कोलकाता : केंद्रीय मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने आज कहा कि कश्मीर के लोग चाहते हैं कि रमजान के मौके पर घोषित संघर्ष विराम को बढ़ाया जाए और सुरक्षा अभियानों को निलंबित किया जाए , लेकिन इस मामले पर अंतिम फैसला केंद्र करेगा। उन्होंने भाजपा के प्रदेश कार्यालय में संवाददाताओं से कहा , ‘‘ कश्मीर के लोग खुश हैं और वे चाहते हैं कि सुरक्षा अभियान निलंबित रहें। हम लोगों को खुश रखने और किसी भी तरह के खतरे से अपने देश को सुरक्षित रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं। हम उस लक्ष्य को हासिल करने के लिये जो भी जरूरत होगी उसे करेंगे। ’’ उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम को बढ़ाने और घाटी में सुरक्षा अभियान को निलंबित करने पर केंद्र फैसला करेगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा , ‘‘ हम शांति चाहते हैं। हमें बंदूक का सहारा लेने में खुशी नहीं होती है , लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संघर्ष विराम का उल्लंघन होगा तो हम जवाब नहीं देंगे। ’’ उन्होंने कहा कि केंद्र ने रमजान के पाक महीने को ध्यान में रखकर संघर्ष विराम की घोषणा की थी , लेकिन पाकिस्तान ने बार – बार उसका उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा , ‘‘ हमारी प्राथमिकता हमारे देश के लोगों को खुश और सुरक्षित रखने की है।

कश्मीर आतंकवादी गतिविधियों की वजह से दशकों से जल रहा है। हमने पाकिस्तान के आतंकवादी हथकंडों का हमेशा माकूल जवाब दिया है। ’’ ‘ राइजिंग कश्मीर ’ समाचार पत्र के संपादक शुजात बुखारी की कल श्रीनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। बुखारी की उस वक्त हत्या की गई जब वह एक इफ्तार पार्टी में शामिल होने जा रहे थे। उनकी हत्या केंद्र की ओर से रमजान के मौके पर घोषित संघर्ष विराम के खत्म होने से ठीक पहले की गई। इससे इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या सरकार को कश्मीर घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा अभियान को बहाल करना चाहिये।

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