BREAKING NEWS

राहुल गांधी ने लॉकडाउन को फिर बताया फेल, ट्विटर पर शेयर किया ग्राफ ◾महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी, आज सामने आए 2,436 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा 80 हजार के पार◾लद्दाख तनाव : कल सुबह 9 बजे मालदो में होगी भारत और चीन के बीच ले. जनरल स्तरीय बातचीत ◾पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा : मुंह में गहरे घावों के कारण दो हफ्ते भूखी थी गर्भवती हथिनी, हुई दर्दनाक मौत◾केंद्रीय गृह मंत्रालय की मीडिया विंग में भारी फेरबदल, नितिन वाकणकर नये प्रवक्ता नियुक्त किये गए ◾भाजपा नेता और टिक टोक स्टार सोनाली फोगाट ने हिसार मंडी समिति के सचिव को पीटा , वीडियो वायरल ◾सैन्य बातचीत से पहले बोला चीन-भारत के साथ सीमा विवाद को उचित ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध◾PM मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के ऐलान को कपिल सिब्बल ने बताया 'जुमला'◾दिल्ली के पीतमपुरा में एक मेड से 20 लोगों को हुआ कोरोना, 750 से ज्यादा लोग हुए सेल्फ क्वारंटाइन◾कोरोना संकट पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, नई योजनाओं पर मार्च 2021 तक लगी रोक◾गुजरात में कांग्रेस को तीसरा झटका, एक और विधायक ने दिया इस्तीफा◾दिल्ली मेट्रो में हुई कोरोना की एंट्री, 20 कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि◾'विश्व पर्यावरण दिवस' पर PM मोदी का खास सन्देश, कहा- जैव विविधता को संरक्षित रखने का संकल्प दोहराएं◾उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में ट्रक और स्कॉर्पियो की भीषण टक्कर, 9 लोगों की मौत◾World Corona : दुनिया में पॉजिटिव मामलों की संख्या 66 लाख के पार, अब तक करीब 4 लाख लोगों की मौत ◾कोविड-19 : देश में 10 हजार के करीब नए मरीजों की पुष्टि, संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 27 हजार के करीब ◾Coronavirus : अमेरिका में संक्रमितों का आंकड़ा 19 लाख के करीब, अब तक एक लाख से अधिक लोगों की मौत ◾अदालती आदेश का अनुपालन नहीं करने पर CM केजरीवाल के खिलाफ कोर्ट में अवमानना याचिका दायर ◾महाराष्ट्र : निसर्ग तूफान पर मुख्यमंत्री ठाकरे ने की समीक्षा बैठक, दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट पूरी करने के दिए निर्देश ◾वंदे भारत मिशन के शुरू होने से अबतक विदेश में फंसे 1.07 लाख से ज्यादा भारतीय स्वदेश वापस आए : विदेश मंत्रालय ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

अयोध्या मामला : सुप्रीम कोर्ट ने तय की सुनवाई की डेडलाइन, नवंबर तक आ सकता है फैसला

देश की सबसे बड़ी उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के पक्षकार चाहें तो मध्यस्थता के माध्यम से इसका सर्वमान्य समाधान कर सकते हैं। साथ ही न्यायालय ने कहा कि वह इस विवाद की रोजाना हो रही सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी करना चाहता है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि उसे शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला से एक पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि कुछ पक्षकारों ने मध्यस्थता प्रक्रिया फिर से शुरू करने के बारे में उन्हें पत्र लिखा है। 

न्यायमूर्ति कलीफुल्ला शीर्ष अदालत द्वारा गठित तीन मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष थे। यह मध्यस्थता समिति इस विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने में विफल रही थी। संविधान पीठ ने बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही कहा, ‘‘इससे संबंधित एक मुद्दा है। हमें एक पत्र मिला है कि कुछ पक्षकार इस मामले को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना चाहते हैं।’’ 

पीठ ने साथ ही यह भी कहा कि पक्षकार ऐसा कर सकते हैं और मध्यस्थता समिति के समक्ष होने वाली कार्यवाही गोपनीय रह सकती है। पीठ ने कहा कि भूमि विवाद मामले की छह अगस्त से रोजाना हो रही सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है और यह जारी रहेगी। संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं।

17 नवंबर तक तय हो जाएगा अयोध्‍या में राम मंदिर बनेगा या नहीं : CJI रंजन गोगोई

हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की अध्यक्षता में समिति के समक्ष मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है और यह गोपनीय ही रहेगी। पीठ ने हिन्दू और मुस्लिम पक्षकारों से कहा कि वह इस मामले की रोजाना चल रही सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरा करना चाहती है ताकि न्यायाधीशों को फैसला लिखने के लिये करीब चार सप्ताह का वक्त मिल सके। संविधान पीठ की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शीर्ष अदालत ने न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। 

समिति ने करीब चार महीने फैजाबाद में विभिन्न पक्षों से बातचीत की लेकिन इसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। इसके बाद ही न्यायालय ने छह अगस्त से इस मामले की रोजाना सुनवाई करने का निश्चय किया। शीर्ष अदालत ने इस विवाद को सर्वमान्य समाधान के उद्देश्य से आठ मार्च को मध्यस्थता के लिये भेजा था और इसे आठ सप्ताह में अपनी कार्यवाही पूरी करनी थी। 

समिति को आशा थी कि इस विवाद का समाधान निकल आयेगा, इसलिए न्यायालय ने इसका कार्यकाल 15 अगस्त तक के लिये बढ़ा दिया था। शीर्ष अदालत ने समिति की 18 जुलाई तक की कार्यवाही की प्रगति के बारे में रिपोर्ट का अवलोकन किया और इसके बाद ही नियमित सुनवाई करने का निश्चय किया। शीर्ष अदालत इस समय अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बराबर बांटने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले में दिये गये आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही है।