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ईवीएम पर सवाल उठाने को भाजपा, सरकार ने विपक्ष की ‘हार की हताशा’ बताया

विपक्षी दलों द्वारा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने को भाजपा एवं केंद्र सरकार के मंत्रियों ने ‘डरे हुए लोगों की हार की हताशा’ बताया और कहा कि विपक्षी दलों को ईवीएम एवं चुनाव आयोग की प्रमाणिकता पर सवाल उठाने की बजाए सम्मानपूर्वक तरीके से हार को स्वीकार करना चाहिए। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि यदि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनकर फिर से सत्ता में लाती है तो वे हार को सम्मानपूर्वक स्वीकार करें।

भाजपा नेता एवं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए संवाददाताओं से कहा कि ईवीएम तब ठीक थीं, जब ममता बनर्जी, एन चंद्रबाबू नायडू और अमरिंदर सिंह जैसे उनके नेता चुनाव जीते और सत्ता में आये लेकिन जब भाजपा जीतती है अथवा ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सत्ता में वापस आ रहे हैं तो उनके लिए ईवीएम मशीनें गलत हो जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ईवीएम तब अच्छी हैं जब ममता बनर्जी दो बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनती हैं और अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री बनते हैं। यदि वे जीते तो ईवीएम अच्छी।

लेकिन जब इसकी उम्मीद हो कि हम जीतेंगे क्योंकि इस देश के लोग नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं तो ईवीएम गलत हो जाती हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा उनके (विपक्ष) व्यवहार की निंदा करती है और उनसे कहती है कि वे अपनी हार सम्मानपूर्वक स्वीकार करें।’’ उन्होंने कहा कि हार की हताशा में चुनाव की प्रामाणिकता पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने कहा कि जिन 21 पार्टियों ने ईवीएम के मुद्दे को उठाया था, उनमें से 17 दलों ने तो इसी मशीन के आधार पर जीत दर्ज की थी। तब इन दलों ने इस मुद्दे को नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके विपक्षी दलों ने शिकस्त और हार स्वीकार कर ली है। यह समझने की जरूरत है कि विचारधारा और काम के आधार पर देश चलेगा।

 राठौर ने कहा कि ईवीएम के बारे में चार पीआईएल दायर की गई थी और यह तय हुआ कि 5 मतदान केंद्र पर वीवीपैट का मिलान किया जायेगा। इसके बावजूद इस तरह से ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना हार की हताशा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्षी दल देश को बेवकूफ नहीं बना सकते।

देश का जनादेश उन्हें स्वीकार करने की जरूरत है। उन्हें अपने किये की माफी भी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री एवं अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि विपक्ष चुनाव हार रहा है, ऐसे में वह हताशा में इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम एवं वीवीपीएटी के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित 22 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को चुनाव आयोग का रुख किया और उससे यह आग्रह किया कि मतगणना से पहले बिना क्रम के मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान किया जाए।