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श्रमिक संगठनों की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित, कई एटीएम खाली

सरकार की ‘‘जनविरोधी’’ नीतियों के खिलाफ 10 प्रमुख श्रमिक संगठनों के आह्वान पर बुलाई गई एक दिन की हड़ताल के कारण बुधवार को देश के अधिकतर हिस्सों में बैंकिंग सेवाएं ठप रहीं।

 

महाराष्ट्र, राजस्थान, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल और असम जैसे विभिन्न राज्यों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं प्रभावित रहीं। 

शाम होते होते कई एटीएम भी खाली हो गए क्योंकि बैंकों में हड़ताल के कारण लोगों ने पैसे निकालने के लिए एटीएम को तरजीह दी। 

एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर विभिन्न कारणों से महीने के पहले 10 दिनों तक नकदी की भारी मांग होती है। 

उन्होंने कहा कि कई कंपनियों में सात तारीख को वेतन का भुगतान होता है, इसलिए महीने की 10 तारीख तक नकदी निकासी के लिए भीड़ होती है। 

हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों और भारतीय रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने भी भाग लिया। 

जनरल इंश्योरेंस एम्प्लॉइज ऑल इंडिया एसोसिएशन के अनुसार नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के समूह तीन और चार कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया। इससे कुछ सेवाएं प्रभावित हुईं। 

एसोसिएशन के महासचिव के गोविंदन ने कहा कि 100 प्रतिशत हड़ताल रही क्यांकि दो यूनियनों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यूनियनें सामान्य बीमा कंपनियों के विलय और श्रम कानूनों में संशोधन का विरोध कर रही हैं। 

ऑल इंडिया रिजर्व बैंक इम्प्लायीज एसोसिएशन (एआईआरबीईए) और ऑल इंडिया रिजर्व बैंक वर्कर्स फेडरेशन (एआईआरबीडब्ल्यूएफ) ने भी हड़ताल में भाग लिया। 

रिजर्व बैंक के मुंबई स्थित केंद्रीय कार्यालय सहित देश भर के 19 कार्यालयों के लगभग 12,000 कर्मचारियों ने हड़ताल किया। इसने मुद्रा प्रबंधन, सरकार और सार्वजनिक खातों सहित विभिन्न विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ। 

समूचे महाराष्ट्र में बैंकिंग सेवाएं बुधवार को प्रभावित रहीं क्योंकि लगभग 40,000 बैंक कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें करीब 10,000 अधिकारी थे। 

हड़ताल से पंजाब और हरियाणा में आंशिक प्रतिक्रिया हुई। राजस्थान में भी बैंकिंग कार्य प्रभावित हुए। हालांकि, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और निजी क्षेत्र के बैंक खुले रहे। 

बैंक कर्मचारियों के सगठनों एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ ने भी हड़ताल में भाग लिया। 

कई बैंक शाखाओं में नकदी निकासी और जमा जैसी सेवाएं प्रभावित हुईं क्योंकि कर्मचारी काम पर नहीं आए और विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। 

चेक क्लियरिंग जैसी अन्य सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि डिजिटल लेनदेन अप्रभावित रहा। 

एआईबीईए के महासचिव सी एच वेंकटचलम के अनुसार, देश के कई हिस्सों में शाखाएं बंद होने के कारण हड़ताल 100 प्रतिशत रही। 

उन्होंने कहा, ‘‘ हम बैंकों का विलय, निजीकरण ... और मजदूरी से संबंधित अन्य मुद्दों पर सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।’’