BREAKING NEWS

सोनिया से आज मिलेंगे नीतीश-लालू, लोकसभा चुनाव में विपक्ष को साथ लाने की होगी चर्चा◾केरल : पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आर्यदान मोहम्मद का निधन ◾क्या पायलट बनेंगे राजस्थान के नए सीएम? अशोक गहलोत गुट के मंत्रियों-विधायकों ने बदला पाला◾आज का राशिफल (25 सितंबर 2022)◾Ankita Bhandari murder case : उत्तराखंड CM धामी ने अंकिता भंडारी के पिता से फोन पर की बात◾राकांपा प्रमुख शरद पवार ने उपराष्ट्रपति धनखड़ से भेंट की◾बाल यौन उत्पीड़न सामग्री का प्रसार करने के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, देश में 56 जगहों पर छापे◾युक्रेन संघर्ष ने खाद्य पदार्थ और ऊर्जा संबंधी मुद्रास्फीति को बढ़ाया - जयशंकर◾त्रिपुरा में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही भाजपा◾CM केजरीवाल ने कहा- डेंगू नियंत्रण पर उठाएंगे कई कदम, स्कूली छात्र होंगे शामिल◾ महाराष्ट्र : शिंदे की पीएफआई कार्यकर्ताओं को दो टूक, कहा - बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे 'पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे' ◾अमित शाह के वार पर RJD प्रमुख का पलटवार, बोले- भाजपा का होगा सफाया ◾ राजस्थान : कांग्रेस समर्थित निर्दलीय विधायक के बेटों को रिश्वत लेते हुए एसीबी ने किया गिरफ्तार ◾पीएफआई हिंसा पर विजयन का बड़ा बयान, कहा - पूर्व नियोजित थी हिंसा, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा ◾दक्षिण में 2024 की तैयारी का जायजा लेने के लिए केरल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे जेपी नड्डा ◾ 'आप' का राज्यपाल पर बड़ा आरोप, कहा - बीजेपी के इशारे पर कर रहे हैं काम◾Himachal Pradesh: कांग्रेस को झटका! आश्रय शर्मा बीजेपी में होंगे शामिल◾यूपी में मर्यादा तार -तार कक्षा तीन की छात्रो को प्रिंसिपल ने दिखाया अश्लील वीडीयो, मामला दर्ज◾हिजाब विवाद में फंसा ईरान, तेजी के साथ पूरे देश में फैल रही हैं प्रदर्शन की आग ◾Punjab News: होशियारपुर में गैस संयंत्र में धमाका, एक की मौत◾

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- भारत ने रूस से तेल खरीदने के अपने रुख का कभी बचाव नहीं किया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि रूस से तेल खरीदने के भारत के फैसले की अमेरिका और दुनिया के अन्य देश भले ही सराहना न करें, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है, क्योंकि नयी दिल्ली ने अपने रुख का कभी बचाव नहीं किया, बल्कि उन्हें यह एहसास कराया कि तेल एवं गैस की ‘‘अनुचित रूप से अधिक’’ कीमतों के बीच सरकार का अपने लोगों के प्रति क्या दायित्व है।जयशंकर भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग की नौवीं बैठक में भाग लेने के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे और उन्होंने एक समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की।

 यूरोप को आपूर्ति करना शुरू कर दिया

जयशंकर ने भारतीय समुदाय के साथ मुलाकात के दौरान यूक्रेन एवं रूस के मध्य जारी युद्ध के बीच, रूस से कम दाम पर तेल खरीदने के भारत के फैसले का बचाव किया और कहा कि भारत के कई आपूर्तिकर्ताओं ने अब यूरोप को आपूर्ति करना शुरू कर दिया है, जो रूस से कम तेल खरीद रहा है।उन्होंने कहा कि तेल की कीमत ‘‘अनुचित रूप से अधिक’’ हैं और यही हाल गैस की कीमत का है। उन्होंने कहा कि एशिया के कई पारंपरिक आपूर्तिकर्ता अब यूरोप को आपूर्ति कर रहे हैं, क्योंकि यूरोप रूस से कम तेल खरीद रहा है।

नागरिकों के लिए सर्वश्रेष्ठ सौदा करने की कोशिश 

जयशंकर ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘‘आज स्थिति ऐसी है कि हर देश अपने नागरिकों के लिए सर्वश्रेष्ठ सौदा करने की कोशिश करेगा, ताकि वह इन उच्च कीमतों का असर झेल सके और हम यही कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि भारत ‘‘रक्षात्मक तरीके’’ से ऐसा नहीं कर रहा है।जयशंकर ने कहा, ‘‘हम अपने हितों को लेकर बहुत खुले एवं ईमानदार रहे हैं। मेरे देश में प्रति व्यक्ति आय दो हजार डॉलर है। वे लोग ऊर्जा की अत्यधिक कीमत को वहन नहीं कर सकते।’’उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना उनका ‘‘दायित्व’’ एवं ‘‘नैतिक कर्तव्य’’ है कि भारत को सर्वश्रेष्ठ सौदा मिले।

भारत के संबंधों पर असर पड़ा 

रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि न केवल अमेरिका बल्कि अमेरिका समेत सभी जानते हैं कि हमारी क्या स्थिति है और वे इस बारे में अब आगे बढ़ चुके हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आप खुलकर और ईमानदारी से अपनी बात रखते हैं, तो लोग उसे स्वीकार कर लेते हैं।’’

 यूरोपीय देशों ने उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए 

जयशंकर ने कहा, ‘‘वे हमेशा संभवत: उसकी सराहना नहीं करेंगे, लेकिन जब आप बात करते हैं और चालाकी करने की कोशिश नहीं करते, जब आप बिल्कुल सीधे तरीके से अपने हित सामने रखते हैं, तो मुझे लगता है कि दुनिया वास्तविकता को काफी हद तक स्वीकार कर लेती हैं।’’यूक्रेन पर रूस ने 24 फरवरी को हमला कर दिया था, जिसके बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए।

भारत के समक्ष  विभिन्न चुनौतियों को रेखांकित किया

भारत ने पश्चिमी देशों की आलोचना के बावजूद रूस से यूक्रेन युद्ध के बाद तेल आयात बढ़ाया है और उसके साथ व्यापार करना जारी रखा है।इससे पहले, जयशंकर ने भारत के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने लंबे समय तक सीमा पार आतंकवाद के असर की चुनौती झेली है। पिछले दो साल में हमारी उत्तरी सीमा पर भी चुनौतीपूर्ण स्थिति है।’’उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा पर एक ऐसी स्थिति पैदा हो गई है जो भारत की उसके उत्तरी पड़ोसी चीन के साथ आपसी समझ के खिलाफ है।

थाईलैंड विशेष रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा

जयशंकर ने कहा कि इसके अलावा भी वैश्विक महामारी, जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा जैसे कई मामले हैं, जो भारत को प्रभावित करते हैं।उन्होंने भारत और थाईलैंड के संबंधों के बारे में कहा, ‘‘दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के सदस्य देशों में थाईलैंड विशेष रूप से हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है। यह आज एक बहुत बड़ा साझीदार है।... मुझे लगता है कि हमारा आज 15 अरब डॉलर से अधिक का व्यापार है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं थाईलैंड के साथ हमारे संबंधों को आगे ले जाने आया हूं।’’