BREAKING NEWS

3-4 दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार होगा : बी एस येदियुरप्पा◾CAA के बाद देश से वापस लौटने वाले बांग्लादेशी प्रवासियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है : BSF◾TOP 20 NEWS 24 January : आज की 20 सबसे बड़ी ◾विजयवर्गीय के पोहे वाले बयान पर जावड़ेकर बोले- मैं भी पोहा खाता हूं ◾मुख्यमंत्री केजरीवाल बोले- चुनाव काम के आधार पर लड़ा जाएगा, न कि जाति या धर्म के आधार पर◾कांग्रेस, आप ने वोट बैंक की राजनीति की, भाजपा जो कहती है, वह करती है : नड्डा ◾प्रधानमंत्री मोदी बोले- भारत सिर्फ 130 करोड़ लोगों का घर ही नहीं बल्कि एक जीवंत परंपरा है◾भारत ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से हराया, सीरीज में 1-0 से आगे ◾कोरोना वायरस : मुंबई में मिले दो संदिग्ध मरीज, कस्तूरबा अस्पताल में बनाया गया विशेष वार्ड◾महाराष्ट्र : राकांपा नेता नवाब मलिक बोले- मोदी सरकार ने पवार के दिल्ली स्थित आवास से सुरक्षा हटाई◾योग गुरु बाबा रामदेव बोले-महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर काम करे सरकार◾जेएनयू छात्रों को दिल्ली HC ने दी राहत, कहा- पुरानी फीस पर ही होगा छात्रों का रजिस्ट्रेशन◾दिल्ली विधानसभा चुनाव : कपिल मिश्रा के विवादित बयान पर सिसोदिया का पलटवार, कहा- जीतेगा तो भारत ही◾CM केजरीवाल ने शाह के बयान पर साधा निशाना, बोले- सिर्फ वाईफाई नहीं, बैटरी चार्जिग भी फ्री है◾पाकिस्तान वाले ट्वीट पर कपिल मिश्रा को EC का नोटिस, बोले-सच बोलना इस देश में अपराध नहीं◾BJP महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने खान-पान का तरीका देख मजदूरों को बताया बांग्लादेशी◾ उत्तर प्रदेश में CAA के खिलाफ अनोखा विरोध, कब्रिस्तान पहुंच कर पूर्वजों की कब्र पर रोने लगे कांग्रेसी नेता◾विधानसभा चुनाव : आज दिल्ली में 3 सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करेंगे अमित शाह ◾चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हुई, 830 मामलों की पुष्टि ◾कोहरे की वजह दिल्ली आने वालीं 12 ट्रेनें 1 घंटे 30 मिनट से लेकर 4 घंटे 15 मिनट तक लेट ◾

कांग्रेस ने नागरिकता संशोधन विधेयक को बताया विभाजनकारी और संविधान विरूद्ध

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) में धार्मिक आधार पर नागरिकता देने के प्रावधानों को विभाजनकारी करार देते हुए कांग्रेस ने बुधवार को इस विधेयक को संविधान के विरुद्ध करार दिया। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में पेश विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुये उच्च सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार की यह दलील तर्कसंगत नहीं है कि पिछले 70 सालों में अन्य देशों से भारत आने वाले प्रताड़ित लोगों को नागरिकता नहीं दी गई। 

शर्मा ने कहा कि इससे पहले पड़ोसी देशों से ही नहीं बल्कि श्रीलंका, केन्या और युगांडा सहित अन्य देशों से भी भारत आने वाले शरणार्थियों को शरण दी गई। इसके लिये नागरिकता कानून में नौ बार संशोधन किया गया लेकिन एक बार भी धार्मिक आधार पर नागरिकता नहीं दी गई। 

उन्होंने कहा, "भारतीय संविधान धार्मिक आधार पर भेदभाव का स्पष्ट निषेध करता है। संविधान की इस मूल भावना का पालन करते हुये मानवीय आधार पर नागरिकता दी गई। इसलिये हम धार्मिक आधार पर नागरिकता देने को संविधान के विरूद्ध मानते हुये इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं।"

शर्मा ने लोकसभा में इस विधेयक पर जवाब के दौरान गृह मंत्री द्वारा धार्मिक आधार पर देश के विभाजन के लिये कांग्रेस के नेताओं को जिम्मेदार ठहराने को गलत बताते हुये कहा, "1943 में सावरकर जी ने औपचारिक रूप से घोषणा कर दी थी कि मुझे जिन्ना के द्विराष्ट्र सिद्धांत के प्रस्ताव से कोई आपत्ति नहीं है।"

आशा है कि लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में वोट करने वाले विपक्षी राज्यसभा में विरोध में होंगे: आजाद

उन्होंने इसके लिये कांग्रेस को दोष दिये जाने को गलत बताया। शर्मा ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुये पूछा कि आखिर देश के विभाजन में अंग्रेजों की भूमिका का जिक्र क्यों नहीं किया जाता है। कांग्रेस नेता ने विधेयक को भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा होने के कारण इसे लागू करने की प्रतिबद्धता को ‘राजहठ’ करार देते हुये कहा, "किसी दल का घोषणापत्र संविधान से नहीं टकरा सकता है, ना उसके ऊपर जा सकता है। लेकिन हम सभी ने संविधान की शपथ ली है इसलिये हमारे लिये पार्टी का घोषणापत्र नहीं संविधान सर्वोपरि है।"

शर्मा ने एनआरसी को पूरे देश में लागू करने के सरकार के फैसले का जिक्र करते हुये कहा कि पूरे देश में हिरासत शिविर बनाने के लिये जगह ले ली गई है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक मशहूर भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक ऐसा देश है जिसमें हर धर्म के प्रताड़ित व्यक्ति को शरण दी गई है। शर्मा ने मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को अपने प्रचार अभियानों में उपयोग किये जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को गांधी के चश्मे ही नहीं उनके नजरिये को भी अपनाना चाहिए।