BREAKING NEWS

दिल्ली में कोविड-19 के 1163 नए मामले की पुष्टि, संक्रमितों की संख्या 18 हजार को पार◾देशभर में 30 जून तक बढ़ा लॉकडाउन, 8 जून से रेस्टोरेंट, मॉल और धार्मिक स्थल खोलने की मिली अनुमति ◾लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 खत्म करना, राम मंदिर ट्रस्ट बड़ी उपलब्धियों में शामिल : गृह मंत्रालय ◾हिन्दुस्तान में बहुत सारे लोग कष्ट में हैं और भाजपा सरकार जश्न मना रही है : प्रियंका गांधी वाड्रा ◾लद्दाख सीमा तनाव पर रक्षामंत्री बोले- चीन से डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल पर चल रही है बातचीत ◾लॉकडाउन 5.0 लागू करने पर पीएमओ में महामंथन, गृहमंत्री अमित शाह ने की पीएम मोदी से मुलाकात◾कोरोना के बढ़ते केसों से घबराएं नहीं, महामारी से चार कदम आगे है आपकी सरकार : CM केजरीवाल◾मोदी सरकार 2.0 की पहली वर्षगांठ पर कांग्रेस ने कसा तंज, ‘बेबस लोग, बेरहम सरकार’ का दिया नारा ◾मोदी जी की इच्छा शक्ति की वजह से सरकार ने साहसिक लड़ाई लड़ी एवं समय पर निर्णय लिये : नड्डा ◾कोविड-19 पर पीएम मोदी का आह्वान - 'लड़ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल पड़े हैं'◾दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर कांग्रेस, भाजपा के निशाने पर केजरीवाल सरकार◾राम मंदिर , सीएए, तीन तलाक, धारा 370 जैसे मुद्दों का हल दूसरे कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां : PM मोदी ◾बीस लाख करोड़ रूपये का आर्थिक पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में बड़ा कदम : PM मोदी◾Coronavirus : दुनियाभर में वैश्विक महामारी का खौफ जारी, संक्रमितों की संख्या 60 लाख के करीब ◾कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए◾कोविड-19 : देश में अब तक 5000 के करीब लोगों की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 1 लाख 73 हजार के पार ◾मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरे होने पर अमित शाह, नड्डा सहित कई नेताओं ने दी बधाई◾PM मोदी का देश की जनता के नाम पत्र, कहा- कोई संकट भारत का भविष्य निर्धारित नहीं कर सकता ◾लद्दाख के उपराज्यपाल आर के माथुर ने गृहमंत्री से की मुलाकात, कोरोना के हालात की स्थिति से कराया अवगत◾महाराष्ट्र : 24 घंटे में कोरोना से 116 लोगों की मौत, 2,682 नए मामले ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

नालंदा यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सहभागी देशों से तीन वर्षो से नहीं मिला अंशदान : विदेश मंत्रालय

नालंदा विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए भारत, चीन, थाईलैंड, आस्ट्रेलिया, लाओस जैसे देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे लेकिन पिछले तीन वर्षो में भारत के अलावा किसी अन्य देश ने कोई योगदान नहीं दिया। विदेश मंत्रालय ने संसद की एक समिति को यह जानकारी दी। समिति ने कहा है कि मंत्रालय को इस कार्य में सहायता के लिए अन्य सहभागी देशों से अंशदान प्राप्त करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए। 

संसद में हाल ही में पेश विदेश मंत्रालय की अनुदान की मांगों पर विचार संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘भारत द्वारा योगदान की आखिरी किस्त जुलाई 2019 में जारी की गई थी। अगस्त 2016 के बाद से किसी अन्य देश से कोई योगदान नहीं मिला।’’ रिपोर्ट में ‘नालंदा विश्वविद्यालय’ शीर्षक के तहत यह ब्यौरा दिया गया है। 

विदेश मंत्रालय ने संसद की समिति को बताया कि सिंगापुर ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय के निर्माण के लिए 50 लाख से एक करोड़ डालर का योगदान देने का वादा किया था लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं मिला है। इसमें कहा गया है, ‘‘ चूंकि भारत के अलावा अन्य देशों से नालंदा विश्वविद्यालय के संचालन और पूंजीगत लागत में योगदान स्वैच्छिक प्रकृति का है और पिछले तीन वर्षो के दौरान अन्य देशों से कोई योगदान प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए अन्य देशों से प्राप्त होने वाले योगदान की गुंजाइश सीमित है।’’ 

रिपोर्ट के अनुसार, नालंदा विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए भारत, चीन, थाईलैंड, आस्ट्रेलिया, लाओस जैसे देशों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। भारत ने इस विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 684.74 करोड़ रूपये का योगदान दिया। चीन ने दस लाख डालर का योगदान दिया जबकि आस्ट्रेलिया ने दस लाख डालर, थाईलैंड ने 1,32,000 डालर तथा लाओस ने 50,000 डालर का योगदान दिया। 

समिति ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के लिए वर्ष 2018..19 के बजट में 200 करोड़ रूपए का आवंटन किया गया था जिसे संशोधित चरण पर घटाकर 190 करोड़ रूपया कर दिया गया। वर्ष 2019-20 के बजट में आवंटन 220 करोड़ रूपये था। समिति ने कहा कि मंत्रालय का यह अनुमान है कि इस परियोजना पर खर्च 400 करोड़ रूपया होगा परंतु 220 करोड़ रूपये का आवंटन जानबूझकर किया गया है। 

रिपोर्ट के अनुसार, समिति को यह बताया गया कि इस विश्वविद्यालय का वास्तविक निर्माण कार्य मई 2017 में शुरू हुआ। नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य 2021-22 तक पूरा होने का अनुमान है। परंतु मंत्रालय ने परियोजना को पूरा करने में लागत वृद्धि के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया है। 

समिति ने कहा, ‘‘नालंदा विश्विवद्यालय बौद्धिक, दार्शनिक एवं ऐतिहासिक अध्ययन करने के लिए उत्कृष्ट संस्था है और उसे पूरा करने में विलंब अत्यधिक निंदनीय है।’’ समिति ने कहा कि मंत्रालय को इस कार्य में सहायता के लिए अन्य सहभागी देशों से अंशदान प्राप्त करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।