राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बुधवार को म्यामां में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्हें भारत में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि देश में कारोबार, सामाजिक उपक्रम और सांस्कृतिक संपर्कों के लिये काफी अवसर हैं।

उन्होंने कहा कि भारत इस समय बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। कोविंद पूर्वी देशों के साथ कार्य करने (एक्ट ईस्ट) और ‘पहले पड़ोसी’ के सिद्धांतों के तहत म्यामां के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय गतिविधियों को जारी रखने के क्रम में यहां आये हुए हैं।

राष्ट्रपति ने यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं आपके लिये भारत में रह रहे 1.3 अरब लोगों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं।’’

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उन्होंने कहा कि म्यामां आकर्षक लेकिन चुनौतीपूर्ण रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। कोविंद ने कहा, ‘‘मैं यहां म्यामां को आश्वस्त करने के लिये आया हूं कि भारत बेहतर भविष्य के लिये आपकी आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद के लिये हमेशा तैयार है।’’

भारत में अवसरों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश में व्यापार, सामाजिक उपक्रम और सांस्कृतिक संपर्कों के लिये पर्याप्त मौके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी को इस यात्रा से जुड़ने और इस भागीदारी को अधिक सार्थक बनाने के लिये आमंत्रित करता हूं।’’

कोविंद ने कहा, ‘‘हमारे पूर्वोत्तर के इलाकों और म्यामां के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों में काफी अधिक सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक समानताएं हैं ये क्षेत्र वृद्धि, समृद्धि और सुरक्षा के हमारे द्विपक्षीय दृष्टिकोण के केंद्र में हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘म्यामां की मेरी पहली यात्रा है। यह तीर्थयात्रा और घर आने जैसा है। इस देश में हजारों वर्ष की गौरवान्वित करने वाली बौद्ध परंपरा और विचार है…।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की तरह म्यामां भी एक विविधतापूर्ण देश है जहां विभिन्न जाति, संप्रदाय के लोग रहते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘म्यामां लोकतंत्र, शांति और आर्थिक विकास के मोर्चे पर एक साथ व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची के साहसिक नेतृत्व में म्यामां की सफलता इस देश के साथ-साथ दक्षिण एशिया और आसियान परिवार के लिये भी महत्वपूर्ण है।’’