबरम ने जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को न्यायालय में दी चुनौती ◾मनमोहन सिंह ने कहा- राज्य की सीमाओं के पुनर्निधार्रण में राज्यसभा की अधिक भूमिका होनी चाहिए◾'खराब पानी' को लेकर पासवान का केजरीवाल पर पटलवार, कहा- सरकार इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहती◾संसद का शीतकालीन सत्र : राज्यसभा के 250वें सत्र पर PM मोदी का संबोधन, कहा-इसमें शामिल होना मेरा सौभाग्य◾बीजेपी बताए कि उसे चुनावी बॉन्ड के जरिए कितने हजार करोड़ रुपये का चंदा मिला : कांग्रेस ◾CM केजरीवाल बोले- प्रदूषण का स्तर कम हुआ, अब Odd-Even योजना की कोई आवश्यकता नहीं है ◾महाराष्ट्र: शिवसेना संग गठबंधन पर शरद पवार का यू-टर्न, दिया ये बयान◾ JNU स्टूडेंट्स का संसद तक मार्च शुरू, छात्रों ने तोड़ा बैरिकेड, पुलिस की 10 कंपनियां तैनात◾शीतकालीन सत्र: NDA से अलग होते ही शिवसेना ने दिखाए तेवर, संसद में किसानों के मुद्दे पर किया प्रदर्शन◾शीतकालीन सत्र: चिदंबरम ने कांग्रेस से कहा- मोदी सरकार को अर्थव्यवस्था पर करें बेनकाब◾ PM मोदी ने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सभी दलों से सहयोग की उम्मीद जताई ◾संजय राउत ने ट्वीट कर BJP पर साधा निशाना, कहा- '...उसको अपने खुदा होने पर इतना यकीं था'◾देश के 47वें CJI बने जस्टिस बोबडे, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिलाई शपथ◾राजस्थान के श्री डूंगरगढ़ के पास बस और ट्रक की भीषण टक्कर, 10 लोगों की मौत◾

देश

अयोध्या विवाद : मुस्लिम पक्षकारों का आरोप-हिन्दु पक्ष से नहीं सिर्फ हमसे ही किए जा रहे है सवाल

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों ने आरोप लगाया कि इस मामले में हिन्दु पक्ष से नहीं बल्कि सिर्फ हमसे ही सवाल किए जा रहे है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष 38वें दिन की सुनवाई शुरू होने पर मुस्लिम पक्षकारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने यह टिप्पणी की। 

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। धवन ने कहा, ‘‘माननीय न्यायाधीश ने दूसरे पक्ष से सवाल नहीं पूछे। सारे सवाल सिर्फ हमसे ही किए गए हैं। निश्चित ही हम उनका जवाब देंगे।’’ 

सोनिया के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणी पर बोली कांग्रेस- बिना शर्त माफी मांगें खट्टर

धवन के इस कथन का राम लला का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सी एस वैद्यनाथन ने जोरदार प्रतिवाद किया और कहा, ‘‘यह पूरी तरह से अनावश्यक है।’’ धवन ने यह टिप्पणी उस वक्त की जब संविधान पीठ ने कहा कि विवादित स्थल पर लोहे की ग्रिल लगाने का मकसद बाहरी बरामद से भीतरी बरामदे को अलग करना था। 

कोर्ट ने कहा कि लोहे का ग्रिल लगाने का मकसद हिन्दुओं और मुसलमानों को अलग-अलग करना था और यह तथ्य सराहनीय है कि हिन्दु बाहरी बरामदे में पूजा अर्चना करते थे जहां ‘राम चबूतरा’, ‘सीता रसोई’ ‘भण्डार गृह’ थे। सुप्रीम कोर्ट ने धवन के इस कथन का भी संज्ञान लिया कि हिन्दुओं को सिर्फ अंदर प्रवेश करने और स्थल पर पूजा अर्चना करने का ‘निर्देशात्मक अधिकार’ था और इसका मतलब यह नहीं है कि विवादित संपत्ति पर उनका मालिकाना हक था। 

पीठ ने सवाल किया कि जैसा कि आपने कहा कि उनके पास प्रवेश और पूजा अर्चना का अधिकार था, क्या यह आपके मालिकाना अधिकार को कमतर नहीं करता। पीठ ने यह भी कहा कि संपत्ति पर पूर्ण स्वामित्व के मामले मे क्या किसी तीसरे पक्ष को प्रवेश और पूजा अर्चना का अधिकार दिया जा सकता है। संविधान पीठ दशहरा अवकाश के बाद सोमवार को 38वें दिन इस प्रकरण पर सुनवाई शुरू की जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। 

संविधान पीठ अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला- के बीच बराबर बराबर बांटने का आदेश देने संबंधी इलाहाबाद हाई कोर्ट के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई कर रही है।