BREAKING NEWS

शाहीन बाग में नहीं निकला कोई हल, महिलाएं वार्ताकारों की बात से नाखुश◾राम मंदिर निर्माण : अमित शाह ने पूरा किया महंत नृत्यगोपाल से किया वादा◾उद्धव ठाकरे शुक्रवार को नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलेंगे ◾UP के 4 स्टेशनों के नाम बदले, इलाहाबाद जंक्शन हुआ प्रयागराज जंक्शन◾J&K प्रशासन ने महबूबा मुफ्ती के करीबी सहयोगी पर लगाया PSA◾ओवैसी के मंच पर प्रदर्शनकारी युवती ने लगाए 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे, पुलिस ने किया राजद्रोह का केस दर्ज◾भारत में लोगों को Trump की कुछ नीतियां नहीं आई पसंद, लेकिन लोकप्रियता बढ़ी - सर्वेक्षण◾दिल्ली सहित उत्तर के कई इलाकों में बारिश , फिर लौटी ठंड , J&K में बर्फबारी◾Trump की भारत यात्रा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रूट पर CCTV कैमरे लगाने शुरू किए◾गांधी के असहयोग आंदोलन जैसा है सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध : येचुरी ◾AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में मंच पर पहुंचकर लड़की ने लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे◾महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन मिलने से लैंगिक समानता लाने की दिशा में मिलेगी सफलता : सेना प्रमुख◾मुझे ISI, 26/11 आंतकी हमलों से जोड़ने वाले BJP प्रवक्ताओं के खिलाफ करुंगा मानहानि का दावा : दिग्विजय◾अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान का संदर्भ व्यापार संतुलन से था, चिंताओं पर ध्यान देंगे : विदेश मंत्रालय◾राम मंदिर ट्रस्ट ने PM मोदी से की मुलाकात, अयोध्या आने का दिया न्योता◾अयोध्या में बजरंगबली की शानदार और भव्य मूर्ति बनाने के लिए ट्रस्ट से करेंगे अनुरोध - AAP◾अमित शाह सीएए के समर्थन में 15 मार्च को हैदराबाद में करेंगे रैली ◾AMU के छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ निकाला विरोध मार्च ◾भाकपा ने किया ट्रंप की यात्रा के विरोध में ‘प्रगतिशील ताकतों’, नागरिक संस्थाओं से प्रदर्शन का आह्वान◾TOP 20 NEWS 20 February : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾

ऐसा लगता है कि पटाखों की तुलना में वाहनों से कहीं ज्यादा प्रदूषण होता है : SC

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सवाल किया कि लोग पटाखा उद्योग के पीछे क्यों पड़े हैं जबकि ऐसा लगता है कि इसके लिये वाहन प्रदूषण कहीं अधिक बड़ा स्रोत हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केन्द्र से जानना चाहा कि क्या उसने पटाखों और आटोमोबाइल से होने वाले प्रदूषण के बीच कोई तुलनात्मक अध्ययन कराया है।

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने पटाखा निर्माण उद्योग और इसकी बिक्री में शामिल लोगों का रोजगार खत्म होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा, \"हम बेरोजगारी बढ़ाना नहीं चाहते हैं।\" पीठ ने केन्द्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसीटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से जानना चाहा, \"क्या पटाखों से होने वाले प्रदूषण और आटोमोबाइल से होने वाले प्रदूषण के बारे में कोई तुलनात्मक अध्ययन किया गया है ? ऐसा लगता है कि आप पटाखों के पीछे भाग रहे हैं जबकि प्रदूषण में इससे कहीं अधिक योगदान शायद वाहनों से होता है।\"

\"crackers\"

पीठ ने कहा, \"आप हमें बेरोजगारी पर अंकुश लगाने के बारे में भी कुछ बतायें। हम लोगों को बेरोजगार और भूखा नहीं रख सकते। ऐसे क्षेत्र हैं जहां पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकता है।\" पीठ ने कहा, \"हम उन्हें (रोजगार गंवाने वालों को) पैसा नहीं दे सकते। हम उनके परिवार को सहारा नहीं दे सकते। यह बेरोजगारी है।\"

पीठ ने यह सवाल भी किया कि पटाखों के निर्माण पर पाबंदी कैसे लगाई जा सकती है यदि यह कारोबार वैध है और लोगों के पास कारोबार करने का लाइसेंस है। पीठ ने टिप्पणी की, \"किसी ने भी अनुच्छेद 19 (जो कहता है कि नागरिकों को कोई भी पेशा अपनाने या नौकरी, कारोबार या व्यापार करने का अधिकार है) के संबंध में इस पहलू को नहीं परखा। यदि व्यापार कानूनी है और आपके पास इसके लिये लाइसेंस है तो आप कैसे इसे रोक सकते हैं? आप लोगों को कैसे बेरोजगार कर सकते हैं?\"

सुप्रीम कोर्ट देश भर में पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिये दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में दलील दी गयी है कि इनकी वजह से प्रदूषण में वृद्धि होती है। शीर्ष अदालत ने पिछले साल कहा था कि दीवाली और दूसरे त्यौहारों के अवसर पर देश में लोग शाम आठ बजे से दस बजे तक पटाखे चला सकते हैं। न्यायालय ने सिर्फ ‘‘हरित पटाखों के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी जिनमें आवाज कम होती है और हानिकारक रसायनों की मात्रा भी कम होती है।

इस मामले में सुनवाई के दौरान मंगलवार को अतिरिक्त सालिसीटर जनरल ने पीठ से कहा कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) और दूसरी विशेषज्ञ एजेन्सियां ने प्रयोग किया और उन्होंने \"हरित पटाखों\" में प्रयुक्त होने वाले मिश्रण का फार्मूला पेश किया है। इन पटाखों में बेरियम नाइट्रेट के इस्तेमाल के बारे में नाडकर्णी ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और शीर्ष अदालत ने भी इससे पहले नाइट्रेट पर प्रतिबंध लगा दिया था।

उन्होने कहा कि पटाखों से होने वाले प्रदूषण को देखने के मकसद से ही परीक्षण में इसका इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने सीएसआईआर और नीरी की बैठक की कार्यवाही के विवरण का हवाला दिया और कहा कि पेसो द्वारा संवद्धिर्त फार्मूले की उत्पादन के लिये मंजूरी 21 मार्च तक देने का लक्ष्य रखा गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल शंकरनाराण्यान ने वायु और ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुये कहा कि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी में वार्षिक प्रदूषण का 2.5 फीसदी त्यौहारों के दौरान कुछ दिन पटाखे चलाने की वजह से होता है।

पीठ ने जब पटाखा निर्माण और इनकी बिक्री से जुड़े लोगों का रोजगार खत्म होने का मुद्दा उठाया तो अतिरिक्त सालिसीटर जनरल ने कहा कि इसी वजह से हरित पटाखों की अवधारणा सामने आयी है। शंकरनारायणन ने भी कहा कि शीर्ष अदालत ने पटाखों के निर्माण पर प्रतिबंध लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है। पीठ को यह भी बताया गया कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण के साथ ही पराली जलाने की वजह से होने वाले वायु प्रदूषण का मुद्दा भी न्यायालय में लंबित है। इस मामले में अब तीन अप्रैल को आगे सुनवाई होगी।