BREAKING NEWS

गोवा चुनाव 2022: BJP ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी सूची, जानें किसे कहा से मिला टिकट◾बिहार: गया में नाराज छात्रों ने ट्रेन की बोगी में लगाई आग, श्रमजीवी एक्सप्रेस पर किया पथराव◾गणतंत्र दिवस 2022: अग्रिम मोर्चे के कर्मी, मजदूर और ऑटो ड्राइवर बने स्पेशल गेस्ट, मिला बड़ा सम्मान◾गणतंत्र दिवस परेड: राजपथ पर 75 विमानों का शानदार फ्लाईपास्ट, वायुसेना की शक्ति देख दर्शक हुए दंग ◾गणतंत्र दिवस 2022: परेड में वायुसेना की झांकी का हिस्सा बनीं देश की पहली महिला राफेल विमान पायलट◾गणतंत्र दिवस 2022: परेड में होवित्जर तोप से लेकर वॉरफेयर की दिखी झलक, राजपथ बना शक्तिपथ◾गणतंत्र दिवस समारोह: PM मोदी उत्तराखंड की टोपी और मणिपुरी स्टोल में आए नजर, दिया ये संकेत◾यूपी: रायबरेली में जहरीली शराब पीने से चार की मौत, 6 लोगों की हालत नाजुक◾RPN सिंह के भाजपा में शामिल होने पर शशि थरूर का कटाक्ष, बोले- छोड़कर जा रहे हैं घर अपना, उधर भी सब अपने हैं◾दिल्ली में ठंड का कहर जारी, फिलहाल बारिश होने के आसार नहीं: आईएमडी◾RRB-NTPC Exam: परीक्षार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद रेलवे ने भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, जांच के लिए बनाई समिति◾विधानसभा चुनाव तक चलेगी हिंदू-मुसलमानको लेकर तीखी बयानबाजी: राकेश टिकैत◾World Corona: दुनियाभर में जारी है कोरोना का कोहराम, संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 35.79 करोड़ के पार◾Corona Update: देश में तीसरी लहर का सितम जारी, संक्रमण के 2 लाख 85 हजार से अधिक नए केस, 665 लोगों की मौत ◾दिल्ली: गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 27,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात◾गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं◾PM मोदी असली नायकों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पद्म पुरस्कार पर कहा ◾बुद्धदेव को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा से पहले उनकी पत्नी को इसके बारे में सूचित किया गया था : सूत्र ◾प्रधानमंत्री ने पद्म पुरस्कार विजेताओं को दी बधाई ◾गणतंत्र दिवस : 189 वीरता पदक सहित 939 पुलिस पदक दिये जाने की घोषणा ◾

कंधार प्रकरण भारत के आधुनिक इतिहास में आतंकवादियों के लिए सबसे खराब आत्मसमर्पण: सुब्रमण्यम स्वामी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और अकसर अपनी पार्टी लाइन से अलग राय रखने वाले सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि 1999 में अफगानिस्तान के कंधार में अगवा कर लिये गये इंडियन एयरलाइंस के यात्रियों के बदले में आतंकवादियों की रिहाई भारत के आधुनिक इतिहास में आतंकवादियों के सामने ‘सबसे बुरा आत्मसमर्पण’ रहा है।
भाजपा नेता स्वामी की ‘ह्यूमन राइटस एंड टेरेरिज्म इन इंडिया’ नामक एक नयी पुस्तक आयी है, जिसमें यह बताया गया है कि कैसे आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए उचित प्रतिबंधों के भीतर मानवीय और मौलिक अधिकारों के साथ सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है, जो संविधान द्वारा अनुमत है और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जिसे बरकरार रखा गया है। उनका कहना है कि इस अध्ययन की मान्यता है कि आतंकवाद को रोकने के लिए भारत को एक राष्ट्र के रूप में पहचान की अवधारणा को बढ़ावा देना चाहिए।
वह पुस्तक में लिखते हैं, ‘‘ इस पहचान से मानवाधिकार की आधारिशला का पुनर्गठित किया गया हो। तब, सुरक्षित मानवाधिकार के साथ आतंकवाद का मुकाबला करने की रणनीति तैयार की जा सकती है।’’ हर-आनंद प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में कहा गया है, ‘‘ जो राष्ट्र विखंडित हो गये, उनके विपरीत जो एकजुट रहे हैं, उनके अध्ययन से ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय एकता का मूलभूत तत्व ‘ हम कौन हैं’ की हमारी पहचान की अवधारणा है जिसे एक निश्चित भौगोलिक-राजनीतिक सीमा के अंदर के लोग स्वीकार करें। इस अवधारणा को हालांकि पोषित, नवीकृत, निरंतर समृद्ध, और आधारित किया जाना है।’’
स्वामी के अनुसार भारत आज ‘‘पाकिस्तान, तालिबान नियंत्रित अफगानिस्तान, आईएसआईए और अन्य धर्म आधारित आतंकवादियों एवं चीन समर्थित पूर्वोत्तर के उग्रवादियों से घिरा है तथा हमें अब इनका टुकड़ों- टुकड़ों में या तात्कालिक आधार पर नहीं बल्कि प्रभावी पूर्ण समाधान करने की जरूरत है।’’ वह कहते हैं, ‘‘इससे पहले प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष विध्वंसकारी शक्तियों के ऐसे विकट समूह ने कभी भारत की भौगोलिक अखंडता पर ऐसा खतरा पैदा नहीं किया एवं हिंसा के जरिए भारत की शांतिप्रिय जनता को आतंकित नहीं किया।”
राज्यसभा सदस्य दावा करते हैं कि आतंकवादियों का राजनीतिक लक्ष्य ‘‘हिंदू सभ्यता को नष्ट करने के लिए हिंदुओं की हिम्मत तोड़ना एवं भारत की हिंदू बुनियाद को कमजोर करना है” तथा सरकार को कभी भी उनकी किसी मांग के आगे “घुटने नहीं टेकने चाहिए।’’ वह लिखते हैं, ‘‘1999 में अफगानिस्तान के कंधार में अगवा कर लिये गये इंडियन एयरलाइंस के यात्रियों के बदले में जैश ए मोहम्मद के मोहम्मद अजहर समेत तीन दुर्दांत आतंकवादियों की रिहाई आतंकवादियों के सामने विनाशकारी आत्मसमर्पण का उदाहरण है।’’