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कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर सरकार सख्त, केंद्र ने लिखा राज्यों को पत्र, जानें क्या है नई सावधानियां

दक्षिणी अफ्रीका में पाए गए कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन को लेकर पुरे विश्व में कई देश अलर्ट पर हैं, इस बीच भारत में भी इससे बचाव और रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकारों में ताबड़तोड़ बैठकों के दौर की शुरुआत हो गई हैं। वहीं केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त एहतियाती उपायों को आगे बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकारों को लिखा पत्र 

दरअसल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को संबोधित एक पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि कोविड हॉटस्पॉट की निगरानी जारी रखनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टेस्टिंग, ट्रेसिंग बढ़ाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देने और वैक्सीन कवरेज में तेजी लाने की सलाह दी है।

कई देशों ने दोबारा यात्रा प्रतिबंध जैसे उपायों को अपनाना किया शुरू 

बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में पाया गया नया वेरिएंट अधिक तेजी से फैलने और इम्यून सिस्टम को मात देने में अधिक सक्षम है। इस वजह से कई देशों ने दोबारा यात्रा प्रतिबंधों जैसे उपायों को अपनाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते दक्षिण अफ्रीका पर कई देशों ने प्रतिबन्ध लगते हुए सिर्फ अपने लोगों को ही घर वापसी की अनुमति दी है। बताते चलें कि बोत्सवाना, हॉन्ग-कॉन्ग, साउथ अफ्रीका, के अलावा नया वेरिएंट यूके, ऑस्ट्रेलिया, चेक रिपब्लिक, इटली, जर्मनी, इजराइल और नीदरलैंड में पाया जा चुका है। 

केंद्र सरकार की ओर से कही गयी यह बातें 

राज्य सरकारों को लिखे अपने पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ''यह आवश्यक है कि बीमारी पर निगरानी रखी जाए और सभी देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों खासकर की गंभीर श्रेणी में आने वाले यात्रियों की निगरानी की जाए। विदेशी उड़ानों के जरिए आने वाले यात्रियों के पिछले यात्रा विवरण को प्राप्त करने लिए पहले से तैयारी की गयी है। इसकी आपके स्तर से समीक्षा होनी चाहिए और मंत्रालय की ओर से दिए गए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए, जिसमें जोखिम वाले देशों से आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच शामिल है। पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग की जाए।''

केंद्रीय मंत्री राजेश भूषण ने राज्य सरकारों को लिखे इस पत्र में कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने की आवश्यकता पर अधिक दबाव देते हुए कहा है कि पर्याप्त जांच की कमी से संक्रमण फैलाव के सही स्तर की पहचान करना बेहद कठिन है। केंद्र सरकार ने कहा, ''राज्यों को टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी लानी चाहिए और टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाना चाहिए। कोरोना हॉटस्पॉट घोषित जगहों को जहां अधिक संख्या में केस आ रहे हों निगरानी में रखा जाए। ऐसे हॉटस्पॉट में टेस्टिंग और पॉजिटिव सैंपल को तुरंत जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजना सुनिश्चित किया जाए। राज्यों को पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी से कम करने के लक्ष्य को भी हासिल करना चाहिए।''