BREAKING NEWS

ममता बनर्जी पर हमलावर हुए BJP विधायक सुरेंद्र सिंह, बोले- होगा चिदंबरम जैसा हश्र◾International Day of Democracy: ममता का मोदी सरकार पर वार, आज के दौर को बताया 'सुपर इमरजेंसी'◾इमरान खान ने माना, भारत से हुआ युद्ध तो हारेगा पाकिस्तान◾मंत्रियों के अटपटे बयानों से अर्थव्यवस्था का कल्याण नहीं होगा : यशवंत सिन्हा◾अर्थव्यवस्था में सुस्ती पर बोले नितिन गडकरी - मुश्किल वक्त है बीत जाएगा◾शिवपाल यादव की कमजोरी में खुद की मजबूती देख रही समाजवादी पार्टी◾चिन्मयानंद मामला : पीड़िता ने एसआईटी को सौंपे 43 वीडियो, स्वामी को बताया 'ब्लैकमेलर'◾हरियाणा के लिए कांग्रेस ने गठित की स्क्रीनिंग कमेटी ◾काशी, मथुरा में मस्जिद हटाने के लिए दी जाएगी अलग जमीन : स्वामी ◾सारदा मामला : कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त CBI के समक्ष नहीं हुए पेश◾कांग्रेस 2 अक्टूबर को करेगी पदयात्रा◾अमित शाह 18 सितंबर को जामताड़ा से रघुवर दास की जनआशीर्वाद यात्रा करेंगे शुरू◾PAK ने आतंकवाद को नहीं रोका तो उसके टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकता : राजनाथ ◾मॉब लिंचिंग : NCP ने मोदी सरकार पर साधा निशाना , कहा - ऐसी घटना पहले कभी सुनाई नहीं देती थी लेकिन अब अक्सर सुन सकते हैं◾राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्विट्जरलैंड में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का किया अनावरण ◾मारा गया ओसामा बिन लादेन का बेटा हमजा लादेन, बुलाया जाता था 'क्राउन ऑफ टेरर', 7 करोड़ का था इनाम◾प्रधानमंत्री ने कश्मीर से 370 हटाकर किया आतंकवाद का खात्मा : CM योगी◾TOP 20 NEWS 14 September : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना : अर्थव्यवस्था के संकट पर बेखबर हैं निर्मला, सरकार के पास कोई दृष्टि नहीं◾ओड-इवन पर मनोज तिवारी ने CM केजरीवाल को लिखा पत्र, कहा- कृपया दिल्ली की जनता को बख्श दें◾

देश

बीजेपी ने बजट को बताया भरोसे के संकट को खत्म करने वाला, कांग्रेस ने आशाओं के विपरीत करार दिया

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट को बीजेपी ने जहां देश की राजनीति में पैदा हुए भरोसे के संकट को कम करने वाला बताया, वहीं कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट लोगों की आशाओं और अकांक्षाओं के विपरीत रहा है। लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए बीजेपी के वीरेंद्र सिंह ने कहा कि आम बजट अतीत की गलतियों को सुधारने वाला और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने वाला है। 

उन्होंने कहा कि स्वदेशी की अवधारणा पर आधारित बजट ने देश की राजनीति में पैदा हुए भरोसे के संकट को कम किया है। वीरेंद्र सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच साल चलने वाली सरकार ने गांव में रहने वाले गरीबों के मन में भरोसा पैदा किया है। इससे पहले देश की राजनीति में भरोसे का संकट इसलिए पैदा हुआ था क्योंकि लोग कहते कुछ थे, करते कुछ थे और दिखता कुछ था। 

वीरेंद्र सिंह ने कहा कि देश की जनता को पहली बार भरोसा हुआ है कि यह सरकार जो कहती है, वह करती है। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विरोध के लिए विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है लेकिन आज विपक्ष की विरोध की ताकत खत्म हो गयी है। विपक्ष को गांव और किसान के मुद्दों पर सरकार के साथ एकमत होना चाहिए। 

कांग्रेस सांसद परनीत कौर ने सरकार के पहले बजट को आशाओं के विपरीत बजट करार देते हुए कहा कि आजाद भारत में गठबंधन की सरकारों में देश की अर्थव्यवस्था का सुनहरा दौर रहा और वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश बजट लोगों की उम्मीदों के प्रतिकूल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में तीन बजट को परिवर्तनकारी माना जाता है। 

कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम पर लोकसभा में हंगामा, राहुल ने लगाए 'वी वांट जस्टिस' के नारे

पहला ऐसा बजट 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा पेश किया गया जिसने भारत की अर्थव्यस्था की दशा और दिशा बदल दी। कौर ने कहा कि इसके बाद 1997 में पी चिदंबरम ने ड्रीम बजट पेश किया और फिर 2004 में संप्रग सरकार का पहला बजट आया। इन दोनों बजट ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। 

पटियाला से कांग्रेस सांसद ने कहा कि गठबंधन की सरकारों में भारत की अर्थव्यवस्था का सुनहरा दौर रहा। उन्होंने कहा कि प्रचंड बहुमत होने के बावजूद मोदी सरकार का यह बजट लोगों की आशाओं और अकांक्षाओं के विपरीत रहा है। तेलंगाना राष्ट्र समिति के नामा नागेश्वर राव ने कहा कि तेलंगाना राज्य ने सबसे पहले ‘हर घर जल’ योजना की शुरूआत की थी। अब केंद्र सरकार भी ऐसी योजना लाई है। 

उन्होंने कहा कि बजट में दक्षिणी राज्यों के लिए उम्मीद के मुताबिक प्रावधान नहीं किए गए जबकि हमें वित्त मंत्री सीतारमण से अपने राज्य के लिए अधिक बजट की उम्मीद थी जो तमिलनाडु की बेटी और आंध्र प्रदेश की बहू हैं। बीजेपी के विनोद सोनकर ने कहा कि विपक्ष के लोग अनुसूचित जाति और जनजाति के बजट में कमी के आरोप लगा रहे हैं, जो गलत हैं। 

उन्होंने नौकरी में आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की ताकि रोजगार के संबंध में युवाओं के सामने आ रहे संकट को खत्म किया जा सके। सोनकर ने आकांक्षी जिलों की तर्ज पर उद्योग विहीन जिले चिह्नित करने की भी मांग की। लोक जनशक्ति पार्टी के रामचंद्र पासवान ने कहा कि कोई वर्ग नहीं है जो बजट पर केंद्र सरकार की सराहना नहीं कर रहा हो। गरीब सोचते हैं कि यह सरकार उनके बारे में सोच रही है।

बीजेपी के नंद कुमार सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट देश की ऊंचाई पर ले जाने वाला है और फिर से साबित हो गया है कि नरेंद्र मोदी सरकार गांव, गरीब और किसानों की सरकार है। बीजेपी की ही सुनीता दुग्गल ने कहा कि यह बजट देश को नयी दिशा देने वाला है और इसमें गरीबों को विशेष ध्यान रखा गया है।