BREAKING NEWS

राज्यसभा में पूर्वोत्तर की सभी पार्टियों ने नागरिकता विधेयक के पक्ष में वोट किया : गोयल ◾येचुरी ने सरकार पर लगाया आरोप कहा- भाजपा CAB के जरिए द्विराष्ट्र के सिद्धांत को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही है ◾नागरिकता विधेयक के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री के घर पर किया गया पथराव ◾नागरिकता संशोधन विधेयक को निकट भविष्य में अदालत में चुनौती दी जाएगी : सिंघवी ◾नागरिकता विधेयक को संसद की मंजूरी मिलने पर भाजपा ने खुशी जताई ◾सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो जाएगा CAB : चिदंबरम ◾नागरिकता विधेयक पारित होना संवैधानिक इतिहास का काला दिन : सोनिया गांधी◾मोदी सरकार की बड़ी जीत, नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा में हुआ पास◾ राज्यसभा में अमित शाह बोले- CAB मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं◾कांग्रेस का दावा- ‘भारत बचाओ रैली’ मोदी सरकार के अस्त की शुरुआत ◾राज्यसभा में शिवसेना का भाजपा पर कटाक्ष, कहा- आप जिस स्कूल में पढ़ रहे हो, हम वहां के हेडमास्टर हैं◾CM उद्धव ठाकरे बोले- महाराष्ट्र को GST मुआवजा सहित कुल 15,558 करोड़ रुपये का बकाया जल्द जारी करे केन्द्र◾TOP 20 NEWS 11 December : आज की 20 सबसे बड़ी खबरें◾कपिल सिब्बल ने राज्यसभा में कहा- विभाजन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताने पर माफी मांगें अमित शाह◾नागरिकता विधेयक के खिलाफ असम में भड़की हिंसा, पुलिस ने चलाई रबड़ की गोलियां◾चिदंबरम ने CAB को बताया 'हिन्दुत्व का एजेंडा', कानूनी परीक्षण में नहीं टिकने का जताया भरोसा◾इसरो ने किया डिफेंस सैटेलाइट रीसैट-2BR1 लॉन्च, सेना की बढ़ेगी ताकत ◾हैदराबाद एनकाउंटर: सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त करने का रखा प्रस्ताव ◾पाकिस्तान : हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद वित्तपोषण के आरोप तय◾मनमोहन सिंह की सलाह पर लाया गया है नागरिकता संशोधन विधेयक : भाजपा◾

देश

स्वास्थ्य कारणों से मंत्री नहीं बनना चाहता, जेटली ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

 arun jaitley

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के शपथग्रहण से एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नयी सरकार में मंत्री बनने में असमर्थता जाहिर की है। जेटली ने केन्द्र में बनने वाली नई सरकार में अपनी भूमिका को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही उहापोह को समाप्त कर दिया। 

उन्होंने खराब स्वास्थ्य के चलते नयी सरकार में मंत्री बनने से इनकार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजा गया अपना पत्र ट्विटर और फेसबुक पर भी डाला है। जेटली ने कहा कि हाल ही में संपन्न चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत मिलने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी अघोषित बीमारी का इलाज के लिये समय देने के बारे में मोदी को सूचित किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे औपचारिक रूप से यह निवेदन करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने लिये, अपनी चिकित्सा के लिये और अपने स्वास्थ्य के लिये कुछ समय चाहिए और इस कारण मुझे अभी नयी सरकार में कोई जिम्मेदारी न दी जाए।’’ जेटली को पिछले सप्ताह जांच एवं इलाज के लिये एम्स में भर्ती होना पड़ा था। 

उन्हें चुनाव परिणाम की घोषणा वाले दिन बृहस्पतिवार को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। हालांकि जेटली उस दिन शाम में भाजपा मुख्यालय में आयोजित जीत के जश्न समारोह में शामिल नहीं हो पाये थे। जेटली ने पत्र में लिखा कि पिछले 18 महीनों में उन्होंने कुछ गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे चिकित्सकों ने उनमें से अधिकांश चुनौतियों से मुझे सफलतापूर्वक बाहर निकाला है। जब चुनाव प्रचार खत्म हो चुका था और आप केदारनाथ जा रहे थे, तो मैंने आप से जुबानी कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान मुझे जो जिम्मेदारियां दी गयी थीं, मैं उन्हें पूरा करने में यद्यपि समर्थ रहा लेकिन भविष्य में कुछ समय के लिए मैं जिम्मेदारी से दूर रहना चाहूंगा। इससे मैं अपने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर ध्यान दे सकूंगा।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘आपके नेतृत्व वाली सरकार में पिछले पांच साल रह कर काम करना मेरे लिये बड़े गर्व की बात है और यह एक शिक्षाप्रद अनुभव रहा है। इससे पहले भी पार्टी ने मुझे पहली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में, पार्टी संगठन में और जब हम विपक्ष में थे तब भी मुझे विभिन्न दायित्व सौंपा। मैं अब इससे अधिक की अपेक्षा कर भी नहीं सकता था।’’ जेटली 2009 से 2014 के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं। जेटली पेशे से वकील हैं और मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे महत्वपूर्ण मंत्री रहे हैं। 

उन्होंने अक्सर सरकार के लिये मुख्य संकटमोचक का काम किया है। उन्होंने वित्त मंत्री रहते हुए संसद में जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों को बढ़ाया। यह दो दशक से लंबित था। वह तीन तलाक जैसे मुद्दों पर आये कानूनों को आगे लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। राफेल सौदे का बचाव करने में भी वह बहुत मुखर रहे। जेटली खराब स्वास्थ्य के कारण इस बार चुनाव नहीं लड़े। 

वर्ष 2014 में वह अपने पहले संसदीय चुनाव में अमृतसर से हार गये थे। जेटली कई साल तक पार्टी के प्रवक्ता रहे। वह पहली बार 47 वर्ष की उम्र में गुजरात से राज्यसभा पहुंचे। तब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। जेटली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया। उन्होंने कुछ समय तक रक्षा मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का भी काम संभाला।