BREAKING NEWS

प्रधानमंत्री को पता था कि योगी कामचोरी वाले मुख्यमंत्री है इसलिए उन्हें पैदल चलने की सजा दी थी : अखिलेश यादव ◾PM मोदी ने 15 से 18 वर्ष आयु के 50 प्रतिशत से अधिक युवाओं को टीके की पहली खुराक लगाए जाने की सराहना की◾यूपी : जे पी नड्डा का बड़ा ऐलान, 'अपना दल' और निषाद पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी भाजपा◾हरक सिंह की वापसी पर कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, बागी को ठहराया 'लोकतंत्र का हत्यारा', पूछे ये सवाल ◾समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी पता है कि उनकी बेटियां एवं बहुएं भाजपा में सुरक्षित हैं : केन्द्रीय मंत्री ठाकुर ◾त्रिवेंद्र रावत ने चुनाव लड़ने से किया इंकार, नड्डा को लिखा पत्र, कहा- BJP की वापसी पर करना चाहता हूं फोकस ◾मुलायम परिवार में BJP की बड़ी सेंधमारी, अपर्णा यादव के बाद प्रमोद गुप्ता थामेंगे कमल, SP पर लगाए ये आरोप ◾PM मोदी, योगी और शाह समेत पार्टी के कई बड़े नेता BJP के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल, जानें पूरी लिस्ट ◾महाराष्ट्र: मुंबई में कोविड की स्थिति नियंत्रित, BMC ने हाईकोर्ट को कहा- घबराने की कोई बात नहीं◾राहुल गांधी ने साधा PM पर निशाना, बोले- LAC पर चीन द्वारा निर्मित पुल का उद्घाटन कहीं मोदी न कर दें ◾बाटला हाउस में मरे लोग आतंकी नहीं, तौकीर रजा ने किया कांग्रेस का समर्थन, राहुल-प्रियंका को बताया सेक्युलर ◾दिल्ली : त्रिलोकपुरी में संदिग्ध बैग से मिला लैपटॉप और चार्जर, कुछ देर के लिए मची अफरातफरी◾अखिलेश ने अपर्णा को BJP में शामिल होने पर दी बधाई, बोले- नेता जी ने की रोकने की बहुत कोशिश, लेकिन... ◾दिल्ली: संक्रमण दर में आई कमी, जैन बोले- पाबंदियां कम करने से पहले होगा कोरोना की स्थिति का आकलन ◾भारत में यूएई जैसे हमले की योजना बना रहा ISI, चीन से ड्रोन खरीद रहा पाकिस्तान◾मुलायम सिंह का आशीर्वाद लेकर BJP में शामिल हुई अपर्णा, बोलीं- परिवार से विमुख नहीं, मैं स्वतंत्र हूं... ◾अमित पालेकर होंगे आगामी गोवा विधानसभा चुनाव में AAP का CM फेस, अरविंद केजरीवाल ने किया ऐलान ◾भारत में 15 फरवरी तक चरम पर होगा ओमीक्रॉन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने किया दावा- तीसरी लहर जल्द हो सकती है समाप्त◾उत्तराखंड चुनाव: कांग्रेस की CEC बैठक में 70 सीटों पर होगा फैसला, जल्द जारी होगी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट ◾श्रीलंका के तमिल नेताओं ने PM मोदी को लिखा पत्र, 13वें संशोधन को लागू करने की मांग की, जानें पूरा मामला◾

1 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों की बैठक, क्या आंदोलन खत्म करने पर होगी चर्चा ?

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून निरसन विधेयक 2021 आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सभी 750 किसानों को श्रद्धांजलि है। कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन के बीच पंजाब के 32 किसान संगठनों ने सिंघु बॉर्डर पर बैठक कर आंदोलन को लेकर विचार विमर्श किया, जिसमें अभी तक यह तय किया गया है कि 1 दिसंबर को एसकेएम की एक आपात बैठक है। वहीं उसी दिन एमएसपी कमेटी को लेकर आंदोलन पर फैसला लिया जाएगा।

आंदोलन खत्म होने पर हो रही चर्चा

तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का विधेयक संसद में पारित भी हो गया है। एक साल से चल रहे आंदोलन में अब किसानों के बीच आंदोलन खत्म करने को लेकर अलग-अलग राय सामने आने लगी है। किसानों का एक धड़ा आंदोलन खत्म करने को लेकर अगुवाई कर रहा है तो कुछ नेता अपनी अन्य मांगों पर आंदोलन को जारी रखना चाहते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी

बीकेयू 'कादियान' के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियान ने बताया कि, एक दिसंबर को एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) की बैठक होगी। इसके बाद आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि 1 दिसंबर को होने वाली बैठक के अलावा एसकेएम ने 4 दिसंबर को अपनी अगली बैठक बुलाई हुई है। सिंघु बॉर्डर पर आज की बैठक के बाद नेताओं द्वारा बताया गया कि, 4 दिसंबर को होने वाली बैठक होगी, लेकिन 1 दिसंबर को एक आपातकालीन विशेष बैठक बुलाई है, इसमें सरकार के साथ अब तक 11 दौर की वार्ता के लिए जाने वाले किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

सरकार की एमएसपी को लेकर क्या योजना है ?

दरअसल पंजाब किसान संघठनों का मानना है कि, कानून वापसी के बाद उनकी जीत हो चुकी है। इसलिए अब आंदोलन को जारी रखने को लेकर हम बैठक में तय करेंगे। वहीं किसान यह भी जानना चाहते हैं कि, सरकार की एमएसपी को लेकर क्या योजना है ? वहीं 30 नवंबर तक सरकार से जवाब भी चाहते हैं। भारतीय किसान यूनियन के उत्तरप्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि, हम अपने साथ मुकदमे लेकर घर नहीं जाना चाहते हैं, हम सभी किसानों की मांग है कि हमारी इन मांगों को सुना जाए।

पीएम मोदी ने 19 नवंबर को तीनों कृषि कानून वापस लिए थे

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा की थी। इसके अलावा प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने 21 नवंबर को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिख कर एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित किसानों की छह मांगों पर फौरन वार्ता बहाल करने का अनुरोध किया था।