BREAKING NEWS

आज का राशिफल (28 नवंबर 2022)◾राष्ट्रपति मुर्मू 29 नवंबर को हरियाणा रोडवेज में E -Ticket प्रणाली की शुरुआत करेंगी,छह डिपो में होगी लागू◾AAP पर निशाना साधते हुए बोले PM - नर्मदा विरोधी ताकतों के समर्थकों को गुजरात में पैर जमाने देने का पाप न करें◾CM गहलोत को कुछ शब्दों का नहीं करना चाहिए था इस्तेमाल, हम संगठन को मजबूत करने वाला लेंगे फैसला : जयराम ◾Kerala : बंदरगाह विरोधी प्रदर्शनकारियों ने थाने पर किया हमला, 9 पुलिसकर्मी घायल, मीडिया से भी की बदसलूकी ◾Mangaluru Blast : कर्नाटक पुलिस ने तमिलनाडु में कई स्थानों पर की छापेमारी, लोगों को किया तलब ◾गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में हुआ शामिल IPL 2022 फाइनल, BCCI सचिव जय शाह ने दी जानकारी◾FIFA World Cup 2022 : जापान को कोस्टा रिका ने हराया, 1-0 से दी मात◾PM मोदी ने कहा- कांग्रेस और अन्य दल आतंकवाद को कामयाबी के ‘शॉर्टकट’ के रूप में देखते ◾ Punjab: पंजाब में दिल दहला देने वाला मामला, ट्रेन की चपेट में आने से तीन की मौत, जानें पूरी स्थिति◾Delhi: हाई कोर्ट ने कहा- मसाज पार्लर की आड़ में होने वाली वेश्यावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए दिल्ली पुलिस◾Bihar News: उमेश कुशवाहा को फिर मिला मौका, बने रहेंगे जदयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष◾Maharashtra: महाराष्ट्र में दर्दनाक हादसा, रेलवे स्टेशन फुटओवर ब्रिज का गिरा एक हिस्सा, इतने लोग हुए घायल◾Mainpuri bypoll: डिंपल की अपील, मतदान से पहले अपने घर में ना सोएं सपा के नेता और कार्यकर्ता◾कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा- पार्टी के नेता नर्सरी के छात्र नहीं, जो एक दूसरे से बात नहीं कर सकते◾2019 Jamia violence: कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा स्पष्टीकरण◾दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, दो हथियार सप्लायरों को किया गिरफ्तार, बिश्नोई गैंग से है संबंध◾Pakistan: इमरान खान ने कहा- वजीराबाद में तीन शूटरों मुझे जाने से मारने की कोशिश की थी◾भाजपा का दावा, केजरीवाल के करीबी लोग सत्येंद्र जैन के वीडियो करा रहे हैं लीक◾बीजेपी सरकारें बिना तुष्टीकरण के सशक्तीकरण करती हैं: मुख्तार अब्बास नकवी◾

Bulldozer Action: बुलडोजर कार्रवाई पर..... Supreme Court ने कहा- 'सबकुछ निष्पक्ष होना चाहिए'

उत्तर प्रदेश में 'बुलडोजर कार्रवाई' पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि विध्वंस कानून की उचित प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए।उत्तर प्रदेश सरकार को जमीयत उलमा-ए-हिंद की याचिका पर तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी की। राज्य को नोटिस जारी करते हुए, प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि विध्वंस एक प्रतिशोधी उपाय नहीं हो सकता है।

याचिकाकर्ता बोला- एक विशेष समुदाए को बनाया जा रहा निशाना

शीर्ष अदालत ने कहा, सब कुछ निष्पक्ष दिखना चाहिए, हम उम्मीद करते हैं कि अधिकारी केवल कानून के अनुसार कार्य करेंगे। सुरक्षा सुनिश्चित करें ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस मामले पर अगले हफ्ते आगे की सुनवाई होगी।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता चंद्र उदय सिंह ने जोरदार दलील दी कि एक समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और विध्वंस की प्रक्रिया 'भयावह' है। उन्होंने कहा कि देश ने आपातकाल के दौरान भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी थी। उन्होंने दलील दी कि यूपी शहरी नियोजन और विकास अधिनियम की धारा 27 का हवाला देते हुए विध्वंस से पहले नोटिस जारी नहीं किए गए थे। इसके अलावा वकील ने दावा किया कि कानून के अनुसार 15 दिनों की अवधि के बिना नोटिस ही जारी किया गया था।

विवादित टिप्पणी को लेकर हुआ था  हंगामा 

उत्तर प्रदेश राज्य के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दलील दी कि मीडिया इस मुद्दे पर अनावश्यक प्रचार कर रहा है। उन्होंने उन नोटिसों की ओर भी इशारा किया, जो हिंसा से बहुत पहले जारी किए गए थे, जिनमें विध्वंस की घटनाओं का जिक्र किया गया था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लोग अपनी अवैध संपत्तियों की रक्षा के लिए भी इस मसले का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और इन विध्वंस को किसी खास समुदाय से जोड़कर देख रहे हैं। याचिका में, पैगंबर के संबंध में टिप्पणी और उसके अलावा अभियान पर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि के खिलाफ, जमीयत उलमा ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के निर्देश मांगे, जो कथित तौर पर देश के अधिनियमित कानून और नगरपालिका कानूनों का उल्लंघन करके घरों को ध्वस्त करने के जिम्मेदार हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा...

याचिका में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति अधिक चिंताजनक है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही उत्तर पश्चिमी दिल्ली में समान परिस्थितियों में दंडात्मक उपाय के रूप में किए जा रहे विध्वंस पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसमें जोर देते हुए दलील दी गई है, यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और सहारनपुर में शुक्रवार (10 जून) को नमाज के बाद हिंसा और नारेबाजी की घटनाएं सामने आईं थीं, जब लोगों ने पैगंबर पर भाजपा के पूर्व प्रवक्ताओं की टिप्पणी का विरोध करना शुरू कर दिया था।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई का प्रतीक बना चुका बुलडोजर 10 जून को शहर में भड़की हिंसा के मुख्यसाजिशकर्ता के रूप में पहचाने गए मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप के आवास पर रविवार को पहुंचा था।प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कथित रूप से बिना आवश्यक अनुमति के बनाए गए घर को गिराने के लिए नोटिस जारी किया था।