BREAKING NEWS

राज्य सरकारों के अनुरोध पर बढ़ सकती है लॉकडाउन की अवधि, केंद्र कर रही है विचार◾कोरोना को मात देने के लिए केजरीवाल सरकार ने बनाई खास '5T' योजना, होगा महामारी का सफाया◾कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने PM मोदी को लिखा पत्र, कोविड-19 से निपटने की दी सलाह◾महबूबा मुफ्ती को जेल से स्थानांतरित कर भेजा गया घर, PSA के तहत जारी रहेगी हिरासत◾मलेरिया रोधी दवा पर हटी पाबंदी को लेकर राहुल बोले- सभी देशों की करनी चाहिए मदद लेकिन पहले भारतीयों को कराया जाए मुहैया◾शर्मनाक : नरेला में 2 जमातियों ने क्वारनटीन सेंटर के दरवाजे पर किया शौच, दर्ज हुई FIR◾दुनियाभर में मलेरिया रोधी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की मांग के बीच मोदी सरकार ने आपूर्ति पर हटाया प्रतिबन्ध◾UP के बागपत में अस्पताल से फरार हुआ कोरोना पॉजिटिव जमाती, प्रशासन में मचा हड़कंप◾Coronavirus : विश्व में लगभग 14 लाख पॉजिटिव केस आए सामने वहीं 74,000 के करीब पहुंचा मौत का आंकड़ा◾कोविड-19 : देश में 4,421 संक्रमित मामलों की पुष्टि , पिछले 24 घंटे में हुई 5 मौत◾भारत से हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति पर ट्रम्प बोले- भेजेंगे तो सराहनीय वरना करेंगे आवश्यक कार्रवाई◾विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर PM मोदी ने किया ट्वीट,लिखा-फिर मुस्कुराएगा इंडिया और फिर जीत जाएगा इंडिया◾जम्मू-कश्मीर में LOC के पास आज सुबह पाकिस्तान ने की गोलीबारी, सेना की जवाबी कार्रवाई जारी ◾चीन से आई कोविड-19 की अच्छी खबर, पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस से नहीं हुई किसी भी व्यक्ति की मौत ◾coronavirus : तमिलनाडु में कोविड-19 से 621 लोग संक्रमित, 574 मामलें तबलीगी जमात से जुड़े◾Coronavirus : तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय की सफाई, कहा- सीएम ने लॉकडाउन बढ़ाने की सलाह दी लेकिन कोई घोषणा नहीं ◾स्वास्थ्य मंत्रालय : तबलीगी जमात से जुड़े 1,445 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए, 25 हजार से अधिक एकांतवास में◾दिल्ली में कोरोना से अब तक 523 लोग हुए संक्रमित, पिछले 24 घंटे में 20 नए मामले आए सामने ◾कोरोना से हुई कुल मौतों में 73 प्रतिशत पुरुष जबकि 27 प्रतिशत महिलाएं : स्वास्थ्य मंत्रालय◾केंद्र का बड़ा फैसला, PM सहित कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों के वेतन में 30 फीसदी की होगी कटौती◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaLast Update :

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अमित शाह बोले- सार्वजनिक पटल पर सूचनाएं रखने से RTI दाखिल करने की जरूरत हुई कम

गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि सरकार ने सूचनाओं को सार्वजनिक पटल पर सक्रियता से रखने के लिए कई कदम उठाए हैं और इसके चलते सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन दाखिल करने की जरूरत कम पड़ रही है। शाह ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के 14वें वार्षिक सम्मेलन में कहा कि आरटीआई कानून ने लोगों और सरकार के बीच के अंतर को पाटा है तथा अविश्वास को कम किया है। 

कश्मीर की स्थिति को लेकर अधिकारियों की तरफ से जारी बयान गलत : \महबूबा मुफ्ती

अमित शाह ने कहा, "2016 में जब मैंने कानून का अध्ययन किया तो मुझे भी लगा कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। लेकिन आज हम कह सकते हैं कि दुरुपयोग बहुत कम हुआ है और सदुपयोग बहुत ज्यादा हुआ है।" आरटीआई के दुरुपयोग की तरफ इशारा करते हुए अमित शाह ने कहा कि अकारण इस अधिकार का उपयोग न करें, इसका उपयोग परदर्शिता और गतिशीलता लाने के लिए ही करें। सूचना के अधिकार के साथ-साथ लोगों में दायित्व की भावना को भी जगाना जरूरी है। 

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाई गई विभिन्न योजनाओं के लिए ‘‘डैशबोर्ड’’ और सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध कराने से गरीब से गरीब लाभार्थी तक इनकी जानकारियां पहुंचाई गई हैं। शाह ने कहा कि सरकार नागरिकों द्वारा आरटीआई आवेदन दाखिल करने की जरूरत को कम करने के लिए अधिकतम सूचनाएं सार्वजनिक पटल पर रखने को लेकर एक ढांचा बना रही है। 

अमित शाह ने सरकारी कार्यों में पारदर्शिता का उदाहरण देते हुए कहा कि सौभाग्य योजना के तहत लोग डेशबोर्ड में ये देख सकते हैं कि उनके घर में बिजली कब लगने वाली है। उन्होंने कहा, "केदारनाथ धाम के नए स्वरूप का निर्माण हो रहा है, वहां घाटी में ऑल वेदर रोड बन रही हैं। आपको आश्चर्य लगेगा लेकिन वहां की पूरी निगरानी ड्रोन के माध्यम से ऑनलाइन हो रही है।"

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आरटीआई एक्ट अन्याय रहित सुशासन देने की दिशा में अच्छा प्रयास है, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक व्यवस्था देने और अधिकारों के अतिक्रमण को नियंत्रित करने में भी आरटीआई ने अपनी पूरी भूमिका निभाई है। 

उन्होंने कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग से लेकर हर राज्य में सूचना आयोग की स्थापना की गई है। इस अधिनियम के तहत लगभग 5 लाख से ज्यादा सूचना अधिकारी इस कानून के तहत काम कर रहे हैं। भारत विश्व में पहला ऐसा देश है जो नीचे तक सूचना तंत्र की रचना करने में सफल हुआ है और एक जवाबदेह सूचना तंत्र का गठन कर पाया है। 

गृह मंत्री ने बताया कि 1990 तक केवल 11 ही देशों में आरटीआई का कानून था। वैश्वीकरण, आर्थिक उदारीकरण और तकनीक इनोवेशन के युग की शुरुआत होते ही ये संख्या बढ़ने लगी। आरटीआई के कारण कई देशों में अच्छे प्रशासनिक बदलाव देखने को मिले हैं जिनमें भारत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल में आरटीआई एक्ट के कारण जनता और प्रशासन के बीच की खाई को पाटने में बहुत मदद मिली है और जनता का प्रशासन व व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ा है।