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सरहदों की निगरानी के लिए ISRO लॉन्च करेगा कार्टोसैट-3, दुश्मन देशों की हरकतों पर रहेगी नजर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारत के सरहदों पर निगरानी के लिए तीन अर्थ ऑब्जर्वेशन या सर्विलांस सैटेलाइट लांच करने जा रहा है। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से 25 नवंबर को सुबह 9.28 बजे सर्विलांस सैटेलाइट ‘कार्टोसैट-3’ लॉन्च करने जा रहा है। इस सैटेलाइट के जरिए आसमान से सीमाओं पर नजर रखी जाएगी। 

इन तीन प्राथमिक सैटेलाइट के अलावा, तीन पीएसएलवी रॉकेट दो दर्जन से ज्यादा विदेशी और नैनो और माइक्रो सैटेलाइट्स को लेकर जाएंगे। कार्टोसेट-3 सैटेलाइट अंतरिक्ष में 509 किलोमीटर दूर 97.5 डिग्री के झुकाव के साथ कक्षा में स्थापित किया जाएगा। सैटेलाइट कार्टोसैट-3 कार्टोसैट सीरीज का नौवां सैटेलाइट होगा। 

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कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 1 फीट से भी कम (9.84 इंच) की ऊंचाई तक की तस्वीर ले सकेगा। कार्टोसैट-3 का वजन लगभग 1500 किलोग्राम है। यह थर्ड जेनरेशन के एडवांस्ड हाई रेजोल्यूशन वाले अर्थ इमेजिंग सैटेलाइटों में पहला है।  22 जुलाई को चंद्रयान-2 लॉन्च किया गया था। 

हालांकि, 7 सितंबर को यह चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में नाकाम रहा था। इसरो का पिछला नियमित रूप से काम करने वाला उपग्रह आरआईएसएटी-2बी था, जिसे 22 मई को लॉन्च किया गया।