BREAKING NEWS

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर बाइडन आज लेंगे शपथ, बयान देते समय हुए भावुक ◾TOP 5 NEWS 20 JANUARY : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान में अब तक 6.31 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया◾मोदी आज प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों को जारी करेंगे वित्तीय सहायता ◾आज का राशिफल (20 जनवरी 2021)◾कांग्रेस की बनाई भारत की छवि को नष्ट कर रहे प्रधानमंत्री : राहुल◾SC द्वारा गठित समिति कृषि कानून पर उत्पन्न संकट सुलझा नहीं पाएगी : बादल◾सोनिया ने केरल में चांडी की अगुवाई में बनाई चुनाव प्रबंधन समिति◾राहुल ने जारी किया 'खेती का खून' बुकलेट, जावड़ेकर बोले-कांग्रेस को खून शब्द से बहुत प्यार◾राहुल का वार- हिंदुस्तान के पास नहीं है कोई रणनीति, स्पष्ट संदेश नहीं दिया तो चीन उठाएगा फायदा ◾कृषि कानून पर SC द्वारा गठित समिति के सदस्यों की पहली बैठक, घनवट बोले- निजी राय को नहीं होने देंगे हावी ◾पश्चिम बंगाल : ममता बनर्जी का BJP पर जोरदार हमला, बताया नक्सलियों से ज्यादा खतरनाक◾कोविशील्ड के इस्तेमाल से कोई गंभीर एलर्जी की दिक्कत वाले लोग वैक्सीन नहीं लें : सीरम इंस्टीट्यूट ◾राहुल गांधी ने जारी की 'खेती का खून' बुकलेट, कहा- कृषि क्षेत्र पर पूंजीपतियों का हो जाएगा एकाधिकार ◾ब्रिस्बेन में चौथे टेस्ट में जीत के साथ भारत ने रचा इतिहास, कंगारुओं को सिखाया सबक ◾चीन मुद्दे को लेकर नड्डा के निशाने पर राहुल, पूछा-झूठ बोलना कब बंद करेगी कांग्रेस?◾BJP सांसद का पलटवार- 80 के दशक से जमीन पर कब्जा करके बैठा है चीन, कांग्रेस ने क्यों नहीं की कार्रवाई ◾2019 में TMC को किया आधा, 2021 में कर देंगे सफाया : दिलीप घोष◾अरुणाचल प्रदेश में चीन के गांव को बसाए जाने की रिपोर्ट पर सियासत तेज, राहुल ने PM पर साधा निशाना ◾देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के नए मामले 10 हजार से कम, 137 लोगों ने गंवाई जान ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

समिति के चारों सदस्य कृषि कानूनों के पक्षधर, किसानों को नहीं मिल सकता न्याय : कांग्रेस

कांग्रेस ने कृषि कानूनों को लेकर चल रहे गतिरोध को खत्म करने के मकसद से उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित की गई समिति को लेकर मंगलवार को सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि समिति के चारों सदस्य ‘काले कृषि कानूनों का पक्षधर’ हैं और इस समिति से किसानों को न्याय नहीं मिल सकता। 

पार्टी ने यह भी कहा कि इस मामले का एकमात्र समाधान तीनों कानूनों को रद्द करना है। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि क्या ‘कृषि विरोधी कानूनों’ का समर्थन करने वालों से न्याय उम्मीद की जा सकती है ? 

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘क्या कृषि-विरोधी क़ानूनों का लिखित समर्थन करने वाले व्यक्तियों से न्याय की उम्मीद की जा सकती है? यह संघर्ष किसान-मज़दूर विरोधी क़ानूनों के ख़त्म होने तक जारी रहेगा। जय जवान, जय किसान!’’ 

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि समिति के इन चारों सदस्यों ने इन कानूनों का अलग अलग मौकों पर खुलकर समर्थन किया है। 

उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब समिति के चारों सदस्य पहले से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेत-खलिहान को बेचने की उनकी साजिश के साथ खड़े हैं तो फिर ऐसी समिति किसानों के साथ कैसे न्याय करेगी?’’ 

सुरजेवाला ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को जब सरकार को फटकार लगाई तो उम्मीद पैदा हुई कि किसानों के साथ न्याय होगा, लेकिन इस समिति को देखकर ऐसी कोई उम्मीद नहीं जगती। 

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमें नहीं मालूम कि उच्चतम न्यायालय को इन लोगों के बारे में पहले बताया गया था या नहीं? वैसे, किसान इन कानूनों को लेकर उच्चतम न्यायालय नहीं गए थे। इनमें से एक सदस्य भूपिन्दर सिंह इन कानूनों के संदर्भ में उच्चतम न्यायालय गए थे। फिर मामला दायर करने वाला ही समिति में कैसे हो सकता है? इन चारों व्यक्तियों की पृष्ठभूमि की जांच क्यों नहीं की गई? 

कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘ये चारों लोग काले कानूनों के पक्षधर हैं। इनकी मौजूदगी वाली समिति से किसानों को न्याय नहीं मिल सकता। इस पर अब पूरे देश को मंथन करने की जरूरत है।’’ 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी समिति के सदस्यों को लेकर सवाल किया। 

उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय द्वारा किसानों के विरोध पर व्यक्त की गई चिंता एक जिद्दी सरकार द्वारा उत्पन्न स्थिति को देखते हुए उचित और स्वागत योग्य है। समाधान निकालने में सहायता के लिए समिति बनाने का निर्णय सुविचारित है। हालांकि, चार सदस्यीय समिति की रचना पेचीदा और विरोधाभासी संकेत देती है।’’ 

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने तीन नये कृषि कानूनों को लेकर सरकार और दिल्ली की सीमाओं पर धरना दे रहे रहे किसान संगठनों के बीच व्याप्त गतिरोध खत्म करने के इरादे से मंगलवार को इन कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगाने के साथ ही किसानों की समस्याओं पर विचार के लिये चार सदस्यीय समिति गठित कर दी। 

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद समिति के लिये भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिन्दर सिंह मान, शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवत, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक (दक्षिण एशिया) डॉ प्रमोद जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी के नामों की घोषणा की।