BREAKING NEWS

खनन से प्रभावित लोगों की भलाई के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है मोदी सरकार, जानिए पूरी जानकारी ◾ट्रंप की संपत्ति से जुड़ी जानकारी छिपा रहा न्याय विभाग, जांच में नुकसान होने का दिया हवाला ◾Rajasthan: गहलोत का सचिन पायलट पर कटाक्ष, कहा- जुमला बन गया है कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान◾जम्मू-कश्मीरः सुरक्षाबलों की मौत पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख, घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की ◾Ratan Tata Invests : वरिष्ठ नागरिकों के सहयोग के लिए स्टार्टअप गुडफेलोज में किया निवेश◾कश्मीरी पंडित की हत्या पर उमर अब्दुल्ला सहित कई राजनेताओं ने जताया दुख, जानिए क्या कहा? ◾Amul Milk Price Hiked: देश में महंगाई का कहर! अमूल मिल्क के बढ़े दाम, इतने लीटर महंगा हुआ दूध◾राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने की मुलाकात ◾नीतीश को घेरने के लिए बीजेपी आलाकमान ने बुलाई बैठक, बिहार इकाई के प्रमुख नेता होंगे शामिल ◾WPI मुद्रास्फीति घटकर 13.93 फीसदी, खाद्य वस्तुओं सहित विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में बड़ी गिरावट ◾WPI मुद्रास्फीति घटकर 13.93 फीसदी, खाद्य वस्तुओं सहित विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में बड़ी गिरावट ◾मुम्बई में बारिश को लेकर मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट, 24 घंटे के अंदर होगी झमाझम बारिश ◾Bihar Politics : नीतीश मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार , तेज प्रताप समेत RJD से 16 मंत्री बने ◾गहलोत के अर्धसैनिक बलों के ट्रकों में 'अवैध धन' ले जानें वाले बयान पर बीजेपी का पलटवार, जानिए मामला◾NSE Phone Tapping Case : मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त की जमानत अर्जी पर ED को नोटिस जारी◾J-K News: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में दर्दनाक हादसा, 39 जवानों की बस खाई में गिरी, 6 की मौत, जानें स्थिति ◾जम्मू-कश्मीर : आतंकियों ने दो कश्मीरी पंडित भाइयों पर बरसाई गोलियां, एक की मौत, एक घायल◾बिहार : नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल के 31 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, कांग्रेस नेता भी शामिल ◾कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उठाई 3 दशकों से जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग ◾भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए केंद्र दिल्ली सरकार की विशेषज्ञता का उपयोग करें : CM केजरीवाल ◾

बिलकिस बानो दोषियों के लिए मृत्युदंड नहीं चाहती

अहमदाबाद : गुजरात में 2002 के राज्यव्यापी दंगों के दौरान गर्भावस्था में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनने के साथ ही अपने 14 परिजनों की हत्या के हौलनाक हादसे की गवाह रही बिल्किस बानू ने आज कहा कि वह इस मामले के दोषियों के लिए फांसी की सजा नहीं चाहती।

बानू के साथ यह हादसा उस समय हुआ था जब 19 वर्ष की अवस्था और पांच माह की गर्भावस्था में वह अपने परिजनों के साथ तीन मार्च 2002 को अपने पैतृक जिले दाहोद के लीमखेडा इलाके से दंगों की डर से भाग रही थी। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2003 में सीबीआई को सौंपी गयी थी।

सीबीआई की विशेष अदालत ने कुल 20 में से 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था। एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गयी थी। पांच पुलिसवालों और दो डाक्टरों को बरी कर दिया गया था। गत चार मई को बंबई हाई कोर्ट ने निचली अदालत में दोषी ठहराये 11 (एक दोषसिद्ध पुलिसकर्मी की भी मौत हो चुकी है) की सजा बहाल रखते हुए बरी किये गये पांच पुलिसवालों और दो डाक्टरों को भी बदनीयती से साक्ष्य में छेडछाड का दोषी ठहराते हुए सजा सुनायी।

बानू ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह केवल न्याय चाहती थीं, बदला नहीं। वह मौत की सजा नहीं चाहती। वह हाई कोर्ट के निर्णय से संतुष्ट हैं। उनके पति याकूब रसूल ने कहा कि वह इस मामले में मुआवजे (दुष्कर्म पीडिताओं को मिलने वाले कानूनी मुआवजे) के लिए राज्य सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे। उन्होंने हालांकि आरोप लगाया कि गुजरात सरकार ने पूर्व में उन्हें कभी किसी तरह की मदद नहीं की।

रूंआसे हो गये याकूब ने कहा कि उन्हें गुजराती होने के बावजूद मुंबई में मुकदमा लडना पडा, पिछले 15 साल में 15 बार घर बदलना पडा और बच्चों की पढाई भी ठीक से नहीं हो पायी। ज्ञातव्य है कि उक्त हादसे में बानू की तीन साल की एक बेटी की भी मौत हो गयी थी जबकि उसके गर्भ में रही लडकी अब दसवी में पढती है।

संवाददाता सम्मेलन के दौरान बानू के मुकदमे में सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक रहे आर के शाह और उनकी सहायक अभियोजक नैनाबेन भट्ट को भी सम्मानित किया गया। श्री शाह ने कहा कि यह एक बहुत ही मुश्किल मुकदमा था जिसमें केवल बानू ही एकमात्र चश्मदीद गवाह थीं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने इस मुकदमें को निर्भया की केस से तुलना करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी आपराधिक मामले अलग होते हैं।

- (वार्ता)