समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि जरूरी नहीं कि हर प्रयोग सफल हो। उन्होंने कहा कि एक इंजीनियरिंग का छात्र होने के नाते उन्होंने यह प्रयोग (सपा-बसपा-रालोद गठबंधन) किया था। अखिलेश आज यहां ऐशबाग स्थित ईदगाह पर लोगों को मुबारकबाद देने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा, ‘जब आप कुछ नया करते हैं तो भले ही सफलता न मिले, लेकिन काफी कुछ सीखने को मिलता है। यह जरूरी नहीं कि हर प्रयोग सफल हो।’ गठबंधन टूटने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मायावती जी के लिए जो बात मैंने पहले दिन कही थी कि उनका सम्मान हमारा सम्मान है, आज भी वहीं बात कहता हूं। अगर अब रास्ते खुले हैं तो आने वाले उपचुनावों में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से बात करके आगे की रणनीति पर चर्चा करूंगा।’

ज्ञात हो कि अखिलेश यादव ने यही बात मंगलवार को गाजीपुर में कही थी। उन्होंने कहा था, ‘गठबंधन टूटने के बारे में जानकारी नहीं है। अगर मायावती अकेले चुनाव लड़ने जा रही हैं तो सपा भी अपने नेताओं से बात करके अकेले ही चुनाव लड़ेगी।
गठबंधन को लेकर यही कहूंगा कि अगर गठबंधन टूटा है तो उस पर बहुत सोच-समझकर विचार करूंगा। हम कुछ कहें, कोई कुछ कहे, आप आकलन करें। उपचुनाव की तैयारी सपा भी करेगी।’ गौरतलब है कि मंगलवार को बसपा अध्यक्ष मायावती ने एक संवाददाता सम्मेलन में उप्र में होने वाले उपचुनाव में अकेले लड़ने की घोषणा कर दी थी।


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