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चुनाव से पहले कानून व्यवस्था दुरूस्त करने पर जोर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में रमन सरकार ने पुलिस महानिदेशक के दो अन्य पदों को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद सरकार के पास डीजीपी का विकल्प भी बढ़ गया है। राज्य मंत्रिपरिषद के फैसले से साफ है कि सरकार मौजूदा डीजीपी को बदलने की तैयारी में है। प्रदेश में एक साथ छह डीजीपी बन जाएंगे। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगडऩे की वजह से भी सरकार की चिंता बढ़ गई है। वहीं सरकार निर्णय से अब अटकलों का दौर भी तेज हो गया है।

ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ कैडर के वर्ष 1987 एवं 1988 बैच के अफसरों को डीजी बनाए जाने की संभावना भी बढ़ गई है। इस दौड़ में मौजूदा एसीबी चीफ मुकेश गुप्ता के साथ आरके विज का नाम चर्चामें  आया है। इसी तरह एडीजी नक्सल आपरेशन डीएम अवस्थी भी दौड़ में शामिल हो गए हैं। डीजी के दो नए पदों को मंजूरी के बाद अफसरों को वरिष्ठता और रैंक के हिसाब से भी एडजस्ट करना पड़ेगा। राज्य में डीजी स्तर के दो अफसर पहले ही दोहरे प्रभार में रखे गए हैं।

सूत्रों की मानें तो प्रदेश में बीते कुछ माह से कानून व्यवस्था की स्थिति कुछ जिलों में संतोषजनक नहीं मानी गई है। दूसरी तरफ राज्य में सरकार अब चुनावी वर्ष में नए और तेज तर्रार डीजी को ही कमान सौंपने के पक्ष में है।

चुनाव से पहले कानून व्यवस्था दुरूस्त कर नए सिरे से कवायदों पर जोर दिया जा रहा है। वहीं दो नए डीजी बनने के बाद भी राज्य के पुलिस मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक गृह विभाग में समीकरण भी बदलेंगे। मुख्यालय में कुछ अफसरों के कामकाज से सरकार संतुष्ट नहीं है।

ऐसी स्थिति में उनसे अहम प्रभार वापस भी लिए जा सकते हैं। वहीं नए डीजी को अलग जवाबदारी सौंपी जा सकती है। डीजी के नए पदों में पदोन्नति को लेकर सरकार की तत्परता को चुनावी तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव में सरकार भरोसेमंद और आक्रामक छवि वाले अफसर को मौका देने के पक्ष में नजर आ रही है।