BREAKING NEWS

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भीड़ ने मंदिर पर किया हमला, सख्त हुई मोदी सरकार, राजनयिक को किया तलब◾संघर्षविराम के बावजूद 140 आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुसने का कर रहे इंतजार, अधिकारी ने बताया ◾रवि दहिया को हरियाणा सरकार देगी 4 करोड़ रुपये, गांव में स्टेडियम भी बनेगा◾तोक्यो ओलंपिक : अंतिम 10 सेकंड में ब्रॉन्ज से चूके दीपक पुनिया◾ममता ने PM को लिखा पत्र, कहा- वैक्सीन की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई तो कोरोना की स्थिति हो सकती है गंभीर ◾ओलंपिक (कुश्ती) : फाइनल में गोल्ड से चूके रवि दहिया, रजत पदक से करना पड़ेगा संतोष◾मिजोरम और असम ने सीमा विवाद पर की वार्ता, सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मुद्दे का समाधान करने को हुए सहमत ◾5 अगस्त को हमेशा याद रखेगा देश, 'सेल्फ गोल' करने में जुटा है विपक्ष : PM मोदी◾ ऐतिहासिक जीत के बाद PM ने टीम के कप्तान से फोन पर की बात, कहा- गजब का काम किया , पूरा देश नाच रहा है◾देश के सामने बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा, रोजगार के बारे में एक शब्द नहीं बोलते प्रधानमंत्री : राहुल गांधी◾पेगासस केस पर SC ने कहा- जासूसी के आरोप यदि सही हैं तो क्यों नहीं करवाई FIR, मामला गंभीर◾संसद में पेगासस विवाद समेत कई मुद्दों का लेकर विपक्ष केंद्र पर हमलवार, राज्यसभा की बैठक स्थगित◾भारतीय हॉकी टीम के कोच बोले - ये अहसास अद्भुत, प्लेयर्स ने ऐसे बलिदान दिए है जो किसी को नहीं पता◾कांग्रेस का केंद्र पर आरोप - विपक्ष को बाहर निकाल कर सदन चलाना चाहती है सरकार, हम नहीं झुकेंगे ◾UP चुनाव को धार देने के लिए सपा ने निकाली साइकिल यात्रा, अखिलेश का दावा- हम जीतेंगे 400 सीटें◾संसद में कांग्रेस का एक सीधा मंत्र है 'परिवार का हित', हमें भी उनसे पूछने हैं तीखे सवाल : BJP◾पंजाब चुनाव से पहले प्रशांत किशोर ने 'प्रधान सलाहकार' पद से दिया इस्तीफा◾कोविड-19 : देश में पिछले 24 घंटे में 42982 नए केस की पुष्टि, 533 मरीजों की मौत◾हॉकी में भारत की जीत पर टीम को बधाई देने वालों का लगा तांता, PM समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी शुभकामनाएं◾World Corona : दुनियाभर में संक्रमितों की संख्या 20 करोड़ के पार, 42.5 लाख से अधिक लोगों ने गंवाई जान ◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

7 घंटे की उड़ान के बाद राफेल विमानों का पहला जत्था यूएई के अल दाफरा हवाईअड्डे पहुंचा

 फ्रांस से भारत के पांच राफेल लड़ाकू विमानों का पहला जत्था सोमवार को रवाना हो गया। भारत ने वायुसेना के लिये 36 राफेल विमान खरीदने के लिये चार साल पहले फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था। अधिकारियों ने बताया कि फ्रांस के बंदरगाह शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से रवाना हुए ये विमान लगभग सात हजार किलोमीटर का सफर तय करके बुधवार को अंबाला वायुसेना अड्डे पर पहुंचेंगे। बीच में यह विमान फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अल दाफरा हवाईअड्डे पर रुके हैं। 

फ्रांस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ ने विमानों के भारत रवाना होने से पहले भारतीय वायुसेना के पायलटों से बातचीत में कहा, “आप इन्हें (राफेल को) बेजोड़ और बलवान दोनों कह सकते हैं।” अधिकारियों ने शाम को कहा कि सभी पांच राफेल विमान करीब सात घंटे की उड़ान के बाद यूएई के अल दाफरा हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतर गए हैं। 

भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि इस जत्थे में तीन एक सीट वाले और दो विमान दो सीटों वाले हैं। इन विमानों के बुधवार को अंबाला वायुसेना स्टेशन पहुंचने की उम्मीद है, जब इन्हें औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में उसके 17वें स्क्वाड्रन के तौर पर शामिल किया जाएगा जिसे ‘गोल्डन ऐरो’ भी कहा जाता है। पेरिस में भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा, “10 विमानों की आपूर्ति समय पर पूरी हो गई है और इनमें से पांच विमान प्रशिक्षण मिशन के लिये फ्रांस में ही रुकेंगे। सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाएगी।” वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि विमानों में उड़ान के दौरान हवा में ही ईंधन भरा गया। इस काम में फ्रांसीसी वायु सेना के समर्पित टैंकर की मदद ली गई। 

वायुसेना ने एक बयान में कहा, “विमानों के 29 जुलाई को अंबाला में वायुसैनिक अड्डे पर पहुंचने की संभावना है अगर मौसम (परिस्थितियां) सही रहता है तो।” 

वायुसेना के बेड़े में राफेल के शामिल होने से उसकी युद्ध क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत को यह लड़ाकू विमान ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब उसका पूर्वी लद्दाख में सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। 

वायुसेना को पहला राफेल विमान पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान सौंपा गया था। अशरफ ने भारतीय वायुसेना के पायलटों को दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान उड़ाने का मौका सबसे पहले प्राप्त होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा, “हमारी वायुसेना के पायलटों ने हमें बताया कि ये बेहद तेज, फुर्तीले, बहुमुखी और घातक हैं।” 

अशरफ ने समय पर विमानों की खेप की आपूर्ति के लिये इसके निर्माता डसो एविएशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने फ्रांसीसी सरकार और फ्रेंच वायुसेना को भी सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ''ये (विमान) हमारी रक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। ये भारत और फ्रांस के बीच सामरिक साझेदारी का एक शक्तिशाली प्रतीक भी हैं।'' 

डसो एवियेशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपियर ने कहा कि 1953 में उनकी कंपनी और भारतीय वायुसेना के बीच शुरू हुए “उल्लेखनीय” सहयोग में यह एक और नया ‘मील का पत्थर’ है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद कार्यक्रम सुचारू रूप से चल रहा है और आपूर्ति समय पर हैं। 

राफेल विमानों के पहले स्क्वाड्रन की तैयारी अंबाला वायुसैनिक अड्डे पर की जाएगी। 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि राफेल विमानों को लद्दाख सेक्टर में तैनात किये जाने की संभावना है जहां वायुसेना चीन के साथ लगने वाली वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी संचालन क्षमताओं को और मजबूत करना चाहती है। यह विमान विभिन्न प्रकार के शक्तिशाली हथियारों को ले जाने में सक्षम है। यूरोपीय मिसाइल निर्माता एमबीडीएस की मिटोर, स्कैल्प क्रूज मिसाइल, मीका हथियार प्रणाली राफेल लड़ाकू विमानों के हथियार पैकेज में शामिल है।