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असम में सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे पर हुआ भाजपा का समझौता, घोषणा जल्द

आगामी असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा और उसके सहयोगी दलों, असम गण परिषद (अगप) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर समझौते को बुधवार को अंतिम रूप दे दिया गया। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। 

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर बुधवार को हुई एक अहम बैठक में सीटों के तालमेल पर ‘‘99 प्रतिशत’’ सहमति बन गई। 

इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रंजीत दास, अगप के अध्यक्ष व राज्य सरकार के मंत्री अतुल बोरा, यूपीपीएल के प्रमुख प्रमोद बोरो, भाजपा नेता व मंत्री हेमंत विश्व सरमा भी मौजूद थे। 

सूत्रों ने बताया कि कौन सा दल कितनी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा, इसकी घोष्णा एक-दो दिनों में कर दी जाएगी। 

सूत्रों ने बताया कि सीटों के तालमेल के मुताबिक अगप को 25 सीटें जबकि यूपीपीएल को 12 सीटें मिल सकती हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में अगप को 14 सीटों पर जीत मिली थी। यूपीपीएल भाजपा के साथ गठबंधन का हाल ही में हिस्सा बनी है। फिलहाल विधानसभा में उसका एक भी सदस्य नहीं है। 

वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 60 सीटों पर जीत मिली थी। वह शेष सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। असम विधानसभा में 126 सीटें हैं। 

पिछले चुनाव में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने भाजपा और अगप के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था और उसने 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार में चुनाव में बीपीएफ ने कांग्रेस और एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन किया है। 

शाह के आवास पर चली संयुक्त बैठक के बाद भाजपा नेताओं की नड्डा के निवास पर अलग से बैठक हुई और उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। 

उम्मीदवारों की पहली सूची पर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति में बृहस्पतिवार को मंथन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है। 

असम में 27 मार्च से छह अप्रैल के बीच तीन चरणों में मतदान संपन्न होगा। पहले चरण के तहत राज्य की 47 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत 39 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल और तीसरे व अंतिम चरण के तहत 40 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल को मतदान संपन्न होगा। नामांकन की आखिरी तारीख नौ मार्च है। 

पहले चरण में जिन सीटों पर मतदान होना हैं उनमें माजुली और बोकाखाट विधानसभा सीटें प्रमुख हैं। सोनोवाल माजुली से जबकि अगप के बोरा बोकाखाट से विधायक हैं। 

इस बार असम में भाजपा को अपनी सत्ता बचाने की चुनौती है। वहां उसका सामना कांग्रेस और एआईयूडीएफ के गठबंधन से है। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव में 10 सालों के कांग्रेस शासन का अंत करते हुए पहली बार पूर्वोत्तर के किसी राज्य में सत्ता हासिल की थी।