BREAKING NEWS

दिल्ली में निशुल्क यात्रा की योजना लागू होने के बाद से महिला यात्रियों की हिस्सेदारी 10 फीसदी बढ़ी ◾तीसहजारी कांड : दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल की प्रगति रिपोर्ट, SIT जांच में मांगा सहयोग◾लोकसभा से चिट फंड संशोधन विधेयक 2019 को मंजूरी◾महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर साफ हुई, जल्द बन सकती है शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की सरकार ◾मंत्रिमंडल ने 1.2 लाख टन प्याज आयात की मंजूरी दी : सीतारमण◾NC, PDP ने कश्मीर में सामान्य हालात बताने पर केंद्र की आलोचना की◾पृथ्वी-2 मिसाइल का रात के समय सफलतापूर्वक परीक्षण ◾महाराष्ट्र में सरकार गठन पर जल्द मिलेगी गुड न्यूज : राउत ◾सकारात्मक चर्चा हुई, जल्द सरकार बनेगी : चव्हाण◾'हिटलर की बहन' वाले बयान पर बेदी का मुख्यमंत्री पर पलटवार◾यशवंत सिन्हा ने 22 से 25 नवंबर तक कश्मीर यात्रा की घोषणा की ◾TOP 20 NEWS 20 November : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾कांग्रेस ने भाजपा-जजपा गठबंधन पर साधा निशाना, कहा- ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी सरकार ◾INX मीडिया मामला : चिदंबरम की जमानत याचिका पर SC का ED को नोटिस ◾राज्यसभा में सीट बदले जाने पर भड़के संजय राउत, स्पीकर वेंकैया नायडू को लिखा पत्र ◾CM ममता का अमित शाह पर पलटवार, कहा- बंगाल में एनआरसी को नहीं लागू होने देंगे◾पूरे देश में लागू होगा NRC, किसी को भी डरने की जरूरत नहीं : अमित शाह◾ महाराष्ट्र में जारी सियासी घमासान के बीच NCP प्रमुख शरद पवार ने PM मोदी से की मुलाकात◾राज्यसभा में बोले शाह- जम्मू एवं कश्मीर में 5 अगस्त के बाद से नहीं हुई एक भी मौत ◾कांग्रेस ने राज्यसभा में फिर उठाया SPG सुरक्षा का मुद्दा, भाजपा ने दिया ये जवाब◾

देश

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्वोत्तर पर की अहम बैठक, NRC मुद्दे पर की गई चर्चा

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की जिसमें राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता (संशोधन) विधेयक सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई और इस क्षेत्र में पार्टी की समन्वय समिति को मजबूत बनाने तथा एनआरसी से बाहर रह गए भारतीय नागरिकों को पूरी मदद मुहैया कराने भी निर्णय लिया गया। 

इस बैठक में पूर्वोत्तर के कई राज्यों के कांग्रेस अध्यक्षों ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध किया, हालांकि अभी कांग्रेस आलाकमान ने इस विषय पर कोई फैसला नहीं किया। इस पर पार्टी बाद में अपना रुख स्पष्ट करेगी। कांग्रेस ने इस विधेयक को लेकर उस वक्त चर्चा की है जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक को भुला नहीं दिया गया है और इसे फिर से लाया जाएगा। 

हालांकि, पूर्वोत्तर के राज्यों की चिंताओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र से जुड़े विशेष कानून को नहीं छुआ जाएगा। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी और केसी वेणुगोपाल, पूर्वोत्तर के राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता मौजूद थे।

 इस बैठक के बाद असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने बताया, ‘‘एनआरसी को लेकर चर्चा हुई और यह निर्णय हुआ कि जो वास्तविक भारतीय नागरिक एनआरसी की सूची से बाहर रह गए हैं उनके साथ कांग्रेस पार्टी खड़ी रहेगी और उनको कानूनी और दूसरी हर तरह की मदद मुहैया करएगी।’’ 

ऑड-ईवन स्कीम पर बोले नितिन गडकरी- दिल्ली में इसकी कोई जरूरत नहीं

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने निर्देश दिया कि एनआरसी से बाहर रह गए भारतीय नागरिकों की पूरी मदद की जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमने भारत सरकार से आग्रह किया है कि भारतीय नागरिकों का नाम नहीं छूटना चाहिए। कांग्रेस की तरफ से हेल्प डेस्क बनाया गया है। अपील याचिका और कागजों के बारे में मदद की दी जा रही है।’’ 

बोरा ने कहा, ‘‘बैठक में नागरिकता (संशोधन) विधेयक के बारे में चर्चा की गई। सारे नेताओं की राय ली गई और सभी इकाइयों ने इसके खिलाफ राय दी, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बैठक में पूर्वोत्तर के राज्यों के विशेष दर्जे को लेकर भी चर्चा की गई। 

नगा शांति समझौते को लेकर बात हुई। हमारा यह रुख है कि इस नगा शांति फ्रेमवर्क में किसी सीमावर्ती राज्यों के हित से समझौता नहीं होना चाहिए और सभी के हितों की सुरक्षा होनी चाहिए।’’ बोरा ने कहा कि पूर्वोत्तर कांग्रेस समन्वय समिति को मजबूत बनाने का फैसला किया गया है। इसका गुवाहाटी में स्थायी कार्यालय बनाया जाएगा।