BREAKING NEWS

आज का राशिफल (11 अगस्त 2022)◾हर घर तिरंगा अभियान : शौर्य चक्र से सम्मानित सिपाही औरंगजेब की मां ने अपने घर पर फहराया 'तिरंगा'◾दिल का दौरा पड़ने के बाद राजू श्रीवास्तव एम्स में भर्ती , वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखे गए◾माकपा ने 'मुफ्त उपहार' वाले बयान को लेकर PM मोदी पर निशाना साधा◾कांग्रेस ने महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में संजय राठौर को शामिल किए जाने को लेकर BJP पर साधा निशाना◾High Court में जनहित याचिका : याददाश्त खो चुके हैं सत्येंद्र जैन, विधानसभा और मंत्रिमंडल से अयोग्य घोषित किया जाए◾केजरीवाल ने गुजरात में सत्ता में आने पर महिलाओं को 1000 रुपये मासिक भत्ता देने का किया ऐलान ◾ISRO ने गगनयान से जुड़ा LEM परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया◾Corbevax Corona Vaccine : केंद्र सरकार ने वयस्कों को कॉर्बेवैक्स की बूस्टर खुराक देने को दी मंजूरी ◾भारत के अतीत, वर्तमान के लिए प्रतिबद्धता और भविष्य के सपनों को झलकाता है तिरंगा : PM मोदी◾ हिमाचल में भी खिसक सकती हैं भाजपा की सरकार ! कांग्रेस ने विधानसभा में लाया अविश्वास प्रस्ताव ◾काले कपड़ों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर PM मोदी ने कसा तंज, कहा- जनता भरोसा नहीं करेगी...◾जब नीतीश कुमार ने कहा था - येन केन प्रकारेण सत्ता प्राप्त करूंगा, लेकिन अच्छा काम करूंगा◾न्यायमूर्ति यू यू ललित होंगे सुप्रीमकोर्ट के नए प्रधान न्यायधीश ◾दिग्गज कारोबारी अडानी को जेड प्लस सिक्योरिटी, आईबी ने दिया था इनपुट◾शपथ लेने के बाद नीतीश की गेम पॉलिटिक्स शुरू, मोदी के खिलाफ कर सकते हैं ये बड़ा काम ◾नुपूर को सुप्रीम राहत, जांच पूरी न होने तक नहीं होगी गिरफ्तारी, सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ा ◾ ‘‘नीतीश सांप है, सांप आपके घर घुस गया है।’’, भाजपा नेता गिरिराज ने याद की लालू की पुरानी बात ◾ सुनील बंसल का बीजेपी में बढ़ा कद, बनाए गए पार्टी महासचिव◾पिता जेल में तो संभाली पार्टी की कमान, 75 सीट जीतकर किया धमाकेदार प्रदर्शन, जानिए तेजस्वी के संघर्ष की कहानी ◾

SC ने एक व्यक्ति की जमानत मंजूर करते हुए कहा- इलाहाबाद HC का रुख उचित नहीं

देश की शीर्ष अदालत, उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वह एक व्यक्ति की जमानत याचिका इस आधार पर खारिज करने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दृष्टिकोण की ‘सराहना नहीं कर सकता’ कि अपील को ही सुना जाना चाहिए, क्योंकि बड़ी संख्या में लंबित अपीलों के कारण जमानत याचिका की सुनवाई किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है।  

व्यक्ति ने 14 साल से अधिक की वास्तविक सजा काट ली है 

शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय का आदेश निरस्त करते हुए अपीलकर्ता की जमानत याचिका मंजूर कर ली और कहा कि अभी तक संबंधित व्यक्ति ने 14 साल से अधिक की वास्तविक सजा काट ली है, जबकि उसकी अपील उच्च न्यायालय के समक्ष सात साल से लंबित है। व्यक्ति ने निचली अदालत के 2013 के आदेश के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और अपील लंबित रहने के दौरान जमानत अर्जी दाखिल की थी। 

न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति एम. एम. सुन्दरेश की पीठ ने अपने एक अप्रैल के आदेश में कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि यह आदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाये और अन्य न्यायाधीशों के बीच इसे जारी किया जाए ताकि हम उनके रुख में बदलाव देख सकें। इससे लंबे समय से हिरासत में रखे गये लोगों को तो राहत मिलेगी ही, इस शीर्ष अदालत पर बेवजह का दबाव भी कम होगा।’’  

जमानत अर्जी दिसम्बर 2019 में खारिज कर दी थी 

शीर्ष अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपीलकर्ता की जमानत अर्जी दिसम्बर 2019 में खारिज कर दी थी और पेपरबुक तैयार करके उसकी अपील की त्वरित सुनवाई के लिए दो सप्ताह के भीतर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था, लेकिन पीठ को अवगत कराया गया है कि अपीलकर्ता ने याचिका सूचीबद्ध करने के लिए तीन बार अदालत से गुहार लगायी थी। 

न्यायालय ने कहा कि इसे गत वर्ष अक्टूबर में सूचीबद्ध तो किया गया परंतु सुनवाई नहीं की गयी। पीठ ने कहा कि यदि उच्च न्यायालय के आदेश में ही उल्लेखित तारीख ली जाये तो अपीलकर्ता ने तब तक 12 वर्ष जेल में काट लिये थे। न्यायालय ने कहा कि यदि अपील लंबित है तो उसे इसका कोई कारण नहीं नजर आता कि इस तरह की एकल घटना से जुड़े मामले में जमानत क्यों नहीं दी जा सकती।