BREAKING NEWS

राजस्थान के शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, बोले- लड़कियों को स्कूल में नहीं पढ़ा पाएंगे 50 साल से कम उम्र के पुरुष टीचर◾कमलेश तिवारी हत्याकांड की ATS ने 24 घंटे के भीतर सुलझायी गुत्थी, तीन षडयंत्रकर्ता गिरफ्तार◾FATF के फैसले पर बोले सेना प्रमुख- दबाव में पाकिस्तान, करनी पड़ेगी कार्रवाई◾हरियाणा विधानसभा चुनाव: भाजपा ने जवान, राफेल, अनुच्छेद 370 और वन रैंक पेंशन को क्यों बनाया मुद्दा?◾यूपी उपचुनाव: विपक्ष को कुछ सीटों पर उलटफेर की उम्मीद◾हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए आज थम जाएगा प्रचार, आखिरी दिन पर मोदी-शाह समेत कई दिग्गज मांगेंगे वोट◾INX मीडिया केस: इंद्राणी मुखर्जी का दावा- चिदंबरम और कार्ति को 50 लाख डॉलर दिए◾खट्टर बोले- प्रतिद्वंद्वियों ने पहले मुझे 'अनाड़ी' कहा, फिर 'खिलाड़ी' लेकिन मैं केवल एक सेवक हूं◾SC में बोले चिदंबरम- जेल में 43 दिन में दो बार पड़ा बीमार, पांच किलो वजन हुआ कम◾PM मोदी को श्रीकृष्ण आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई करनी चाहिए : ओवैसी ◾हिन्दू समाज पार्टी के नेता की दिनदहाड़े हत्या : SIT करेगी जांच◾कमलेश तिवारी हत्याकांड : राजनाथ ने डीजीपी, डीएम से आरोपियों को तत्काल पकड़ने को कहा◾सपा-बसपा ने सत्ता को बनाया अराजकता और भ्रष्टाचार का पर्याय : CM योगी◾FBI के 10 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में भारत का भगोड़ा शामिल◾करतारपुर गलियारा : अमरिंदर सिंह ने 20 डॉलर का शुल्क न लेने की अपील की ◾प्रफुल्ल पटेल 12 घंटे तक चली पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से निकले ◾फडनवीस के नेतृत्व में फिर बनेगी गठबंधन सरकार : PM मोदी◾प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के आसपास कोई भी नेता नहीं : सर्वेक्षण ◾मोदी का विपक्ष पर वार : कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों ने केवल घोटालों की उपज काटी है◾ISIS के निशाने पर थे कमलेश तिवारी, सूरत से निकला ये कनेक्शन◾

देश

चंद्रयान-1 टीम को याद आई ईंधन लीक, खराब मौसम, अन्य चुनौतियां

चेन्नई : चंद्रयान-1 परियोजना के सेवानिवृत्त हो चुके सदस्यों के अनुसार, ट्रांसपोर्ट रॉकेट के प्रोपलेंट भरने के दौरान ईंधन रिसाव, खराब मौसम, पेलोड की डिजाइन व अंतरिक्ष यान, चंद्रयान-1 मिशन की चुनौतियां बढ़ाने वाले कुछ चिंताजनक क्षण थे। 

चंद्रयान-1 भारत का पहला इंटरप्लेनेटरी मिशन था, जिसे 2008 में चंद्रमा पर भेजा गया। एम.अन्नादुरई की देखरेख में चंद्रयान-1 अंतरिक्ष यान को डिजाइन किया गया था। अन्नादुरई ने कहा, 'यह चंद्रयान-1 मिशन की सफलता है, जिसने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को मंगल मिशन व अब दूसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-2 के लिए प्रेरित किया।'

 

अन्नादुरई ने कहा, 'चंद्रयान-1 मिशन ने चंद्रमा पर पानी होने का पता लगाया था। इससे अंतरिक्ष में जाने वाले देशों में चंद्रमा के प्रति रुचि बढ़ी। अब 'बैक टू द मून' का नारा सही दिखाई पड़ता है।'

 

हालांकि, चंद्रयान-1 अंतरिक्ष यान को ले जाने वाले ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) रॉकेट के लॉन्च से पहले चिंताजनक स्थिति बनी हुई थी। 

तत्कालीन रेंज ऑपरेशंस के निदेशक एम.वाई.एस प्रसाद ने आईएएनएस से कहा, 'लॉन्च के एक दिन पहले दूसरे चरण (इंजन) में ईंधन लोडिंग ऑपरेशन के दौरान लीक हुआ था। यह लीक रॉकेट व जमीनी उपकरण के बीच ज्वाइंट पर था।'

 

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के तत्कालीन निदेशक के.राधाकृष्णन ने आईएएनएस से कहा, 'इस लीक की पहचान प्रोपलेंट फिलिंग यूनिट व लॉन्चर के बीच की गई।'

राधाकृष्णन बाद में इसरो के चेयमैन पद से सेवानिवृत्त हुए। राधाकृष्णन ने कहा कि वीएसएससी को चंद्रयान-1 के लिए पीएसएलवी-एक्सएल रॉकेट निर्माण के साथ मून इम्पैक्ट प्रोब बनाने की जिम्मेदारी दी गई। 

ईंधन लीक को याद करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि इसरो की टीम को हाइपरगोलिक ईंधन और ऑक्सीडाइजर के संयोजन को लेकर पूरी तरह से अलर्ट थी। 

उनके अनुसार, लॉन्च से पहले बारिश अप्रत्यक्ष तौर पर फायदेमंद साबित हुई। राधाकृष्णन ने याद करते हुए कहा कि ईंधन भरना फिर से शुरू किया लेकिन इसके प्रवाह की दर व ईंधन यूएच 25 का आदर्श अनुपात व ऑक्सीडाइजर (नाइट्रोजन टेट्राआक्साइड) में बाधा रही। 

इस बीच मौजूदा इसरो के चेयरमैन के. सिवन ने गणना की और सफल मिशन के लिए पर्याप्त गुंजाइश होने का पूर्वानुमान जताया। सिवन तत्कालीन वीएसएससी के गाइडेंस व मिशन सिमुलेशन के समूह निदेशक थे। 

इन तनावपूर्ण क्षणों के दौरान तत्कालीन इसरो चेयरमैन जी.माधवन नायर ने शांतचित्त होकर, पीएसएलवी लॉन्च के लिए अंतिम संकेत दिया।