नई दिल्ली : कर्नाटक में एक बार फिर सियासी नाटक का दौर दिखने लगा है। कांग्रेस-जेडीएस सरकार को बने ज़्यदा समय नहीं हुआ है। लेकिन इस महागठबंधन में अभी से ही खटर-पटर सुनाई देने लगी है। कहा जा रहा है कि पूर्व सीएम सिद्धारमैया नाराज हैं और उनकी नाराजगी कर्नाटक सरकार को भारी पड़ सकती है। सियासी हलके में तो यहां तक चर्चा है कि 5 जुलाई को आने वाले बजट से पहले ही कुमारस्वामी की कुर्सी हिल सकती है। अब खबर आ रही है कि असंतुष्ट सिद्धारमैया से मिलने एक मंत्री समेत कांग्रेस के 9 विधायक दक्षिण कन्नडा जिले के बेलतानगडी पहुंच रहे हैं।

पूर्व सीएम के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में कुछ बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। पिछले कुछ दिनों से सिद्धारमैया लगातार सीएम कुमारस्वामी को लेकर अपना असंतोष जाहिर कर रहे हैं। इससे न केवल जेडीएस विधायकों में रोष बढ़ रहा है बल्कि कांग्रेस के भी कई नेताओं में असंतोष फैल रहा है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, जो जेडी (एस)-कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष भी हैं, का कहना है कि वह इस समय पूर्णतया ब्रेक पर हैं और अपने उपचार के दौरान फोन कॉल्स भी नहीं उठा रहे हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि उनकी अपने विश्वसनीय एसटी सोमशेखर, बी सुरेश और एन मुनिरत्न के साथ लगातार बातचीत जारी है।

कर्नाटक की गठबंधन सरकार अपने ही मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी के चलते भंवर में फंसती दिख रही है। वहीं कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं की ओर से बातचीत के प्रयास बिल्कुल नहीं दिख रहे हैं। कर्नाटक सरकार के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल यह भी है कि कांग्रेस के अधिकतर नाराज नेता सरकार गिराने के लिए बीजेपी से संपर्क कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अब असंतुष्ट पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से विधायकों की मुलाकात की खबर सामने आने के बाद गठबंधन सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

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