नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने का उनका मकसद देश की आर्थिक विकास को गति देना है। श्री मोदी ने एक टीवी चैनल को दिये साल के अपने पहले साक्षात्कार में कहा,’ भारत एक बहुत बड़ बाजार है और उसके पास जनसंख्या के रूप में एक बहुत बड़े शक्ति है, इसलिए दुनिया सीधे भारत से जुड़ना चाहता है और दावोस इसके लिए एक बहुत बड़े अवसर होगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा,’ भारत घर में आर्थिक, सामाजिक और पारदर्शिता के क्षेत्र में काफी अच्छा काम कर रहा है, इसलिए विश्व हममें रूचि ले रहा है।’ उन्होंने इस संदर्भ में बिजनेस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत विश्व रैंकिंग में 30 अंकों की बढ़त के साथ शीर्ष 100 में पहुंचा है।

भाजपा के सत्ता में आने से बदली परिस्थितियां

मोदी ने कहा है कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सत्ता में आते ही देश में परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई है। श्री मोदी ने कहा,’ 2014 से पहले, विश्व यह नहीं देखता था कि भारत क्या कहता है। लेकिन 2014 में जब हम सत्ता में आए तो परिस्थितियां पूरी तरह से बदल गई। सबसे बड़े बात यह है कि भारत में 30 साल बाद जाकर पूर्ण बहुमत वाली सरकार आई है जो कि विश्व में एक बहुत बड़े महत्व रखता है। ये पहले दिन से नजर आता है। जबसे हमारी सरकार आई, भारत घर में अच्छा कर रहा है, इसलिए दुनिया स्वीकार कर रही है।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के पहले दिन से ही गुड गवर्नेंस, ट्रांसपैरेंसी पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा,’ जब दुनिया भारत को ईत्र ऑफ डूइंग बित्रनेस में 142 से 100 रैंक पर जाना देखती है, तो ये उनके लिए बड़ बात है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए 125 करोड़ भारतीयों की आवाज सुनना जरुरी है।’

यह पूछने पर कि रोजगार सृजन में विफल रहने को लेकर उनकी सरकार की खासी आलोचना हो रही है, श्री मोदी ने कहा,’ पिछले एक साल में संगठित क्षेत्र में 70 लाख ईपीएफ अकाउंट खुले हैं। एक साल में 10 करोड़ लोगों ने मुद्रा योजना का लाभ लिया है।’ उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि ऑफिस के बाहर दुकान लगाने वाले व्यक्ति की कमाई को हम रोजगार में शामिल नहीं कर रहे हैं। वह किसी भी आंकड़ में शामिल नहीं होता है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी के फैसले को लेकर राजग सरकार की हो रही आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि लोगों को उन्हें केवल नोटबंदी और जीएसटी से ही नहीं आंकना चाहिए।

मुझे केवल नोटबंदी और जीएसटी से ही ना आंके

श्री मोदी ने कहा,’ केवल नोटबंदी और जीएसटी से ही मेरा आंकलन मत कीजिए। हमने आर्थिक सुधार किये हैं, शौचालय बनवाएं हैं और 18000 गांवों में बिजली पहुंचाएं हैं।’ जीएसटी को लागू करने के बाद अपनी सरकार की हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा,’ जीएसटी की सफलता संघीय ढांचे की शक्ति में है। इसे समायोजित करने में समय तो लगता है, लेकिन इसका परिणम अच्छा होगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा,’ भारत की जनता ने हमें सुधार करने के लिए चुना है, ना कि चुनाव जीतने के लिए। यदि हमारे सुधार से लोगों को फायदा होता है तो इसका प्रभाव चुनाव पर पड़गा, जैसा कि हमने उत्तर प्रदेश और गुजरात में देखा है।’ उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वह विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराने पर सहमत हैं।

श्री मोदी ने कहा,’ एक के बाद एक चुनाव होते रहते हैं, इससे राजनीतिज्ञों का ध्यान दूसरी तरफ रहता है। साल में एक बार उत्सव की तरह चुनाव भी एक निश्चित समय में होने चाहिए। राज्यों के 80 से 100 बड़े अफसरों को ऑब्जर्वर के रूप में दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। ऐसे में राज्य किस तरह काम करेगा। सुरक्षाबलों के लाखों जवान साल में 100 से 200 दिन चुनाव कार्यो में लगे रहते हैं।’ उन्होंने कहा,’ यदि विधानसभा और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो इससे करोड़ रूपये बचाए जा सकते हैं। पोलिंग बूथ पर बड़ तादाद में कार्यबल जुटे रहते हैं। काफी बड़े रकम खर्च होती है। इन दोनों चुनावों को साथ-साथ होना चाहिए। इसके एक महीने बाद स्थानीय चुनाव होने चाहिए। सब मिलकर ऐसा सोचेंगे तो यह संभव हो सकता है। एक बार चर्चा शुरू हो तो आगे की राह निकल आएगी।’

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