राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज वैज्ञानिकों से कहा कि वे अणु से लेकर आकाशगंगाओं तक अपनी ज्ञान की खोज में समझौता ना करें क्योंकि समाज को अपनी प्रतिदिन की समस्याओं के लिए समाधान चाहिए।  यहां वैज्ञानिकों के साथ गोलमेज वार्ता में राष्ट्रपति ने कहा, ये दो प्रयास विरोधाभासी नहीं हैं। हमने देखा है कि किस तरह इसरो ने दिवंगत डॉक्टर सतीश धवन के प्रयासों के जरिए अत्याधुनिक विज्ञान को किसानों की मदद से जोड़ है।

राष्ट्रपति ने कहा कि ज्ञान, खोज, नवोन्मेष और समाज वे चार पहिए हैं जो देश को आगे ले जाते हैं लेकिन इनमें से एक का भी कोई एक गलत कदम देश को गलत दिशा में ले जाएगा।  उन्होंने कहा, वैज्ञानिक होने के नाते आप पर बहुत बड़ जिम्मेदारी है। तीन पहियों का प्रभार सीधा आपके पास है। लेकिन अगर आप हर दिन चौथे (पहिए) से नहीं जुड़गे तो हमारा कोई भविष्य नहीं है।