BREAKING NEWS

कर्नाटक संकट : सिद्धारमैया ने कहा-SC के पिछले आदेश के स्पष्टीकरण तक फ्लोर टेस्ट करना उचित नहीं◾कर्नाटक : CM कुमारस्वामी ने पेश किया विश्वास मत प्रस्ताव◾CM केजरीवाल का बड़ा ऐलान- अनधिकृत कॉलोनियों के मकानों की होगी रजिस्ट्री◾मुंबई पुलिस ने दाऊद इब्राहिम ने भतीजे रिजवान कासकर को किया गिरफ्तार◾मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ IT विभाग की कार्रवाई, 400 करोड़ का प्लॉट जब्त◾येद्दियुरप्पा ने किया दावा, बोले- सौ फीसदी भरोसा है कि विश्वास मत प्रस्ताव गिर जाएगा◾22 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर लॉन्च होगा चंद्रयान-2◾सरकार कुलभूषण जाधव की सुरक्षा और जल्द भारत लाने की कोशिश जारी रखेगी : जयशंकर ◾अयोध्या मामला : SC का आदेश, 2 अगस्त से होगी सुनवाई◾रामनाथ कोविंद ने नौ क्षेत्रीय भाषाओं में फैसले उपलब्ध कराने के प्रयासों की प्रशंसा की ◾कुलभूषण जाधव मामले में ICJ के फैसले की पकिस्तान PM इमरान ने की सराहना◾राहुल गांधी बोले- फिर उम्मीद जगी है कि जाधव एक दिन भारत लौटेंगे◾कर्नाटक : कांग्रेस विधायक रामालिंगा रेड्डी इस्तीफा लेंगे वापस, करेंगे सरकार के पक्ष में मतदान ◾कर्नाटक : कुमारस्वामी सरकार का फ्लोर टेस्ट आज◾हाफिज सईद की गिरफ्तारी का डोनाल्ड ट्रंप ने किया स्वागत, ट्वीट कर कही ये बात ◾पीएम मोदी सहित कई दिग्गज नेताओं ने कुलभूषण जाधव पर ICJ के फैसले का किया स्वागत◾कुलभूषण जाधव ICJ के फैसले पर सुषमा ने मोदी को कहा शुक्रिया◾ICJ में भारत की बड़ी जीत : 15-1 से कुलभूषण यादव के पक्ष में गया फैसला , फांसी पर रोक ◾ICJ : जाधव मामले में पाकिस्तान ने विएना संधि का उल्लंघन किया, अब लगा तगड़ा झटका◾प्रधानमंत्री मोदी ने 47 से 56 वर्ष आयु वर्ग के भाजपा सांसदों से की मुलाकात ◾

देश

राजीव गांधी हत्याकांड मामले में नलिनी की याचिका पर फैसला सुरक्षित

चेन्नई : मद्रास उच्च न्यायालय ने राजीव गांधी हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन की एक याचिका पर अपना फैसला शुक्रवार को सुरक्षित रख लिया। 

इस याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल को उसे रिहा करने के नौ सितम्बर, 2018 के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने का निर्देश देने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति आर.सुबैया और न्यायमूर्ति सी. सर्वनन की पीठ ने इस याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ के समक्ष नलिनी के वकील ने लिखित दलीलें रखीं। 

नलिनी के वकील ने दावा किया है कि न्यायालय, राज्यपाल को आदेश दे सकता है। उन्होंने पहले दायर की गई एक याचिका का उल्लेख किया, जिसमें राज्यपाल को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह विधानसभा के पटल पर बहुमत साबित करने के लिये तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को आमंत्रित करें। 

महाधिवक्ता ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 361 (1) के तहत राज्यपाल को पूर्ण छूट हासिल है और इसलिये राज्यपाल को कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता है। 

राज्य मंत्रिमंडल ने इस हत्याकांड में दोषी वी श्रीहरन उर्फ मुरूगन, टी सुथनथीरराजा उर्फ संतन, एजी पेरारीवलन उर्फ अरिवू, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और नलिनी को संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत रिहा करने का फैसला किया था।