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बिल पास होने पर बोले नड्डा, मोदी सरकार ने पिछले 70 वर्षों के अन्याय से किसानों को कराया मुक्त

केंद्र सरकार के कृषि से जुड़े दो विधेयकों को राज्यसभा में रविवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिल के पास होने से पहले विपक्ष ने राज्यसभा में खूब हंगामा दिया है। रविवार को पास हुए बिल पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बोलते हुए कहा कि विपक्ष ने इस प्रक्रिया में सहयोग करने के बजाए किसानों की मुक्ति में बाधा डालने की कोशिश की।

जेपी नड्डा ने कहा, नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले 70 वर्षों से किसानों को अन्याय से मुक्त कराया है। विपक्षी दलों को किसान विरोधी बताते हुए नड्डा ने कहा कि उन्होंने (विपक्षी दलों) प्रक्रिया का हिस्सा होने के बजाय, किसानों की मुक्ति में बाधा डालने की कोशिश की। बीजेपी उनके कृत्य की निंदा करती है। राज्यसभा में पास हुए दोनों बिल जून में जारी किए गए दो विधेयकों  का स्थान लेंगे। 

नड्डा ने कहा, संसद से पारित उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण), कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक सही मायनों में किसानों को अपने फसल के भंडारण और बिक्री की आजादी देंगे और बिचौलियों के चंगुल से उन्हें मुक्त करेंगे। 

जेपी नड्डा ने किसान बिलों पर फैलाए जा रहे भ्रम पर सफाई देते हुए कहा कि एमएसपी अर्थात न्यूनतम समर्थन मूल्य था, है और रहेगा। एपीएमसी की व्यवस्था भी बनी रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने दूरदर्शिता का परिचय देते हुए किसानों के बेहतर भविष्य के लिए ये कदम उठाए हैं जो किसानों की आय को दोगुना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 

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उन्होंने कहा कि अब किसान अपनी मर्जी का मालिक होगा। किसानों को उपज बेचने का विकल्प देकर उन्हें सशक्त बनाया गया है। बिक्री लाभदायक मूल्यों पर करने से संबंधित चयन की सुविधा का भी लाभ किसान ले सकेंगे। इससे जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान किसान के घर पर ही उपलब्ध होगा। 

नड्डा ने कहा कि यह मोदी सरकार है जिसने स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू किया, किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी, फसल बीमा की सौगात दी और कृषिगत सुधार के लिए एक लाख करोड़ रुपये का अलग से आवंटन किया। 

नड्डा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, कांग्रेस ने लोक सभा चुनाव 2019 के अपने घोषणापत्र में एपीएमसी व्यवस्था को खत्म करने की बात की थी जबकि इन विधेयकों के अनुसार एमएसपी और एपीएमसी चलती रहेगी। मोदी सरकार तो किसानों को बेहतर विकल्प उपलब्ध करा रही है। आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस किसानों को सशक्त होते देखना क्यों नहीं चाहते। 

जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने किसानों के सशक्तिकरण के लिए कभी कोई रिफॉर्म्स नहीं किया। उसके पास न इसके लिए सोच थी, न ही इच्छाशक्ति। किसानों और गरीबों को गुमराह कर राजनीति करने की कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। कांग्रेस के दोहरे चरित्र से किसान वाकिफ हैं, वे अब उसके बहकावे में आने वाले नहीं हैं। 

इन विधेयकों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को बंद नहीं किया जाएगा। विधेयकों से किसानों को अपनी उपज बेचने के दो विकल्प उपलब्ध होंगे। किसानों को मंडी से बाहर कहीं भी मनमानी कीमत पर अपनी फसलों की बिक्री की आजादी दी गयी है। इसके साथ ही अनुबंध कृषि का प्रावधान किया गया है। इससे अधिक मूल्य मिलने वाली फसलों की खेती बढेगी और अत्याधुनिक कृषि तकनीक को बढावा मिल सकेगा।