BREAKING NEWS

मुख्यमंत्री गहलोत ने मोदी सरकार पर लगाया आरोप, कहा- केंद्रीय एजेंसियों का कर रही है इस्तेमाल ◾CM ममता ने भाषण देने से किया इनकार, PM मोदी बोले- कोलकाता आकर भावुक महसूस कर रहा हूं ◾विक्टोरिया मेमोरियल में नेताजी की जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ समारोह, PM मोदी और CM ममता मौजूद◾जम्मू-कश्मीर : पाक की एक और साजिश नाकाम, बीएसएफ और इंटेलिजेंस ने खोजी भूमिगत सुंरग ◾भारत जैसे बड़े देश में होनी चाहिए 4 राजधानी, इतिहास बदलने की कोशिश में केंद्र : CM ममता◾राहुल ने तमिलनाडु में चुनाव अभियान का किया आगाज, कहा- जनता से जुड़ी हर चीज को बेच रहे हैं PM मोदी ◾LAC विवाद सुलझाने को लेकर भारत व चीन के बीच जल्द होगी नौंवें दौर की कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक◾पीएम मोदी की अपील- अपना नम्बर आने पर जरूर लगवाएं कोरोना वैक्सीन, विपक्ष के लिए कही ये बात ◾ट्रैक्टर परेड षडयंत्र मामले में संदिग्ध युवक पर बोले टिकैत- 'प्रशासन और सरकार ही करवाते हैं इस तरह की हरकत' ◾LAC तनाव : भारत का सख्त संदेश- जब तक चीन नहीं हटाएगा सैनिक, तब तक डटे रहेंगे भारतीय जवान◾असम : पीएम मोदी ने भूमिहीन मूल निवासियों के लिए भूमि पट्टा वितरण अभियान की शुरुआत की◾गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड पर निर्णय आज, करीब 30 किलोमीटर के हो सकते हैं 3 रूट ◾भारत में एक दिन में कोरोना के 14256 नए मामलों की पुष्टि, एक्टिव केस 1 लाख 85 हजार से अधिक ◾दुनियाभर में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी, महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 21 लाख से पार ◾असम विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए PM मोदी और अमित शाह आज राज्य का करेंगे दौरा ◾TOP 5 NEWS 23 JANUARY : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती आज, पीएम मोदी और अमित शाह ने किया नमन ◾सिंघु बॉर्डर से पकड़ा गया संदिग्ध, किसानों ने साजिश रचे जाने का आरोप लगाया◾आज का राशिफल (23 जनवरी 2021)◾अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण कार्य फिर शुरू ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

नक्सली हिंसा की दहशत के बीच भी पढ़ना चाहते हैं बच्चे

जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों में जहां आवागमन के साधन सीमित हैं और नक्सली हिंसा की दहशत है, ऐसे क्षेत्रों के बच्चे भी शिक्षा के प्रति जागरूक है और वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन उनके क्षेत्रों में स्कूलों के ना रहने से उन्हें मजबूरी में बिना पढ़े ही रहना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार दूरस्थ हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से इस संबंध में किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य प्रकाशित हुआ है कि बड़ी संख्या में इन क्षेत्रों के नौनिहाल अशिक्षित हैं।

उनमें पढ़ने की ललक है। लेकिन नक्सलियों द्वारा उनके क्षेत्रों के स्कूलों के तोड़फोड़ करने और इन क्षेत्रों में प्रशासनिक अमले के ना पहुंचने से उन्हें मजबूरी में बिना पढ़े ही अपनी जिंदगी बितानी पड़ रही है। इन बच्चों के सामने केवल एक ही विकल्प रहता है कि या तो वो मेहनत मजदूरी करे या नक्सलियों के संगठन में शामिल होकर कुछ भरण पोषण के लिए कमाई कर ले।

ऐसे बच्चों से जब यह पूछा गया कि क्या तुम लोगों में पढ़ाई के प्रति रूचि नहीं है तब इन बच्चों ने साफ-साफ कहा कि उनका परिवार निर्धन है और जो थोड़ी बहुत खेती तथा जंगलों से प्राप्त होने वाली सामग्रियों से उनका परिवार अपना भरण-पोषण करता है। वह सिलसिला भी नक्सलियों के आतंक से खत्म हो गया है और उन्हें मजबूरी में नक्सलियों के साथ रहकर उनका साथ देना पड़ता है। यदि पढ़ने के लिए वे आगे आते हैं तो नक्सली उन्हें अपनी हिंसा से प्रताड़ित करते हैं और उनका शोषण करते हैं। इस विचित्र विरोधाभासी स्थित में उन्हें रहना पड़ रहा है जबकि उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त कर देश की सेवा करने की भावना है। इस परिस्थिति में शासन व प्रशासन भी उनकी कोई मदद नहीं कर पा रहा है।

अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक  करें।