BREAKING NEWS

किसानों का प्रदर्शन हुआ उग्र, शंभू बॉर्डर पर भीड़ ने उखाड़ फेंके बैरिकेड, पुलिस पर पथराव◾26/11 हमले की 12वीं बरसी, आज के ही दिन 10 आतंकियों ने मुंबई में खेला था खूनी खेल◾देश में बीते 24 घंटो के दौरान 44,489 नए मामलों की पुष्टि, मरीजों का आंकड़ा 92 लाख 66 हजार से अधिक ◾लालू यादव से संबंधित सुशील मोदी के ट्वीट को ट्विटर ने किया डिलीट ◾TOP 5 NEWS 26 NOVEMBER : आज की 5 सबसे बड़ी खबरें ◾ चक्रवाती तूफान ‘निवार’ पुडुचेरी के तट के पास से गुजरा, कमजोर होकर भीषण चक्रवात में हुआ तब्दील ◾विश्वभर में कोरोना महामारी का प्रकोप जारी, मरीजों का आंकड़ा 6 करोड़ के पार ◾कैलाश विजयवर्गीय बोले- भाजपा के मंच पर ‘सिराज और जय श्री राम’ साथ में होते है ◾'अश्विनी मिन्ना' मेमोरियल अवार्ड में आवेदन करने के लिए क्लिक करें ◾किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को विफल करने के लिए हरियाणा ने पंजाब के साथ लगी सीमा सील की ◾आज का राशिफल ( 26 नवंबर 2020 )◾‘निवार’ चक्रवात के समुद्र तट पर दस्तक देने की प्रक्रिया शुरू हुई : मौसम विभाग◾पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए PM मोदी ने कहा : देश ने अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल नहीं किया ◾सौरव गांगुली समेत भारतीय खेलप्रेमियों ने दी माराडोना को श्रृद्धांजलि ◾राहुल ने डिएगो के निधन पर जताया शोक, कहा - 'जादूगर' माराडोना ने हमें दिखाया कि फुटबॉल क्यों खूबसूरत खेल है◾फुटबॉल के एक युग का अंत, नहीं रहे डिएगो माराडोना ◾यूपी की राह पर शिवराज सरकार - ‘लव जिहाद’ के दोषी को होगी 10 साल की सजा, लाएंगे विधेयक◾यूपी में योगी सरकार ने एस्मा लागू किया, अगले 6 माह तक नहीं होगी हड़ताल ◾लखनऊ विश्वविद्यालय : सामर्थ्य के इस्तेमाल का बेहतर उदाहरण है रायबरेली का रेल कोच फैक्ट्री- PM मोदी◾असंतुष्ट नेताओं से ममता बनर्जी की अपील : पार्टी को गलत मत समझिए, हम गलतियों को सुधारेंगे◾

भारत में कोरोना के आँकड़े #GharBaithoNaIndiaSource : Ministry of Health and Family Welfare

कोरोना की पुष्टि

इलाज चल रहा है

ठीक हो चुके

मृत लोग

लॉकडाउन के वक्त कितने प्रवासी मजदूरों की जान गई? केंद्र सरकार ने संसद में दिया ये जवाब

कोरोना संकट के बीच आज से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो चुकी है, सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार का सामना विपक्ष के तीखे सवालों से हुआ। विपक्ष ने लॉकडाउन और कोरोना वायरस को लेकर केंद्र से कई सवाल किए। इन्ही सवालों में से केंद्र से एक सवाल लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मौत को लेकर किया गया, जिसके जवाब में केंद्र ने कहा कि उनके पास इससे जुड़ा कोई डाटा नहीं।

लोकसभा में सवाल किया गया था कि क्या सरकार इस बात से अवगत है कि घरों को लौटते हुए कई मजदूरों की रास्ते में मौत हो गई और क्या राज्यवार मृतकों की संख्या उपलब्ध है? यह भी पूछा गया कि क्या पीड़ितों को सरकार ने कोई मुआवजा या आर्थिक सहायता दी?

भाजपा के सदस्य जगदम्बिका ने लोकसभा में राजस्थानी,  भोंटी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की

इसके जवाब में कहा कि मृतकों की संख्या को लेकर कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि चूंकि इस तरह का डेटा नहीं जुटाया गया था इसलिए पीड़ितों या उनके परिवारों को मुआवजे का सवाल नहीं उठता। एक अन्य सवाल प्रवासी श्रमिकों को हुई परेशानी का अनुमान लगाने में सरकार की विफलता को लेकर पूछा गया था। इसके अलावा लिखित सवाल में कोरोना संकट के दौरान सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदमों की जानकारी मांगी गई।

गौरतलब है की देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कामकाज ठप होने की वजह से प्रवासी मजदूरों की आजीविका खतरे में पड़ गई। जिसके कारन शहरी इलाकों में रह रहे मजदूरों ने अपने स्थानीय आवासों का रुख कर लिया। लेकिन वाहन सेवा ठप होने के चलते प्रवासी पैदल ही घर जाने लगे थे, इस दौरान कई मजदूरों की एक्सीडेंट, भूख-प्यास और तबीयत खराब होने के कारण मरने की खबरें भी आई थी।