BREAKING NEWS

उत्तर भारत में बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड, दिल्ली में भी हुई बारिश ◾भाजपा नेता विनय कटियार को मिली जान से मारने की धमकी◾नागरिकता विधेयक पर बवाल के बीच गुवाहाटी के पुलिस प्रमुख हटाए गए, अन्य अधिकारियों का भी तबादला ◾नागरिकता संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी, कानून बना ◾राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति के वादे को पूरा करेगा केन्द्र, समयसीमा नहीं बताई - सीतारमण◾ठाकरे ने गृह शिवसेना, वित्त राकांपा और राजस्व कांग्रेस को दिया ◾फिर बढ़े प्याज के दाम, सरकार ने किए 12660 टन आयात के नए सौदे◾असम के हथकरघा मंत्री के आवास पर हमला, तेजपुर, ढेकियाजुली में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू◾जब लोकसभा में मुलायम सिंह ने पूछा ... ‘‘सत्ता पक्ष कहां है''◾केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक को लोकसभा की मंजूरी, निशंक ने सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर ◾भारत और अमेरिका के बीच ‘टू प्लस टू’ वार्ता 18 दिसम्बर को वाशिंगटन में होगी : विदेश मंत्रालय◾TOP 20 NEWS 12 December : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की सभी पुनर्विचार याचिकाएं◾महाराष्ट्र में BJP की कोर समिति की सदस्य नहीं, बावजूद पार्टी नहीं छोड़ूंगी : पंकजा मुंडे◾झारखंड में महागठबंधन की सरकार बनते ही किसानों का ऋण किया जाएगा माफ : राहुल गांधी ◾CAB :बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने भारत दौरा किया रद्द ◾झारखंड विधानसभा चुनाव: तीसरे चरण में 17 सीटों पर वोटिंग जारी, दोपहर 1 बजे तक 45.14 प्रतिशत मतदान◾झारखंड : धनबाद में रैली को संबोधित करते हुए बोले PM मोदी-कांग्रेस में सोच और संकल्प की कमी◾असम के लोगों से PM की अपील, कांग्रेस बोली- मोदी जी, वहां इंटरनेट सेवा बंद है◾केंद्र सरकार महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर संविधान की आत्मा छलनी करने वाला बिल लाई : प्रियंका ◾

देश

दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा में बीजेपी पर लगाया सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप

 digvijay singh

राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने बीजेपी पर देश में सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाते हुए चुनावी सुधार किए जाने की मांग की वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विश्व में दबदबा बढ़ा है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की नियुक्ति के लिए कालेजियम गठित करने तथा चुनाव ईवीएम के जरिए कागजी मतपत्रों से कराने की भी मांग की। 

विपक्ष ने फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों की भूमिका को लेकर भी सवाल किया और चुनाव में सभी दलों को समान अवसर दिए जाने पर बल दिया। राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर उच्च सदन में हुई चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस सदस्य दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश में सांप्रदायिकता का जहर कूट कूट कर भर दिया गया है जिसे हटाना आसान नहीं होगा।


उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता का असर यह है कि लोकसभा तक में धार्मिक नारे लग रहे हैं। उन्होंने झारखंड में हाल ही में भीड़ की हिंसा की घटना का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस समय सरकार और पुलिस कहां थी। दिग्विजय सिंह ने अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि यह चरमरा गयी है और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव डाला जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण में बेरोजगारी के बारे में कोई चर्चा नहीं की गयी है जो 45 साल में सबसे ज्यादा स्तर पर है। सिंह ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ओएनजीसी, एचएएल जैसी कंपनियों भी प्रभावित हुई हैं और एचएएल को वेतन बांटने के लिए कर्ज लेना पड़ा। 

व्यापार मुद्दे पर साझे हित को तलाश करने का करेंगे प्रयास : जयशंकर

उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि कश्मीर पंडितों को ससम्मान वापस भेजेंगे। सरकार को बताना चाहिए कि कितने लोगों को वहां वापस भेजा गया। उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस मामले में खुफिया नाकामी थी क्योंकि राज्य पुलिस इसके बारे में पहले ही आगाह किया था। 

उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि 2014 में ‘‘सबका साथ सबका विकास’’ की बात की थी जो 2019 में परिवर्तित होकर ‘‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास’’ हो गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि इसकी जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल किया कि लेकिन लोगों का विश्वास कैसे प्राप्त होगा। 

उन्होंने कहा, ‘‘जो व्यक्ति दंगों को लेकर.... माफी मांगने को तैयार नहीं थे, टोपी पहनने को तैयार नहीं थे, प्रधानमंत्री रहते हुए राष्ट्रपति जी के रोजा इफ्तार में जाने को तैयार नहीं थे...।’’ वह आज अपने पहले संबोधन में अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की बात करते हैं। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि यह परिवर्तन वाकई में है या कोई जुमला है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जो कह कर रहे हैं, वो कर के दिखाएं। अगर वास्तव में परिवर्तन हुआ है तो वह बधाई देते हैं। इससे पूर्व बीजेपी के विनय पी सस्त्रबुद्धे ने कहा कि आज 25 जून के ही दिन (1975 में) देश में आपातकाल लागू किया गया था। उस समय पूरा देश कारावास में बदल गया था। कुछ लोगों को महीनों जेल में रखा गया और कइयों को अपना बलिदान भी देना पड़ा।