BREAKING NEWS

PM लॉकडाउन पर फैसला तब लेंगे, जब बंगाल में चुनाव खत्म होंगे: संजय राउत ◾शांतिपुर में अमित शाह का रोडशो, ममता पर लगाया मृत्य पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप◾सीबीएसई बोर्ड ने सर्कुलर किया जारी, प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र◾कांग्रेस का केंद्र पर वार, कहा- सरकार की नीतियों के कारण भारतीयों पर कहर बरपा रहा है कोरोना ◾वैक्सीन उत्सव : PM मोदी ने देशवासियों को महामारी से लड़ने के लिए दिया चार सूत्रीय फॉर्मूला ◾दिल्ली में कोरोना की स्थिति चिंताजनक, अस्पतालों में बेड्स कम पड़े तो लगाना पड़ जाएगा लॉकडाउन : CM केजरीवाल◾महाराष्ट्र : भ्रष्टाचार केस में CBI ने अनिल देशमुख के निजी सहायकों को भेजा समन◾कूचबिहार फायरिंग को लेकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर भड़कीं ममता, EC को लिया आड़े हाथों◾PM मोदी ने की टीका उत्सव की शुरुआत, देश की जनता से 'ईच वन वैक्सीनेट वन' का किया आग्रह ◾देश में कोरोना का अबतक का सबसे बड़ा विस्फोट, एक दिन में 1.50 लाख से ज्यादा केस ◾ कृषि कानून के खिलाफ किसानों ने केएमपी हाइवे को 24 घंटे के लिए बंद करने के बाद आज सुबह खोला◾विश्व में कोरोना का आंकड़ा 13.5 करोड़ के पार, अमेरिका है दुनिया का सबसे प्रभावित देश ◾Delhi Corona : पिछले 24 घंटे के दौरान 7897 नए मामलों की पुष्टि, पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 10.21 फीसदी हुई ◾शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 3 आतंकवादियों को मार गिराया, सर्च ऑपरेशन जारी◾महाराष्ट्र में कोरोना का कहर, वीकेंड लॉकडाउन के दौरान सड़कों और बाजारों में पसरा सन्नाटा ◾आज का राशिफल (11 अप्रैल 2021)◾‘गुरू’ धोनी पर भारी पड़ा ‘शिष्य’ पंत, दिल्ली कैपिटल्स ने चेन्नई को हराया ◾कोविड-19: दिल्ली सरकार ने सभी तरह की सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक सभाओं पर रोक लगायी ◾बंगाल में चुनाव के दौरान पांच लोगों की हत्या के बाद राजनीतिक तूफान ◾पूर्वी लद्दाख : सैनिकों के पीछे हटने पर हुई वार्ता के नवीनतम दौर में चीन ने नहीं दिखाया कोई लचीलापन ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

नई शिक्षा नीति को केंद्र की मंजूरी, स्कूली शिक्षा में 10+2 नीति खत्म, 5+3+3+4 नई व्यवस्था होगी लागू

केंद्र सरकार ने आज नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसपर फैसला लिया गया है। बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। जावडेकर ने बताया कि 34 साल बाद देश में नई शिक्षा नीति आई है। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल-कॉलेज की व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव किए गए हैं। स्कूली शिक्षा के लिए एक नई विकास-उपयुक्त पाठ्यचर्या और शैक्षणिक संरचना 'पांच प्लस तीन प्लस तीन प्लस चार' डिजाइन पर विकसित की गई है। इसके तहत छात्रों को चार विभिन्न वर्गों में बांटा गया है। पहले वर्ग में तीन से छह वर्ष की आयु के छात्र होंगे, जिन्हें प्री प्राइमरी या प्ले स्कूल से लेकर कक्षा दो तक की शिक्षा दी जाएगी। 

इसके बाद कक्षा दो से पांच तक का पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। उसके उपरांत कक्षा पांच से आठ और फिर अंत में चार वर्षों के लिए नौ से लेकर 12वीं तक के छात्रों को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक कार्यक्रम बनाया गया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, पाठ्यक्रम लचीलेपन पर आधारित होगा, ताकि शिक्षार्थियों को अपने सीखने की गति और कार्यक्रमों को चुनने का अवसर हो। इस तरह जीवन में अपनी प्रतिभा और रुचि के अनुसार वे अपने रास्ते चुन सकेंगे। कला और विज्ञान, पाठ्यचर्या और पाठ्येतर गतिविधियों, व्यावसायिक और शैक्षणिक धाराओं आदि के बीच में कोई भेद नहीं होगा।

निशंक ने नई शिक्षा नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा, इससे सभी प्रकार के ज्ञान की महत्ता को सुनिश्चित किया जा सके, और सीखने के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच के हानिकारक पदानुक्रमों और इनके बीच के परस्पर वर्गीकरण या खाई को समाप्त किया जा सके। प्रारंभिक बाल्यावस्था देख-भाल शिक्षा यह शुरुआती वर्षों की महत्ता पर जोर देती है और निवेश में पर्याप्त वृद्धि और नई पहलों के साथ तीन-छह वर्ष के बीच के सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक-बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु लक्षित है। 

तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों की जरूरतों को आंगनवाड़ियों की वर्तमान व्यवस्था द्वारा पूरा किया जाएगा और पांच से छह वर्ष की उम्र को आंगनवाड़ी/स्कूली प्रणाली के साथ खेल आधारित पाठ्यक्रम के माध्यम से, जिसे एनसीईआरटी द्वारा तैयार किया जाएगा, सहज व एकीकृत तरीके से शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की योजना और उसका कार्यान्वयन मानव संसाधन विकास, महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा जनजातीय मामलों के मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इसके सतत मार्गदर्शन के लिए एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।

बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान मूलभूत साक्षरता और मूल्य आधारित शिक्षा के साथ संख्यात्मकता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्राथमिकता पर एक राष्ट्रीय साक्षरता और संख्यात्मकता मिशन स्थापित किया जाएगा। ग्रेड एक-तीन में प्रारंभिक भाषा और गणित पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। एनईपी 2020 का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रेड तीन तक के प्रत्येक छात्र को वर्ष 2025 तक बुनियादी साक्षरता और संख्याज्ञान हासिल कर लेना चाहिए।